Meerut: एनएच-58 पर ट्रैफिक में गिरावट, जाम से मिली राहत, प्रधानमंत्री की अपील का दिखा असर
प्रधानमंत्री की पेट्रोल-डीजल बचत की अपील के बाद एनएच-58 पर ट्रैफिक में करीब 10 से 12 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गई है। सिवाया टोल प्लाजा के आंकड़ों के अनुसार वाहनों की संख्या कम होने से जाम से राहत मिली है, हालांकि टोल राजस्व पर असर पड़ा है।
विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डीजल-पेट्रोल की बचत करने की अपील का असर हाइवे पर नजर आने लगा है। दिल्ली-देहरादून हाईवे पर वाहनों की संख्या में गिरावट दर्ज की गई है। वाया टोल प्रबंधन के आंकड़ों के अनुसार मई के दूसरे पखवाड़े में टोल से गुजरने वाले वाहनों की संख्या में 10 से 12 प्रतिशत तक गिरावट आई है।
पहले टोल प्लाजा से प्रतिदिन करीब 40 से 44 हजार वाहन गुजरते थे, अब यह संख्या घटकर 38 से 39 हजार के बीच रह गई है। दिल्ली से मेरठ, मुजफ्फरनगर और देहरादून जाने वाले वाहनों का मुख्य दबाव झेलने वाला एनएच-58 अब अपेक्षाकृत खाली नजर आने लगा है और लोगों को जाम से भी मुक्ति मिली है।
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टोल प्लाजा से गुजरने वाले वाहनों का आंकड़ा
9 मई : 38 हजार
10 मई : 40 हजार
11 मई : 33 हजार
12 मई : 29 हजार
13 मई : 27 हजार
टोल प्रबंधन भी मान रहा बदलाव
टोल प्लाजा के मैनेजर अनुज कुमार का कहना है कि दिल्ली-देहरादून ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे शुरू होने और प्रधानमंत्री की अपील के बाद हाईवे पर वाहनों की संख्या में गिरावट दर्ज की गई है। वाहन चालक समय बचाने के लिए एक्सप्रेसवे का उपयोग कर रहे हैं। पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने के लिए प्रधानमंत्री की अपील के बाद लोग जागरूक हो रहे हैं।
जाम से राहत लेकिन राजस्व पर असर
एनएच-58 पर ट्रैफिक कम होने से यात्रियों को जाम से राहत मिल रही है, लेकिन टोल प्लाजा के राजस्व में गिरावट की बढ़ गई है। कम वाहनों के कारण टोल कलेक्शन प्रभावित हो रहा है। हालांकि स्थानीय यात्रियों और छोटे वाहनों की आवाजाही अभी भी इस मार्ग पर बनी हुई है लेकिन लंबी दूरी के वाहनों का रुख तेजी से बदल रहा है।