लाडली के कत्ल की दर्दनाक कहानी... दोस्त ने ऐसे दिया था वारदात को अंजाम
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मेरठ पुलिस की जांच के अनुसार दिवोल्का की हत्या उसका दोस्त सावन कर सकता हैं, ये कोई नहीं जानता था। सावन दिवोल्का से एकतरफा प्यार करता था। सावन का नाम आया तो किसी को यकीन भी नहीं आया। सिवाया टोल प्लाजा पर सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में स्कूटी पर सावन के साथ दिवोल्का बैठी है, तब जाकर सबको यकीन आया। पुलिस के अनुसार सावन ने दिवोल्का को कॉल करके सोफिया स्कूल के सामने बुलाया था। उसके बाद वह उसे दौराला की तरफ लेकर चल पड़ा। दिवोल्का ने विरोध भी किया था।
मोबाइल नहीं हुआ बरामद
सीनियर अधिवक्ता प्रमोद त्यागी कहते हैं कि पुलिस दिवोल्का का मोबाइल बरामद नहीं कर सकी। आमजन ने नाराजगी भी जताई। सावन ने बताया था कि उसने मोबाइल दिवोल्का से छीनकर झाड़ियों में फेंक दिया था। पुलिस ने आरोपी के पिता, दादा को सुबूत मिटाने का आरोपी बनाया। 22 गवाह बनाए। टोल प्लाजा की फुटेज, मोबाइल सीडीआर और मौका-ए-वारदात के साक्ष्य शामिल किए गए। एडवोकेट प्रमोद त्यागी ने बताया है कि धाराओं में उम्रकैद से फांसी तक की सजा का प्रावधान है।
इसकी जानकारी मुझे नहीं है। आगरा से फोरेंसिक रिपोर्ट मंगाई जाएगी। दिवोल्का के हत्यारोपियों के खिलाफ सारे सुबूत जुटाकर कोर्ट में पेश करने का काम पुलिस का है। लापरवाही करने वाले पुलिसकर्मियों पर जांच की जाएगी। -राजेश कुमार पांडेय, एसएसपी
बेटी को इंसाफ मिल जाए
दिवोल्का अपने माता-पिता की लाड़ली थी। प्रदीप और उनकी पत्नी रुबी आज भी दिवोल्का का नाम आते ही फफकने लगते हैं। कहते हैं कि वे जिंदगी भर बेटी के जाने का गम नहीं भूल सकते। बस अब तो बेटी को इंसाफ मिल जाए, यही आस लगाकर कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं। हत्यारोपी को फांसी की सजा होनी की आस लगाए हैं।
जिला जज की कोर्ट में विचाराधीन
सीनियर अधिवक्ता प्रमोद त्यागी ने बताया कि पुलिस ने 31 दिसंबर 2014 को चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। 4 मार्च 2016 को चार्ज बना। केस में अब वादी और मुख्य गवाह प्रदीप यादव की गवाही हुई है। लेकिन फोरेंसिक की रिपोर्ट न आने के चलते गवाही रुकी हुई है। अदालत कई बार पुलिस को आदेश कर चुकी है कि फोरेंसिक की रिपोर्ट आगरा से मांगाकर कोर्ट में प्रस्तुत करे, ताकि सुनवाई और गवाही आगे चल सके। वहीं, सावन, राजीव और वेदप्रकाश जेल से जमानत पर बाहर हैं।
ये भेजे थे नमूने
पुलिस ने आगरा की फोरेंसिक लैब में जांच के लिए दिवोल्का और आरोपी सावन के कपड़े, जिस रस्सी से गला घोटा था, आरोपी के फिंगर प्रिंट समेत आठ ऐसे ठोस सुबूत भेजे थे, जिनका मिलान होना बेहद जरूरी है। पुलिस ने रिपोर्ट तो भेज दी। लेकिन उसको लेने के लिए सिर्फ एक बार आगरा गई। इसको लेकर पीड़ित परिवार में आक्रोश है।
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