यूपी: पुरानी पेंशन बहाली को लेकर कर्मचारियों का एलान, टकराव की स्थिति
पुरानी पेंशन बहाली पर सरकार और कर्मचारी आमने-सामने आ गए हैं। शासन स्तर पर बात नहीं बनने के बाद एक तरफ जहां कर्मचारियों ने आंदोलन का एलान कर दिया है, वहीं दूसरी तरफ शासन की तरफ से कार्य नहीं तो वेतन नहीं का आदेश जारी करते हुए सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
ऐसे में टकराव की स्थिति बनती नजर आ रही है। कर्मचारियों ने मंगलवार से ही आंदोलन का एलान किया था और उसके तहत शिक्षकों और तमाम विभागों के सरकारी कर्मचारियों ने इकट्ठा होकर बाइक रैली निकालते हुए कलक्ट्रेट पर ज्ञापन दिया।
इसके बाद सभी ने बुधवार से तालाबंदी करते हुए हड़ताल पर जाने का भी एलान कर दिया है। वहीं दूसरी तरफ शासन की तरफ से मुख्य सचिव डॉ. अनूप चंद पांडे ने सोमवार को ही सभी जिलाधिकारियों को दिशा निर्देश जारी किए हैं।
मुख्य सचिव ने पत्र में कहा है कि प्रत्येक सरकारी सेवक हर समय अपनी ड्यूटी के प्रति पूर्ण निष्ठा एवं समर्पण रखेगा। कोई सरकारी सेवक अपनी सेवा या अन्य किसी सरकारी सेवक की सेवा संबंधी मामलों में किसी भी प्रकार की हड़ताल के लिए न तो सहायता करेगा और न ही उसमें शामिल होगा। यदि कोई ऐसा करता है तो यह सरकारी सेवक आचरण नियमावली का उल्लंघन माना जाएगा और इस पर कार्रवाई तय की जाएगी।
साथ ही यदि कोई कर्मचारी धरना, प्रदर्शन आदि में शामिल होता है, तो उसे काम नहीं तो वेतन नहीं सिद्धांत के आधार पर हड़ताल की अवधि का वेतन भुगतान न किया जाए। साथ ही हड़ताल में शामिल होने के लिए अवकाश मांगने वालों का अवकाश भी स्वीकृत न किया जाए।
वहीं दूसरी तरफ इस आदेश को लेकर पुरानी पेंशन बहाली मंच ने भी मोर्चा खोल दिया है। मंच के जिलाध्यक्ष राकेश तोमर, गिरीजाकांत और बनी सिंह चौहान आदि ने कहा कि अब मांग पूरी नहीं होने तक आरपार की लड़ाई होगी। शासन ने उनकी मांग नहीं मानी, तो अब वह इस कार्रवाई के लिए भी तैयार हैं।
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