अमर उजाला की खास रिपोर्ट: अब मरीजों को नहीं मिलेगी ‘तारीख पर तारीख’
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मेडिकल कॉलेज के रेडियोलॉजी विभाग में मैग्नेटिक रोजेनेंस इमेजिंग (एमआरआई), सीटी स्कैन और अल्ट्रासाउंड के लिए अभी तक मरीजों को लंबी तारीखें दी जाती थीं। एमआरआई और अल्ट्रासाउंड के लिए तो मरीजों को दो-तीन माह तक इंतजार करना पड़ रहा था। अब इस व्यवस्था को खत्म किया जा रहा है। अब आप अगर ये जाचें कराने रेडियोलॉजी विभाग में जाएंगे तो आपको तारीख नहीं मिलेगी, उसी दिन जांचें होंगी।
रेडियोलॉजी विभाग के सीनियर टेक्नीशियन आरआर मिश्रा ने बताया कि पिछले एक साल में करीब 20 हजार मरीज ऐसे मिले हैं, जिन्हें तारीख दी गई थी, जब उनका नंबर आया तो वह जांच करा चुके थे।
पिछले साल मेडिकल में आए नौ लाख 50 हजार से ज्यादा मरीज
पिछले साल ओपीडी में जनवरी से दिसंबर तक 9 लाख 50 हजार 424 मरीज आए थे। इनमें 92 हजार 128 मरीज दिसंबर माह में आए। 12 महीनों में 33 हजार 289 मरीज भर्ती कराए गए।
मरीजों की सुविधा के लिए उठाया कदम
अभी तक यहां तारीख की व्यवस्था थी, जिसे खत्म कर दिया गया है। मरीजों को जांच में असुविधा न हो, इसलिए यह कदम उठाया गया है। - डॉ. एके तिवारी, प्रोफेसर, विकिरण सुरक्षा अधिकारी
गर्भवती महिलाओं का हर रोज होगा अल्ट्रासाउंड
अभी तक मेडिकल में गर्भवती महिलाओं का दो दिन (मंगलवार और गुरुवार) अल्ट्रासाउंड होता था, लेकिन अब इस व्यवस्था को भी खत्म कर दिया गया है। अब गर्भवती महिलाओं का भी हर रोज अल्ट्रासाउंड होगा। उन्हें तारीख नहीं दी जाएगी। अगर कोई जांच से वंचित रह जाती है तो उसका अगले दिन नंबर आएगा।
स्टाफ की कमी से जूझ रहा है विभाग
पद जरूरत तैनात
सीनियर रेजिडेंट छह एक
रेडियोग्राफर आठ चार
रूम असिस्टेंट चार तीन
अटेंडेंट चार चार
स्टोर कीपर एक एक
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