{"_id":"b85d4a8cd0a3ef233b8e558276c86669","slug":"meerut-nigar-nigam-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अवैध कब्जों पर चलेगा बुलडोजर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अवैध कब्जों पर चलेगा बुलडोजर
ब्यूरो/अमर उजाला मेरठ
Updated Mon, 31 Aug 2015 01:41 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शहर में जगह-जगह नगर निगम की सरकारी भूमि पर लोगों ने अवैध स्थाई कब्जे कर लिए हैं। हालांकि ये सभी कब्जे निगम प्रशासन से मिलीभगत करके ही हुए हैं। अब नगरायुक्त ने ऐसे सभी अवैध कब्जों पर बुलडोजर चलाने की योजना तैयार की है, जिनपर अब से पहले निगम के अधिकारी केवल नोटिस की कार्रवाई करके पल्ला झाड़ते रहे हैं।
नगरायुक्त ने पहले बड़े माफिया पर शिकंजा कसने की योजना बनाई है। निगम प्रशासन की मानें तो जहां सरकारी भूमि पर खड़े सभी अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलेगा वहीं विरोध करने वालों पर एफआईआर दर्ज होगी।
नगर निगम की अरबों रुपये की भूमि पर लोगों ने कब्जा कर लिया हैं। वार्ड पार्षद हो या क्षेत्रीय लोग सभी समय समय पर निगम अधिकारियों को भूमि पर कब्जे की सूचना देते रहे हैं, लेकिन निगम अधिकारी केवल नोटिस देकर इतिश्री कर लेते हैं।
विज्ञापन
साथ ही कहते हैं कि कब्जा हटवाने केे लिए पुलिस नहीं मिल रही है और बगैर मजिस्ट्रेट के कब्जा नहीं हटवा सकते। अब नगरायुक्त उमेश प्रताप ने कंकरखेड़ा, शास्त्रीनगर और दिल्ली रोड जोन के अधिशासी अभियंता, संपत्ति अधिकारी, निगम के लेखपालों से ऐसी संपत्तियों की सूची तैयार कराई है, जिनपर स्थानीय लोगों ने कब्जे कर लिए हैं। अभी तक लगभग 14 संपत्तियों को सूची में शामिल किया गया है।
संपत्ति विभाग की खुल रही पोल
नगर निगम की भूमि पर कब्जे और हटाने के लिए पुलिस फोर्स न मिलने के बहाने की भी पोल खुलनी शुरू हो गई है। संपत्ति अधिकारी राजेश कुमार सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों को न रोक पाने के पीछे पुलिस फोर्स न मिलने का बहाना करते रहे, लेकिन अब लगातार चल रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान में पुलिस की कमी का न तो कोई रोना रोया जा रहा है और न ही फोर्स की कमी है। निर्धारित तिथियों पर अतिक्रमण हटाया जा रहा है।
ये है कार्य योजना
नगरायुक्त द्वारा तैयार कराई गई कार्य योजना में स्पष्ट है कि एक दिन में किस-किस संपत्ति को अतिक्रमण मुक्त किया जा सकता है। इसके लिए कितनी फोर्स की जरूरत है। मजिस्ट्रेट की तैनाती की व्यवस्था की गई है। बड़े माफिया पर नगरायुक्त का फोकस है। इनमें कई संपत्तियां ऐसी भी बताई जा रही हैं, जिनपर बहुमंजिली इमारत खड़ी कर ली गई है।
पार्क, ढलावघर आदि बनेंगे
नगरायुक्त द्वारा बनाई गई अवैध कब्जों के खिलाफ कार्ययोजना पर अगर राजनीतिक दबाव नहीं पड़ा तो वह ऐतिहासिक होगी। नगर निगम की बेशकीमती भूमि कब्जा मुक्त होगी। उस भूमि पर जनहित में पार्क, ढलावघर, पानी की टंकी आदि का निर्माण किया जाएगा।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक निगम की बहुत संपत्ति पर स्थाई कब्जे हैं। सभी की सूची तैयार करा ली गई है। एक सिरे से सभी पर बुलडोजर चलाया जाएगा। पहले बड़े माफिया की ही सूची तैयार कराई गई है, ताकि बड़ों पर कार्रवाई के बाद छोटे अपने ही आप ही भूमि को खाली कर दें। जरूरत पड़ने पर एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी। उमेश प्रताप, नगरायुक्त
विज्ञापन
नगरायुक्त ने पहले बड़े माफिया पर शिकंजा कसने की योजना बनाई है। निगम प्रशासन की मानें तो जहां सरकारी भूमि पर खड़े सभी अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलेगा वहीं विरोध करने वालों पर एफआईआर दर्ज होगी।
विज्ञापन
नगर निगम की अरबों रुपये की भूमि पर लोगों ने कब्जा कर लिया हैं। वार्ड पार्षद हो या क्षेत्रीय लोग सभी समय समय पर निगम अधिकारियों को भूमि पर कब्जे की सूचना देते रहे हैं, लेकिन निगम अधिकारी केवल नोटिस देकर इतिश्री कर लेते हैं।
विज्ञापन
साथ ही कहते हैं कि कब्जा हटवाने केे लिए पुलिस नहीं मिल रही है और बगैर मजिस्ट्रेट के कब्जा नहीं हटवा सकते। अब नगरायुक्त उमेश प्रताप ने कंकरखेड़ा, शास्त्रीनगर और दिल्ली रोड जोन के अधिशासी अभियंता, संपत्ति अधिकारी, निगम के लेखपालों से ऐसी संपत्तियों की सूची तैयार कराई है, जिनपर स्थानीय लोगों ने कब्जे कर लिए हैं। अभी तक लगभग 14 संपत्तियों को सूची में शामिल किया गया है।
संपत्ति विभाग की खुल रही पोल
नगर निगम की भूमि पर कब्जे और हटाने के लिए पुलिस फोर्स न मिलने के बहाने की भी पोल खुलनी शुरू हो गई है। संपत्ति अधिकारी राजेश कुमार सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों को न रोक पाने के पीछे पुलिस फोर्स न मिलने का बहाना करते रहे, लेकिन अब लगातार चल रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान में पुलिस की कमी का न तो कोई रोना रोया जा रहा है और न ही फोर्स की कमी है। निर्धारित तिथियों पर अतिक्रमण हटाया जा रहा है।
ये है कार्य योजना
नगरायुक्त द्वारा तैयार कराई गई कार्य योजना में स्पष्ट है कि एक दिन में किस-किस संपत्ति को अतिक्रमण मुक्त किया जा सकता है। इसके लिए कितनी फोर्स की जरूरत है। मजिस्ट्रेट की तैनाती की व्यवस्था की गई है। बड़े माफिया पर नगरायुक्त का फोकस है। इनमें कई संपत्तियां ऐसी भी बताई जा रही हैं, जिनपर बहुमंजिली इमारत खड़ी कर ली गई है।
पार्क, ढलावघर आदि बनेंगे
नगरायुक्त द्वारा बनाई गई अवैध कब्जों के खिलाफ कार्ययोजना पर अगर राजनीतिक दबाव नहीं पड़ा तो वह ऐतिहासिक होगी। नगर निगम की बेशकीमती भूमि कब्जा मुक्त होगी। उस भूमि पर जनहित में पार्क, ढलावघर, पानी की टंकी आदि का निर्माण किया जाएगा।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक निगम की बहुत संपत्ति पर स्थाई कब्जे हैं। सभी की सूची तैयार करा ली गई है। एक सिरे से सभी पर बुलडोजर चलाया जाएगा। पहले बड़े माफिया की ही सूची तैयार कराई गई है, ताकि बड़ों पर कार्रवाई के बाद छोटे अपने ही आप ही भूमि को खाली कर दें। जरूरत पड़ने पर एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी। उमेश प्रताप, नगरायुक्त