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लिखित आश्वासन पर माने छोटूराम के शिक्षक
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
Updated Sun, 21 Feb 2016 02:20 AM IST
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सीसीएसयू के सर छोटूराम इंस्टीट्यूट में शिक्षक और कर्मचारियों का कार्य बहिष्कार शनिवार को लिखित आश्वासन पर खत्म हो गया। इसके बाद शिक्षक और कर्मचारी काम पर लौट गए। सोमवार से बीटेक छात्रों की क्लास चलेंगी। सेमेस्टर एग्जाम का सेंटर भी नहीं बदला जाएगा।
इंस्टीट्यूट के शिक्षक और कर्मचारी नए शासनादेश को लागू करने की मांग को लेकर बुधवार से कार्य बहिष्कार पर थे। शासनादेश में तनख्वाह पर 75 से 80 फीसदी खर्च करने, संविदा पांच साल करने, बेदाग शिक्षक और कर्मचारियों को संविदा खत्म होने पर प्राथमिकता देने और संस्थान का अलग एकाउंट होने और उसका ऑडिट कराने की बात शामिल है।
इसे लागू करने के लिए विरोध प्रदर्शन जारी था। कुलपति प्रो. एनके तनेजा से प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात के बाद शनिवार को 31 मई 2016 तक शासनादेश से जुड़ी संपूर्ण प्रक्रिया पूरी करने का आश्वासन दिया है।
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विवि ने कहा कि मामले में गठित समिति की रिपोर्ट आगामी कार्य परिषद की बैठक में रखी जाएगी। फिलहाल संस्थान को छात्रों से सालाना करीब 10 करोड़ रुपये की आय है। लगभग 150 शिक्षक और कर्मचारी हैं। शासनादेश लागू होने के बाद वेतन में ठीकठाक वृद्धि होगी।
क्वालिटी पर होगी नजर
वेतन बढ़ने के बाद विवि संस्थान की जवाबदेही बढ़ाएगा। नकल कराने की शिकायत मिलती रही है। उन पर कार्रवाई होगी। रेग्युलर क्लास और अच्छे रिजल्ट के लिए विवि सख्त होगा। विवि प्रशासन क्वालिटी को सख्ती करने जा रहा है।
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इंस्टीट्यूट के शिक्षक और कर्मचारी नए शासनादेश को लागू करने की मांग को लेकर बुधवार से कार्य बहिष्कार पर थे। शासनादेश में तनख्वाह पर 75 से 80 फीसदी खर्च करने, संविदा पांच साल करने, बेदाग शिक्षक और कर्मचारियों को संविदा खत्म होने पर प्राथमिकता देने और संस्थान का अलग एकाउंट होने और उसका ऑडिट कराने की बात शामिल है।
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इसे लागू करने के लिए विरोध प्रदर्शन जारी था। कुलपति प्रो. एनके तनेजा से प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात के बाद शनिवार को 31 मई 2016 तक शासनादेश से जुड़ी संपूर्ण प्रक्रिया पूरी करने का आश्वासन दिया है।
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विवि ने कहा कि मामले में गठित समिति की रिपोर्ट आगामी कार्य परिषद की बैठक में रखी जाएगी। फिलहाल संस्थान को छात्रों से सालाना करीब 10 करोड़ रुपये की आय है। लगभग 150 शिक्षक और कर्मचारी हैं। शासनादेश लागू होने के बाद वेतन में ठीकठाक वृद्धि होगी।
क्वालिटी पर होगी नजर
वेतन बढ़ने के बाद विवि संस्थान की जवाबदेही बढ़ाएगा। नकल कराने की शिकायत मिलती रही है। उन पर कार्रवाई होगी। रेग्युलर क्लास और अच्छे रिजल्ट के लिए विवि सख्त होगा। विवि प्रशासन क्वालिटी को सख्ती करने जा रहा है।