मेरठ: नगर निगम ने आवारा कुत्तों की नसबंदी कराने का अभियान किया शुरू, पहले दिन सीसीएसयू से पकड़े गए कुत्ते, टीके भी लगेंगे
मेरठ में कुत्ते लगातार लोगों को निशाना बना रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार पिछले साल जनवरी से लेकर दिसंबर तक 12480 लोगों को कुत्तों ने काटा। आज से नगर निगम ने इन कुत्तों की नसबंदी कराने के लिए अभियान शुरू किया है।
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मेरठ शहर में कुत्तों की संख्या पर नियंत्रण के लिए नगर निगम सोमवार को आवारा कुत्तों को पकड़कर नसबंदी करना शुरू करेगा। पहले दिन चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय परिसर से कुत्ते पकड़े जाएंगे।
इन्हें दिल्ली रोड स्थित शंकर नगर फेज दो में बनाए गए एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर में ले जाया जाएगा। रविवार को औरैया की कंपनी के कर्मचारी और चिकित्सक उपकरणों के साथ मेरठ पहुंच गए। नगर निगम नसबंदी के बाद कुत्तों को एंटी रेबीज वैक्सीन भी लगाएगा। प्रत्येक कुत्ते पर 998 रुपये का खर्च आएगा।
कंपनी कर्मचारी नसबंदी के बाद तीन दिन तक कुत्ते की देखभाल करेंगे। पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डॉ. हरपाल सिंह ने बताया कि बाद में कुत्ते वहीं छोड़ दिए जाएंगे जहां से पकड़े गए थे। इस पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी होगी।
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हर माह एक हजार से ज्यादा शिकार
कुत्ते लगातार लोगों को निशाना बना रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार पिछले साल जनवरी से लेकर दिसंबर तक 12480 लोगों को कुत्तों ने काटा। ये लोग एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने के लिए सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर गए।
बड़ी समस्या हैं आवारा कुत्ते
शहर में आवारा कुत्ते बड़ी समस्या हैं। निगम की बोर्ड बैठकों में भी कुत्तों से निजात का मुद्दा गूंजता रहा है। पूर्व में भी निगम ने बंदर और कुत्ते पकड़ने का अभियान चलाया, लेकिन सांसद मेनका गांधी की टीम पशु क्रूरता का हवाला दिया तो यह बंद हो गए।
प्रतिनिधिमंडल कर चुका है जांच
शंकर नगर में बने एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर में सुविधाओं की जांच के लिए मेनका गांधी द्वारा भेजे गए प्रतिनिधिमंडल ने भी कर ली है। इनकी हरी झंडी के बाद ही प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है।
इस माह 1120 को काटा
माह मरीज
जनवरी 914
फरवरी 1173
मार्च 1120
8178225606 और 9773727574 पर दें सूचना