फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Meerut: Modipuram will be develop as Institutional hub Under the Rapid Rail Project

मेरठ: रैपिड रेल प्रोजेक्ट के तहत ये क्षेत्र बनेगा इंस्टीट्यूशनल हब, जनता पर पड़ेगी टैक्स की मार

Fri, 11 Jan 2019 01:10 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Fri, 11 Jan 2019 01:10 PM IST
विज्ञापन
Meerut: Modipuram will be develop as Institutional hub Under the Rapid Rail Project
फाइल फोटो
सराय काले खां दिल्ली से मेरठ तक प्रस्तावित हाई स्पीड ट्रेन (रैपिड रेल) के प्रोजेक्ट के तहत गाजियाबाद में गुलधर और दुहाई स्टेशन के पास कॉमर्शियल हब विकसित किया जाएगा। इधर, मोदीपुरम में इंस्टीट्यूशनल हब बनेगा।
विज्ञापन


इतना ही नहीं, स्टेशनों के पास शॉपिंग मॉल डेवलप होंगे और इनमें स्टेशन से सीधी कनेक्टिविटी दी जाएगी। साथ ही यूपी सरकार जो पैसा इसमें इन्वेस्ट कर रही है, उसकी भरपाई के लिए प्राधिकरण तो अपने करों में बढ़ोतरी करेंगे ही, इससे जुड़े अन्य विभाग भी टैक्स वसूली करेंगे।
विज्ञापन


रैपिड रेल के इस प्रोजेक्ट पर 31,632 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसमें 18.7 फीसदी (5915.18 करोड़) अंशदान यूपी सरकार का है। प्रोजेक्ट में 60 फीसदी हिस्से के लिए एनसीआरटीसी मल्टीलेटरल व बिलेटरल लोन एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) से लिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन ने जीडीए, एमडीए को कई प्लान दिए हैं। इनमें गुलधर स्टेशन पर वेयरहाउस हब और दुहाई स्टेशन पर रेजिडेंशियल व कॉमर्शियल ऑफिस हब शामिल हैं।

जनता पर करों की पड़ेगी मार
लागत वसूली के लिए एनसीआरटीसी ने बंगलूरू मॉडल के तहत स्टांप ड्यूटी बढ़ाने, एक्स्ट्रा डेवलपमेंट चार्ज (ईडीसी) बढ़ाने, फ्लोर एरिया रेश्यो बढ़ाने के साथ मिश्रित भू-उपयोग के चार प्रस्ताव भी दिए हैं। एनसीआरटीसी के अधिकारियों व सलाहकारों ने जीडीए उपाध्यक्ष कंचन वर्मा के सामने प्रोजेक्ट के वित्तीय पहलुओं पर प्रजेंटेशन दिया। चूंकि आज शुक्रवार को जीडीए में आयुक्त अनीता सी. मेश्राम पूरे प्रोजेक्ट पर बैठक लेंगी, जिसमें मंथन ही आय जुटाने पर होना है तो इसकी जीडीए और एमडीए में तैयारी की गई। पूरा प्लान बनाया गया।

फाइनेंशियल मॉडल के लिए होने वाली बैठक में जीडीए उपाध्यक्ष, गाजियाबाद डीएम, मेरठ विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष, मेरठ डीएम और एनसीआरटीसी के अधिकारी शिरकत करेंगे। बैठक में निर्णय होने के बाद मास्टर प्लान में बदलाव सहित अन्य चार मॉडल को शासन की स्वीकृति के लिए भेजा जा सकता है। प्रजेंटेशन में ऐसे कई कदमों को उठाकर 30 साल में लागत वसूली की बात कही गई है। दूसरी ओर दुहाई व गुलधर स्टेशन के आसपास डिपो सहित अन्य गतिविधियों के लिए एनसीआरटीसी 400 एकड़ जमीन लेगा। 

रेपिड रेल
स्टेशन के पास हब  विकसित किए जाएंगे।
31632 करोड़ के प्रोजेक्ट में यूपी सरकार का हिस्सा 5915.18 करोड़।  
लागत वसूली को स्टांप ड्यूटी, एफएआर व ईडीसी बढ़ाने के साथ मिक्स लैंड यूज का प्रस्ताव दिया।
परतापुर में इंडस्ट्रीयल हब बनेगा।
 

1.5 किमी एरिया में विकसित होंगी सुविधाएं
गुलधर और दुहाई स्टेशन के बीच करीब 1.5 किमी एरिया में जीडीए की ओर से सड़क, सीवर, बिजली आदि सुविधाएं दी जाएंगी। वेयरहाउस, कॉमर्शियल ऑफिस हब व रेजिडेंशियल हब विकसित होगा।  इधर मेरठ में एफएआर बढ़ाया तो कॉरिडोर के आसपास ऊंची इमारतें बन सकेंगी, ताकि मानचित्र शुल्क, विकास शुल्क के रूप में काफी  पैसा आ सके। रैपिड रेल कॉरिडोर के मोदीपुरम स्टेशन के आसपास इंस्टीट्यूशनल, परतापुर के पास इंडस्ट्रीयल हब विकसित होगा।

82 किमी लंबा है कॉरिडोर
हाईस्पीड ट्रेन के दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ रोड के कॉरिडोर की पहले लंबाई 92 किमी थी। इसमें से मेरठ में एक स्टेशन कम किए जाने से लंबाई घटकर 82 किमी रह गई है। गाजियाबाद में कुल सात स्टेशनों में साहिबाबाद, मेरठ रोड तिराहे के पास, गुलधर में विकासनगर के सामने, दुहाई में बीबीडीआईटी इंस्टीट्यूट, मुरादनगर, मोदीनगर नॉर्थ में आईसीआईसीआई बैंक के सामने, मोदीनगर में मोदी गार्डन के सामने स्टेशन शामिल हैं।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें

https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed