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Meerut: बारिश में दिव्यांग कांवड़िये की भक्ति-जीवटता देख पसीजा कांस्टेबल का दिल, गोद में उठाकर कराया जलाभिषेक

Tue, 11 Aug 2026 10:02 PM IST
Mohd Mustakim अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ Published by: Mohd Mustakim Updated Tue, 11 Aug 2026 10:02 PM IST
सार

दिव्यांग अनिल बैंक में नौकरी मिलने की कामना लेकर हरिद्वार से गंगाजल लाए थे और औघड़नाथ मंदिर पर पहुंच गए थे। यहां हाथ-पैर से दिव्यांग कांवड़िये अनिल को सिपाही रितेंद्र यादव ने गोद में उठाकर जलाभिषेक कराया। 

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Meerut: Constable moved by the devotion and grit of a differently-abled Kanwariya amidst the rain
शिवभक्त के गोद में उठाकर जलाभिषेक कराया, फिर गंतव्य तक छोड़ा। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

तेज बारिश में मंगलवार सुबह हाथ-पैर से दिव्यांग कांवड़िये फर्रुखाबाद के अनिल पाल की भक्ति और जीवटता देख कांस्टेबल रितेंद्र यादव का दिल पसीज गया। औघड़नाथ मंदिर के पास कांस्टेबल ने कांवड़िये को गोद में उठा लिया और साथी पुलिसकर्मी छाता लेकर उनके पीछे चलने लगा। कांस्टेबल ने दिव्यांग को पहले औघड़नाथ मंदिर में जलाभिषेक कराया। इसके बाद उन्हें सोफीपुर स्थित कांवड़ सेवा शिविर में ले गए। यहां कांस्टेबल से आर्थिक रूप से कांवड़िये की मदद का प्रस्ताव रखा। इसे खुद्दार कांवड़िये ने ठुकरा दिया।
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मूलरूप से बुलंदशहर जिले के गुलावठी थाना क्षेत्र के सनौटा गांव निवासी कांस्टेबल रितेंद्र यादव सदर बाजार थाने में तैनात हैं। उनकी ड्यूटी औघड़नाथ मंदिर के पास लगी है। सुबह लगभग साढ़े दस बजे तेज बारिश हो रही थी। इसके बावजूद कांवड़िये मंदिर में जलाभिषेक करने पहुंच रहे थे। इसी दौरान मंदिर के गेट के पास खड़े रितेंद्र यादव की नजर फर्रूखाबद जिले के नवाबगंज निवासी अनिल पाल पर पड़ी।
 
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रितेंद्र यादव का कहना है कि अनिल पाल दोनों हाथ और पैर से दिव्यांग हैं। उन्होंने बीकॉम की पढ़ाई की है। बैंक में नौकरी की कामना के साथ वह लगभग घिसटते हुए हरिद्वार से कांवड़ (गले में गंगाजल की कैन) लेकर आए थे। रितेंद्र ने उन्हें गोद में उठाकर जलाभिषेक करा दिया। मंदिर के बाहर आकर उन्होंने कांवड़िये से पूछा कि भोले मैं आपकी और क्या मदद कर सकता हूं।
 
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कांवड़िये ने कहा कि उनका सामान लगभग तीन किमी दूर सोफीपुर के पास लगे कांवड़ सेवा शिविर में है। इसके बाद वह उन्हें पुलिस वाहन में सोफीपुर ले गए। यहां उन्होंने कांवड़ के कपड़े बदलवाए। उन्होंने किराये आदि के लिए आर्थिक मदद के लिए पांच सौ रुपये देने के लिए कहा लेकिन अनिल पाल ने पैसे लेने से इन्कार कर दिया।
 

एसएसपी अविनाश पांडेय ने बताया कि सभी पुलिसकर्मियों को ड्यूटी के साथ कांवड़िये की मदद के लिए भी प्रेरित किया था। जिले मेें तैनात पुलिसकर्मियों ने कांवड़ यात्रा के दौरान कांवड़ियों की मदद कर कई बार मिसाल पेश की है।
 
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