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अब मेडिकल कॉलेज में लगेगी बायोमैट्रिक मशीन

Thu, 16 Feb 2017 12:07 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ Updated Thu, 16 Feb 2017 12:07 PM IST
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medical college me lagegi biometric machine
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

देशभर के मेडिकल कॉलेजों में शैक्षिक और चिकित्सा गुणवत्ता सुधारने के लिए मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया सीसीटीवी से चिकित्सकों और स्टाफ पर नजर रखेगा। वहीं हाजिरी बायोमैट्रिक मशीन से लगेगी। लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज में तीन माह के अंदर यह व्यवस्था शुरू करने के लिए एमसीआई से निर्देश मिला है।

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मेडिकल कॉलेजों के अंदर शैक्षिक और चिकित्सा गुणवत्ता में गिरावट को लेकर तमाम स्तर पर सवाल उठते रहे हैं। इसके पीछे आरोप लगते रहे हैं कि शिक्षक क्लास में नहीं जाते और चिकित्सक ओपीडी में मरीज नहीं देखते। उनकी जगह कोई जूनियर डॉक्टर ही मरीजों को देखता है। ऐसा ही हाल लाला लाजपत राय मेमोरियल मेडिकल कॉलेज में है, लेकिन अब जल्द ही चिकित्सक से लेकर तमाम स्टाफ को टाइम का पाबंद होना पड़ेगा। केंद्र सरकार के डिजिटल मिशन मोड प्रोजेक्ट (डीएमएमपी) के तहत हर क्लास रूम और ओपीडी के अंदर सीसीटीवी कैमरा लगाया जाएगा। इसके साथ ही चिकित्सक व हर स्टाफ का बायोमैट्रिक डाटा संकलित किया जाएगा। इसका इलेक्ट्रानिक रेडियो फ्रीक्वेंसी इडेंटिफिकेशन (आरएफआईडी) पंजीकरण किया जाएगा। जिसके आधार पर चिकित्सकों व अन्य स्टाफ को कार्ड जारी जारी किए जाएंगे।
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बायोमैट्रिक मशीन से लगेगी हाजिरी
क्लास रूम में जाने से पहले चिकित्सक की बाहर लगी बायोमैट्रिक मशीन से हाजिरी लगेगी। इसी तरह ओपीडी में बैठने से पहले भी। इसके बाद ओपीडी और क्लास रूम में लगे कमरे के अंदर उनके नाम का ऑटोमैटिक रिकार्डिंग शुरू हो जाएगी। वीडियो रिकार्डिंग की बायोमैट्रिक डेटा के हिसाब से एमसीआई द्वारा गठित किए गए कंट्रोल रूम द्वारा की जाती रहेगी।  
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इसलिए लिया निर्णय
देशभर में 439 मेडिकल कॉलेज में डीएमएमपी को लागू करने का निर्देश एमसीआई ने दिया है। एमसीआई को शिकायतें मिल रही थी कि कुछ चिकित्सक एक से दो मेडिकल कॉलेज में क्लास लेते हैं। कुछ चिकित्सक मेडिकल कॉलेज में आते ही नहीं है बस एमसीआई के निरीक्षण के समय उन्हें बुला लिया जाता है। जबकि वो सैकड़ों किलोमीटर की दूरी पर रह रहे होते हैं। ऐसे में एमसीआई ने निर्देश दिया है कि मेडिकल कॉलेजों में सेवारत शिक्षक एवं चिकित्सक को एक देश एक पंजीकरण जारी किया जाएगा। यानी एक मेडिकल कॉलेज में अपने आप को चिकित्सक या शिक्षक के तौर पर कोई दिखाता है तो फिर वो दूसरी जगह पर नहीं जा सकता है।  

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