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मलबे के नीचे था दिल दहला देने वाला मंजर

Sun, 10 Jul 2016 02:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरों
अमर उजाला ब्यूरों Updated Sun, 10 Jul 2016 02:11 AM IST
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malbe me ghayal
मलबे में दबे लोगों को निकालने का प्रयास करते क्षेत्रीय लोग। - फोटो : अमर उजाला
 बंगला नंबर 210 बी का विशाल कांपलेक्स गिरने के बाद जब धुएं का गुब्बार छटा तो मलबे के नीचे दिल दहला देने वाला मंजर था। जितनी मुस्तैदी बिल्डिंग गिराने में दिखाई गई, अगर उतनी मलबा हटाने में दिखाई गई होती तो कुछ जान बचाई जा सकती थी। घायलों को मलबे से निकालने में करीब तीन घंटे लग गए। मलबे में फंसे लोगों को जब निकाला जा रहा था तो वहां मौजूद लोगों की चीख निकल रही थी।
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बिल्डिंग गिरने के बाद जब कैंट बोर्ड अधिकारियों को पता लगा कि कुछ लोग मलबे में दब गए हैं तो वह फौरन ही मौके से भाग खड़े हुए। जेसीबी के चालक भी मशीन छोड़कर भाग गए। मौके पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी ही रह गए। धमाके के साथ जब बिल्डिंग गिरने की आवाज दूर तक फैली तो आसपास के इलाके में दहशत फैल गई। लोगों की भीड़ वहां जुट गई। कुछ देर के लिए तो लोगों की समझ में नहीं आया।
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एक जेसीबी मशीन पंडित दीपक शर्मा (नान वाले) की दुकान का मलबा हटाने का काम कर रही थी। तेल खत्म होने पर वह बीच में रुक गई। जिसके कारण मलबा हटाने में देरी हुई। मलबा हटाने के काम में तेजी दिखाई गई होती तो शायद कुछ लोगों की जान बचाई जा सकती थी। बाद में दो जेसीबी लगाकर और सिविल डिफेंस के लोगों की मदद से मलबे में फंसे घायलों को बाहर निकाला गया।
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7:15 बजे निकाला पहला घायल
दोनों मशीन लगने के करीब 20 मिनट बाद पहले घायल को निकाला गया। वह दीपक शर्मा थे। खून से लथपथ देख लोगों की चीख निकल गई। स्वास्थ्य विभाग की एंबुलेंस से उन्हें फौरन अस्पताल ले जाया गया। लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया।

7:40 बजे दूसरा घायल निकाला
एक घायल बाहर आते ही लोगों के दिल की धड़कन बढ़ गई। मौके पर लोगों की भीड़ बढ़ती गई। करीब 25 मिनट बाद दूसरे घायल को निकाला गया। लोगों की मदद से फौरन एंबुलेंस तक लाया गया। भीड़ को हटाकर एंबुलेंस रवाना की।

8:02 बजे तीसरा घायल निकाला
खून से सने दो घायल मलबे से बाहर आने के बाद लोगों में गुस्सा बढ़ता जा रहा था। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी एंबुलेंस की व्यवस्था बनाने और भेजने में जुटे थे। 8:02 बजे तीसरे घायल को स्ट्रेचर से बाहर लाया गया।

8:10 बजे चौथा घायल निकाला
घायलों की हालत देखकर कैंट बोर्ड, पुलिस और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी तेज हो गई। चौथे घायल को 8:10 बजे एंबुलेंस में लाया गया। इस बार लोग एंबुलेंस के आगे खड़े हो गए। बोले, मौत हो चुकी है, पुलिस शव को यहां से हटाना चाहती है। घायल की सांस चलने की बात कहकर एंबुलेंस को रवाना किया गया।


8:17 बजे पांचवें घायल को निकाला
सात मिनट बाद ही पांचवें घायल को खोज लिया गया। एंबुलेंस से घायल को अस्पताल भेजा गया। पांच लोग बाहर आते ही लोगों ने अधिकारियों का घेराव शुरू कर दिया। लोग हत्यारों को फांसी दो के नारे लगाने लगे।
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