फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   maal dwastikaran

मॉल ध्वस्तीकरण की जांच पूरी, रिपोर्ट का इंतजार

Fri, 22 Jul 2016 02:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरों
अमर उजाला ब्यूरों Updated Fri, 22 Jul 2016 02:05 AM IST
विज्ञापन
maal dwastikaran
कैंट बोर्ड में धरने पर बैठे कर्मचारी - फोटो : अमर उजाला
  बंगला नंबर 210 बी के आरआर मॉल ध्वस्तीकरण में हुई चार लोगाें की मौत के मामले में जांच पूरी हो गई है। अब रिपोर्ट तैयार होनी बाकी है। जांच में सिटी मजिस्ट्रेट का बयान सबसे अहम माना जा रहा है।
विज्ञापन

वेस्ट एंड रोड स्थित आरआर मॉल को 9 जुलाई की सुबह 5 बजे कैंट बोर्ड की टीम ने ध्वस्त किया था। इस कार्रवाई में प्रशासन की तरफ से सिटी मजिस्ट्रेट केशव कुमार जहां मजिस्ट्रेट नियुक्त थे। वहीं उनके सहायक के रूप में एसडीएम सदर रितु पूनिया और एक एसीएम भी तैनात थे। पुलिस फोर्स का नेतृत्व सीओ रण विजय सिंह कर रहे थे। हादसे के बाद डीएम ने अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व गौरव वर्मा को जांच सौंपी थी।
विज्ञापन

वह जांच पूरी कर चुके हैं। लेकिन सरकारी काम से बाहर होने के कारण रिपोर्ट तैयार नहीं कर पाये हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार इस जांच में तीनों प्रशासनिक अधिकारियों के साथ ही सीओ और कुछ पुलिस कर्मियों तथा प्रशासनिक कर्मचारियों के बयान हुए हैं। साथ ही समाचार पत्रों की कटिंग को भी साक्ष्य के रूप में शामिल किया गया है। इस पूरी जांच में सिटी मजिस्ट्रेट केशव कुमार के बयान और साक्ष्य अहम माने जा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

क्योंकि कार्रवाई से मात्र 10 घंटे पहले उन्हें सूचना प्राप्त हुई कि आरआर मॉल ध्वस्त होना है और वह उसके मजिस्ट्रेट हैं। कैंट बोर्ड द्वारा मात्र 36 घंटे पहले कार्रवाई की सूचना प्रशासन को देने का पत्र भी उन्होंने जांच अधिकारी को सौंपा है। वहीं आनन फानन में जिस तरह कैंट बोर्ड ने तकनीकी तौर पर लापरवाही करते हुए कार्रवाई की उसे लेकर सिटी मजिस्ट्रेट के साथ ही अन्य लोगों के बयान इस जांच में अहम होंगे।

कर्मचारियों ने ठुकराई जीओसी की अपील
कैंट बोर्ड कर्मचारियों की दोनों यूनियनों ने जीओसी की अपील भी ठुकरा दी है। बृहस्पतिवार को जीओसी की तरफ से कर्नल एके वेद कर्मचारियों को मनाने पहुंचे थे, लेकिन वह भी खाली हाथ लौट गए।
9 जुलाई को बंगला नंबर 210 के आरआर मॉल ध्वस्तीकरण में चार लोगों की मौत हो गई थी। पीड़ित पक्ष ने कैंट बोर्ड अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। विरोध में 10 जुलाई से छावनी परिषद कर्मचारी यूनियन और अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस शाखा छावनी परिषद मेरठ की संयुक्त हड़ताल चल रही है। कैंट बोर्ड का कार्य प्रभावित होते देख बृहस्पतिवार को पश्चिम यूपी सब एरिया कमांडर मेजर जनरल के. मनमीत सिंह ने कर्नल एके वेद को कर्मचारियों से वार्ता करने भेजा। कर्मचारियों ने साफ कहा कि जब तक अधिकारियों और कर्मचारियों पर से मुकदमे वापस नहीं होंगे, हड़ताल खत्म नहीं करेंगे।
कर्नल वेद ने कर्मचारियों को कांवड़ यात्रा की व्यवस्था बनाने का हवाला भी दिया। लेकिन कर्मचारियों से उनकी बात नकार दी। ऑल इंडिया कैंट बोर्ड इंप्लाइज फेडरेशन के संयुक्त सचिव विक्रम शर्मा ने कहा कि लगातार जनप्रतिनिधि और अधिकारी कर्मचारियों पर दबाव बना रहे हैं कि वह हड़ताल खत्म कर दे। लेकिन कोई भी कर्मचारियों की समस्या का समाधान करने को तैयार नहीं है।
छावनी परिषद कर्मचारी यूनियन के महामंत्री नवीन चंद पंत और सफाई मजदूर कांग्रेस के महामंत्री योगेश भगत ने कहा कि जब तक मुकदमे वापस नहीं होंगे हड़ताल जारी रहेगी। इस मौके पर पूजेश लोहरे, भारत सिंह, दिनेश वर्मा, राजीव श्रीवास्तव, सुनील कुमार, संजीव, गिरीश सिंह, मनोज, विजय मौजूद रहे।

सीईओ के खिलाफ नारेबाजी
हड़ताल के दौरान कर्मचारियों ने सीईओ के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी की। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि सीईओ कर्मचारियों को हड़ताल खत्म करने के लिए धमका रहे हैं। कर्मचारियों ने कहा कि उन्हीं के आदेश पर कर्मचारी वहां गए थे। ऐसे में उन्हें भी कर्मचारियों के साथ हड़ताल में शामिल होकर धरने पर बैठना चाहिए। ऑल इंडिया कैंट बोर्ड इंप्लाइज फेडरेशन के संयुक्त सचिव विक्रम शर्मा कहा कि कोई भी अधिकारी कर्मचारियों को डरा या धमका नहीं सकता।

सभी छावनियों में विरोध
ऑल इंडिया कैंट बोर्ड इंप्लाइज फेडरेशन के संयुक्त सचिव विक्रम शर्मा का कहना है कि क्षेत्रीय मंत्री ने सभी छावनियों की यूनियनों को पत्र लिखकर इस हड़ताल के लिए सहयोग मांगा था। उनका दावा है कि देश की अन्य छावनियों के कर्मचारी मेरठ छावनी के कर्मचारियों को सहयोग करते हुए विरोध दर्ज करा रहे हैं।


क्षेत्र में फैल सकती है महामारी
छावनी क्षेत्र की सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। पिछले 13 दिन से छावनी क्षेत्र में सफाई नहीं हुई है। ऐसे में क्षेत्र में महामारी फैलने का खतरा बढ़ता जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed