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जमीन ली 40 रुपये, बेची 10 हजार रुपये गज

Sat, 20 Apr 2019 03:04 AM IST
Gaurav sharma न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Gaurav sharma Updated Sat, 20 Apr 2019 03:04 AM IST
सार

मेजर ध्यानचंद नगर योजना में जमीन देने वाले किसानों ने एमडीए के खिलाफ सीएम को भेजा पत्र
कहा, उनके साथ नाइंसाफी हुई, बाकी तीन योजनाआें की तरह उन्हें भी किया जाए समझौते में शामिल

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Land bought 40 rupees, sold 10 thousand yards
जमीन - फाइल फोटो - फोटो : amar ujala

विस्तार


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मेजर ध्यानचंद नगर के लिए जमीन देने वालों किसानों ने सूबे के सीएम को पत्र भेजकर अपना दुखड़ा सुनाया है। कहा है कि उन्हें मात्र 40 रुपये वर्ग मीटर की दर से एमडीए ने मुआवजा दिया, जबकि किसानों के साथ समझौता 165 रुपये की दर पर शो किया गया है। इस जमीन को दस हजार रुपये से ज्यादा की दर पर बेचा गया। अब जबकि इसके जैसी तीन अन्य योजनाओं को पैसा और भूखंड दोनों दिए जा रहे हैं तो उन्हें भी इसी समझौते में शामिल किया जाए।
दिल्ली रोड पर मेजर ध्यानचंद नगर, स्पोर्ट्स कांप्लेक्स आदि के लिए एमडीए ने गांव रिठानी और मेरठ शहर खास आदि के किसानों की जमीन का अधिग्रहण किया था। अधिग्रहण वर्ष 1987 से 1990 के बीच हुआ। किसानों का कहना है कि यहां जमीन के बदले किसानों को मात्र 40 रुपये की दर से मुआवजा दिया गया। एमडीए ने यहां अलग-अलग दरों पर जमीन बेची। दस हजार के पार तक यह जमीन बेची गई। इस जमीन में हाई सोसायटी कॉलोनी तथा मॉल मल्टीप्लेक्स तक बने हैं और अब तो यहां दाम और काफी ज्यादा हैं।
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यह है किसानों की मांग
किसान मुकेश दीक्षित, प्रमोद, दीपक आदि ने इस बाबत सीएम को पत्र भेजा है। कहा है कि शताब्दीनगर की तर्ज पर तीन योजनाओं लोहियानगर, वेदव्यासपुरी तथा गंगानगर योजना के किसानों के साथ समझौता हुआ है। इसके तहत किसानों को अतिरिक्त मुआवजा और भूखंड दिए जा रहे हैं। किसानों का कहना है यह समझौता सही है पर इस समझौते में मेजर ध्यानचंद नगर को शामिल नहीं किया गया। किसानों ने कहा कि उन्हें जानबूझकर इस योजना से बाहर किया गया है, जो सही नहीं है। उन्हाेंने विधिवत इसका परीक्षण कराकर यही समझौता लागू कराने की मांग की है। किसानों ने कहा है कि कागजों में यह समझौता लिखित में हो चुका था, पर इस प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ाया गया। उन्होंने कहा है कि ऐसा न होने पर किसानों को आंदोलन की राह पर जाने को मजबूर होना पड़ेगा।
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समझौते पर लगी थी मुहर
किसानों के मुताबिक 11 फरवरी 2009 में इस योजना के किसानों के साथ हुए समझौते पर मुहर लगी थी। समिति ने लिखा था इस योजना के किसानों को भी अतिरिक्त प्रतिकर 165 रुपये प्रतिवर्ग गज का एकमुश्त भुगतान औचित्यपूर्ण पाया गया है। इस समझौते पर तत्कालीन अपरायुक्त, उपाध्यक्ष, डीएम, सचिव, अपर जिलाधिकारी भू-अध्याप्ति तथा तहसीलदार के हस्ताक्षर हैं और यह समझौता  पत्र आज भी एमडीए तथा किसानों के पास सुरक्षित है।


यह है इस योजना में अधिगृहीत जमीन
रिठानी से- एक लाख 60 हजार वर्ग गज
मेरठ खास से- दो लाख 40 हजार वर्ग गज

मामला संज्ञान में नहीं
मामला अभी मेरे सामने नहीं आया है। यदि ऐसा है तो इस गहनता से परीक्षण करा लिया जाएगा। किसानों की बात गंभीरता से सुनी जाएगी। - राजेश कुमार पांडेय, वीसी एमडीए

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