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कान्हा के रॉकिंग भजनों पर श्रद्धालु भी रॉक
अमर उजाला ब्यूरों/मेेरठ
Updated Fri, 26 Aug 2016 02:33 AM IST
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भैंसाली मैदान में आयोजित कृष्ण उत्सव में झूमते श्रद्धालु।
- फोटो : अमर उजाला
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रॉक बैंड की धुन और नटखट नंदलाल के भजनों के संगम में शहरवासी भक्तिरस से सराबोर हो गए। इस्कॉन की 50वीं वर्षगांठ और जन्माष्टमी पर आयोजित कृष्ण महोत्सव में तीसरे दिन धूम मची। भैंसाली मैदान पर चल रहे इस कार्यक्रम में बृहस्पतिवार को मुंबई से आए बैंड माधवाज ने धमाकेदार परफॉर्मेंस दी। रॉकिंग स्टाइल में भजनों की प्रस्तुति पर दर्शक झूम उठे। हरे कृष्ण हरे हरे... की शानदार प्रस्तुति ने माहौल पूरी तरह कृष्णमय कर दिया। बैंड के सदस्यों ने अपनी प्रस्तुति का आगाज महामंत्र जाप से किया। इसके बाद उन्होंने आज ब्रज में होली रे रसिया... को वेस्टर्न कंपोजीशन के साथ पेश किया तो भक्तों में मानो ऊर्जा का संचार हो गया हो। महाराष्ट्र के पुनेरी ढोल की थाप पर प्रस्तुत किए गए इस रॉक ने समा बांध दिया। इसके अलावा माखन चोरी, गोविंद बोलो हरि गोपाल बोलो और लोक संस्कृति से जुड़े भजन रॉक बैंड पर पेश किए गए। कार्यक्रम में काफी श्रद्धालु अपने-अपने लड्डू गोपाल साथ लेकर पहुंचे। राधा-कृष्ण का रूप धरकर बच्चे और बड़े पहुंचे। कार्यक्रम में कैंट बोर्ड सीईओ राजीव श्रीवास्तव, उपाध्यक्ष बीना वाधवा आदि मौजूद रहे। इस बैंड में सभी इंजीनियर माधवाज बैंड में कुल छह सदस्य हैं। खास बात यह है कि सभी इंजीनियर हैं। अब वे अपना पूरा समय बैंड और इस्कॉन को देते हैं। इसके लीड आर्टिस्ट निर्दोष हैं, जो चंडीगढ़ निवासी हैं। उनकी पत्नी नेहा भी सिंगर हैं और बेटा भी बैंड में साथ रहता है। सात वर्षोँ से यह ग्रुप बैंड पर केवल इस्कॉन के लिए कीर्तन कर रहा है। पहले इसका नाम इनोवेटिव था, पर बाद में इसे बदलकर माधवाज कर दिया गया। ईजैक इस ग्रुप में ड्रमर, नितिन की-बोर्ड आर्टिस्ट, गगनदीप और नम्रता गिटार ऑपरेट करते हैं। ग्रुप के सदस्यों का कहना है कि लोग रॉकिंग म्यूजिक फिल्मों का ही क्यों सुनें? भजनों में भी रॉक सुनें। कृष्ण जन्म पर खेली फूलाें की होली माधवाज बैंड की प्रस्तुति से पहले श्रीमद् गोपाल कृष्ण गोस्वामी महाराज के शिष्य अक्रूर प्रभु ने श्रीकृष्ण जन्म लीला का वर्णन किया। इसकी शुरुआत हरे कृष्ण-हरे कृष्णा नाम से की। श्रद्धालुओं ने कन्हैया का गुणगान कर नृत्य किया। श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की खुशी में फूलों से होली खेली। साथ ही तुलसी आरती, गौर आरती, लड्डू गोपाल का अभिषेक किया। अक्रूर प्रभु ने बताया कि पृथ्वी पर बढ़ते पाप और कंस के अत्याचारों से धरा को उबारने के लिए भगवान कृष्ण ने कारागार में जन्म लिया। वहीं कंस के डर से बालक को बचाने के लिए स्वयं योगमाया ने माता यशोदा के यहां जन्म लिया। वसुदेव बालक कृष्ण को आधी रात में नंद के घर ले गए। वहां से योगमाया रूपी बालिका को लेकर देवकी के पास लाए। महाराज ने पूतनावध की कथा भी सुनाई। महाराज ने कथा के दौरान जय श्री कृष्णा, हरे कृष्णा का उद्घोष भी कराया। श्रद्धालुओं ने मल्टीमीडिया शो का भी आनंद लिया। इस मौके पर रमेश चंद गुप्ता, रामकुमार शर्मा, राकेश, आदेश, आकाश अग्रवाल, राहुल टांक, अजय गुप्ता, अरुण अग्रवाल, संदीप छाबड़ा, प्रदीप माहेश्वरी, राजीव शर्मा, संजीव गुप्ता, अरविंद गुप्ता, मुकुल जैन, देवेंद्र सिंह सेठी, विश्व योगदास, तरुण गुप्ता, रामकुमार एडवोकेट, राहुल मित्तल मौजूद रहे।
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