ट्रेन हादसा : कपड़े से हुई पहचान, अब अस्थियां ढूंढ़ने में भटक रहा परिवार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कलिंग उत्कल एक्सप्रेस ट्रेन हादसे में मारे गए व्यक्ति की पहचान हो गई है। वह मध्य प्रदेश के भिंड जिले का निवासी था। जीआरपी उसके शव का पहले ही अज्ञात में अंतिम संस्कार कर चुकी है। रविवार को मृतक का भाई और भतीजा उसकी तलाश करते हुए खतौली पहुंचे। खतौली चौकी पर रखा मृतक का बैग परिवारीजनों ने पहचान लिया। बाद में जीआरपी थाने में मृतक के कपड़े देखकर वह फूट-फूटकर रोने लगे। परिजन अब उसकी अस्थियां लेने के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं।
मध्यप्रदेश के जिला भिंड की तहसील गोहद के गांव कनीपुरा निवासी गंगा सिंह और उसका भतीजा बनवारी उत्कल एक्सप्रेस ट्रेन हादसे की जानकारी होने पर नौ दिन बाद खतौली रेलवे स्टेशन पर जीआरपी चौकी पहुंचे। भाई गंगा सिंह ने जीआरपी चौकी पर सिपाहियों को बताया कि उसका भाई 50 वर्षीय अमर सिंह उर्फ रामप्रकाश दास साधु बन गया था। 18 अगस्त को रामप्रकाश दास ग्वालियर से उत्कल एक्सप्रेस ट्रेन में हरिद्वार में सोमवती अमावस्या पर गंगा स्नान करने जाने के लिए बैठा था। भाई ने बताया कि उनको उत्कल एक्सप्रेस ट्रेन हादसे का पता चला तो वे रामप्रकाश दास की तलाश में खतौली पहुंचे। सिपाहियों ने चौकी में रखे यात्रियों के बैग दिखाए। चाचा-भतीजे ने उस बैग को पहचान लिया, जिस बैग को लेकर रामप्रकाश दास चला था। इसके बाद दोनों जीआरपी थाना मुजफ्फरनगर पहुंचे।
बनवारी ने बताया कि जीआरपी थाने में कपड़ों से रामप्रकाश दास की पहचान कर ली है। बताते चलें कि जीआरपी ने हादसे के 72 घंटे बाद रामप्रकाश दास के शव का एक ट्रस्ट के सहयोग से अंतिम संस्कार कर दिया था। जीआरपी ने बताया था कि मृतक के हाथ पर रामदास गुदा हुआ था। चाचा-भतीजे ने बताया कि उन्हें अभी तक रामप्रकाश दास की अस्थियां नहीं मिली हैं। कागजी कार्रवाई पूरी कर अस्थियां लेकर घर जाएंगे।
शांति मोक्ष हवन किया
जीटी रोड स्थित आर्य समाज पर शांति महायज्ञ कर कलिंग उत्कल एक्सप्रेस ट्रेन हादसे में मारे गए यात्रियों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। उधर, ब्लाक कांग्रेस कमेटी जन आंदोलन की ओर से ट्रेन दुर्घटनास्थल रेलवे लाइन के पास शांति मोक्ष हवन किया गया। चौधरी बीडी आर्य, पंडित नीरज शर्मा, अंकित सैनी, मुकेश शर्मा, नासिर सिद्दीकी, आरजी यादव, जमील अंसार, कलीराम, अमित कुमार, वारिस राजपूत, पंडित मनीष शर्मा, अफजाल, राजकुमार आदि शामिल रहे। वहीं आर्य समाज की ओर से यज्ञ के ब्रह्मा जसवीर राणा व सुरेश आर्य रहे। मुख्य यज्ञमान प्रधान धनेंद्र तोमर रहे। धर्मेंद्र तोमर, राजपाल आर्य, संतोष शर्मा, राजेश्वर आर्य, रामकुमार पुंडीर, राजपाल सिंह, अरविंद्र प्रधान, पिंटू प्रधान, पंकज राठी, जयविंद्र, गोकलचंद, राजसिंह आदि रहे।
चीफ इंजीनियर ने रेलवे ट्रैक का किया निरीक्षण
ट्रेन हादसे के बाद बनाए नए रेलवे ट्रैक का चीफ इंजीनियर पंकज श्रीवास्तव ने गांव जड़ौदा से लेकर सकौती तक ट्रॉली में बैठकर निरीक्षण किया।
जगत कॉलोनी के सामने 19 अगस्त को हुए ट्रेन हादसे में पूरा रेलवे ट्रैक उखड़ गया था। रेलवे अधिकारियों और इंजीनियरों ने ट्रैक मैनों से नया रेलवे ट्रैक बनवाया था। अभी तक यह रेलवे ट्रैक पूरी तरह से मजबूत नहीं हुआ है। रविवार को चीफ ट्रैक इंजीनियर पंकज श्रीवास्तव ने रेलवे ट्रैक अधिकारियों व अन्य इंजीनियरों को साथ लेकर ट्रॉली से गांव जड़ौदा से लेकर सकौती तक के रेलवे ट्रैक का निरीक्षण किया। निरीक्षण करते हुए दुर्घटनास्थल पर पहुंचे चीफ ट्रैक इंजीनियर ने नए रेलवे ट्रैक का निरीक्षण कर ट्रैक मैनों को शीघ्र सभी स्लीपर बदलने के दिशा निर्देश भी दिए। रविवार को भी ट्रैक मैन कॉसन लेकर नए ट्रैक को मजबूत करने के लिए दिनभर स्लीपर बदलने में जुटे रहे। नए ट्रैक से ट्रेनों को दस किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से धीमी गति से निकलवाया जा रहा है।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/