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खादर में जमीन कब्जाने के मामले की जांच शुरू
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 09 Dec 2016 02:04 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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मवाना तहसील के खादर क्षेत्र में पूर्व केंद्रीय मंत्री राजेश पायलट की पत्नी पर जमीन कब्जाने के आरोप के बाद बृहस्पतिवार को जमीन की पैमाइश हुई। रमा पायलट मौके पर मौजूद नहीं थी। आरोप लगाने वाले पक्ष ने अपनी जमीन के कागजात पेश कर दिए, लेकिन आरोपी पक्ष से केयर टेकर कोई कागजात नहीं दिखा सका। आरोपी पक्ष को फिर से एक सप्ताह का समय दिया गया है।
यह है मामला
परीक्षितगढ़ खादर क्षेत्र में गांव खरखाली में रमा पायलट का कृषि फार्म है। उनके बराबर में शशि पत्नी यशवंत और रमा पत्नी सुमेर सिंह निवासी शास्त्रीनगर की भी जमीन है। शशि और रमा सिंह ने डीएम के यहां शिकायत करते हुए कहा था कि रमा पायलट ने अपनी जमीन को जानसठ तहसील के गांव शाहपुर निवासी मेजर सिंह को ठेके पर दे रखा है। रमा पायलट की शह पर मेजर सिंह ने उनकी जमीनों पर भी कब्जा कर लिया है। प्राथमिक जांच में आरोप सही पाए गए। साथ ही ग्राम सभा की जमीन पर भी कब्जा किया हुआ मिला। नायब तहसीलदार जयेंद्र सिंह ने रमा पायलट और मेजर सिंह को 8 दिसंबर को पैमाइश के दौरान मौके पर मौजूद रहने का निर्देश दिया था।
जुबानी खर्च करते रहे मेजर सिंह
बृहस्पतिवार को नायब तहसीलदार जयेंद्र सिंह तहसील टीम और पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। वहां शशि के पति यशवंत, रमा सिंह के पति सुमेर सिंह और मेजर सिंह मौजूद थे। मेजर सिंह ने कहा कि पैमाइश में जिसकी भी जमीन उनके खेत में आती है, वह तत्काल निकाल ली जाए। क्योंकि रमा पायलट ने कहा है कि हम न तो किसी की एक इंच जमीन पर कब्जा चाहते हैं और न अपनी जमीन देंगे। जब जमीनों के कागजात मांगे गये तो यशवंत और सुमेर सिंह ने कागजात दिखा दिये। जिसमें पता चला कि दोनों ने 1991 में जमीन खरीदी थी, जो करीब 60 बीघा है, लेकिन मौके पर उनका कब्जा नहीं है। जबकि मेजर सिंह जमीन के मालिकाना हक संबंधी कोई दस्तावेज नहीं दिखा सके। पैमाइश शुरू करते हुए नायब तहसीलदार ने पूरी जमीन का नक्शा तैयार कर लिया। साथ ही मेजर सिंह से कहा कि एक सप्ताह के भीतर उनके कार्यालय में जमीन के कागजात प्रस्तुत करें। अन्यथा बाद में कोई आपत्ति नहीं सुनी जाएगी।
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ग्राम सभा की जमीन फिर आई नजर में
पैमाइश के दौरान ग्राम सभा की भी जमीन कब्जे में नजर आने की बात तहसील टीम ने कही। उनका कहना है कि जितनी जमीन पर खेती हो रही है, उसमें से 100 बीघा से ज्यादा ग्राम सभा की जमीन है। मेजर सिंह द्वारा कागजात प्रस्तुत करने के बाद स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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यह है मामला
परीक्षितगढ़ खादर क्षेत्र में गांव खरखाली में रमा पायलट का कृषि फार्म है। उनके बराबर में शशि पत्नी यशवंत और रमा पत्नी सुमेर सिंह निवासी शास्त्रीनगर की भी जमीन है। शशि और रमा सिंह ने डीएम के यहां शिकायत करते हुए कहा था कि रमा पायलट ने अपनी जमीन को जानसठ तहसील के गांव शाहपुर निवासी मेजर सिंह को ठेके पर दे रखा है। रमा पायलट की शह पर मेजर सिंह ने उनकी जमीनों पर भी कब्जा कर लिया है। प्राथमिक जांच में आरोप सही पाए गए। साथ ही ग्राम सभा की जमीन पर भी कब्जा किया हुआ मिला। नायब तहसीलदार जयेंद्र सिंह ने रमा पायलट और मेजर सिंह को 8 दिसंबर को पैमाइश के दौरान मौके पर मौजूद रहने का निर्देश दिया था।
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जुबानी खर्च करते रहे मेजर सिंह
बृहस्पतिवार को नायब तहसीलदार जयेंद्र सिंह तहसील टीम और पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। वहां शशि के पति यशवंत, रमा सिंह के पति सुमेर सिंह और मेजर सिंह मौजूद थे। मेजर सिंह ने कहा कि पैमाइश में जिसकी भी जमीन उनके खेत में आती है, वह तत्काल निकाल ली जाए। क्योंकि रमा पायलट ने कहा है कि हम न तो किसी की एक इंच जमीन पर कब्जा चाहते हैं और न अपनी जमीन देंगे। जब जमीनों के कागजात मांगे गये तो यशवंत और सुमेर सिंह ने कागजात दिखा दिये। जिसमें पता चला कि दोनों ने 1991 में जमीन खरीदी थी, जो करीब 60 बीघा है, लेकिन मौके पर उनका कब्जा नहीं है। जबकि मेजर सिंह जमीन के मालिकाना हक संबंधी कोई दस्तावेज नहीं दिखा सके। पैमाइश शुरू करते हुए नायब तहसीलदार ने पूरी जमीन का नक्शा तैयार कर लिया। साथ ही मेजर सिंह से कहा कि एक सप्ताह के भीतर उनके कार्यालय में जमीन के कागजात प्रस्तुत करें। अन्यथा बाद में कोई आपत्ति नहीं सुनी जाएगी।
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ग्राम सभा की जमीन फिर आई नजर में
पैमाइश के दौरान ग्राम सभा की भी जमीन कब्जे में नजर आने की बात तहसील टीम ने कही। उनका कहना है कि जितनी जमीन पर खेती हो रही है, उसमें से 100 बीघा से ज्यादा ग्राम सभा की जमीन है। मेजर सिंह द्वारा कागजात प्रस्तुत करने के बाद स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।