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काम पर लौटे कर्मचारी, गंदगी बरकरार
अमर उजाला ब्यूरों
Updated Sun, 24 Jul 2016 02:07 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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13 दिन बाद शनिवार को कैंट बोर्ड के कार्यालयों में चहल पहल दिखाई दी। कर्मचारी काम पर लौट आए। लेकिन अभी क्षेत्र की हालत में कोई सुधार नहीं आया है। हर ओर गंदगी के अंबार हैं। हालांकि अधिकारियों का दावा है कि दो-तीन दिन में सफाई व्यवस्था पटरी पर लौट आएगी।
9 जुलाई को आरआर मॉल ध्वस्तीकरण में दबकर चार लोगों की मौत हो गई थी। जिसके बाद पीड़ित पक्ष ने कैंट बोर्ड अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ रिपोर्ट कराई थी। रिपोर्ट के विरोध में 10 जुलाई से छावनी परिषद कर्मचारी यूनियन और अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस शाखा छावनी परिषद मेरठ की संयुक्त हड़ताल चल रही थी। जिसकी वजह से छावनी क्षेत्र की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई थी।
13 दिन तक छावनी में कोई सफाई नहीं हुई जिस कारण मुख्य रुप से सदर थाने, भूसा मंडी, तोपखाना, आबूनाला, रजबन, सुभाष नगर, घोसी मोहल्ला, हंडिया मोहल्ला, जामुन मोहल्ला, बकरी मोहल्ला, मैदा मोहल्ला, चाणक्यपुरी, दालमंडी, अलीम पुरी, स्वराज पुरी, चंद्र गुप्ता पुरी, मछली बाजार, धर्मपुरी, टंडेल मोहल्ला, लेखानगर कैंट स्टेशन, जुबली गंज समेत अन्य क्षेत्रों में कूड़े और गंदगी के ढेर लग गए। शुक्रवार को कर्मचारियों ने हड़ताल खत्म कर दी। शनिवार को सभी सफाई कर्मचारी सड़कों पर सफाई करते ही नजर आए, लेकिन गंदगी इतनी ज्यादा फैली हुई है कि ज्यादातर स्थानों पर कूड़े के ढेर जस के तस पड़े हैं।
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कैंट बोर्ड और अस्पताल में भीड़
इतने लंबे समय से कैंट बोर्ड कार्यालय बंद होने से काफी कार्य प्रभावित हुआ है। शनिवार को लोगों काफी संख्या में अपने कार्य करने कैंट बोर्ड कार्यालय पहुंचे। कैंट अस्पताल में भी ओपीडी की व्यवस्था शनिवार को बहाल हो गई। काफी संख्या में मरीज अस्पताल पहुंचे।
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9 जुलाई को आरआर मॉल ध्वस्तीकरण में दबकर चार लोगों की मौत हो गई थी। जिसके बाद पीड़ित पक्ष ने कैंट बोर्ड अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ रिपोर्ट कराई थी। रिपोर्ट के विरोध में 10 जुलाई से छावनी परिषद कर्मचारी यूनियन और अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस शाखा छावनी परिषद मेरठ की संयुक्त हड़ताल चल रही थी। जिसकी वजह से छावनी क्षेत्र की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई थी।
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13 दिन तक छावनी में कोई सफाई नहीं हुई जिस कारण मुख्य रुप से सदर थाने, भूसा मंडी, तोपखाना, आबूनाला, रजबन, सुभाष नगर, घोसी मोहल्ला, हंडिया मोहल्ला, जामुन मोहल्ला, बकरी मोहल्ला, मैदा मोहल्ला, चाणक्यपुरी, दालमंडी, अलीम पुरी, स्वराज पुरी, चंद्र गुप्ता पुरी, मछली बाजार, धर्मपुरी, टंडेल मोहल्ला, लेखानगर कैंट स्टेशन, जुबली गंज समेत अन्य क्षेत्रों में कूड़े और गंदगी के ढेर लग गए। शुक्रवार को कर्मचारियों ने हड़ताल खत्म कर दी। शनिवार को सभी सफाई कर्मचारी सड़कों पर सफाई करते ही नजर आए, लेकिन गंदगी इतनी ज्यादा फैली हुई है कि ज्यादातर स्थानों पर कूड़े के ढेर जस के तस पड़े हैं।
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कैंट बोर्ड और अस्पताल में भीड़
इतने लंबे समय से कैंट बोर्ड कार्यालय बंद होने से काफी कार्य प्रभावित हुआ है। शनिवार को लोगों काफी संख्या में अपने कार्य करने कैंट बोर्ड कार्यालय पहुंचे। कैंट अस्पताल में भी ओपीडी की व्यवस्था शनिवार को बहाल हो गई। काफी संख्या में मरीज अस्पताल पहुंचे।