यूपी: अंतरराष्ट्रीय पैरा पावर लिफ्टिंग खिलाड़ी सचिन चौधरी ने लौटाए पदक, अन्न त्यागकर धरने पर बैठे
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मेरठ के अंतरराष्ट्रीय पैरा पावर लिफ्टिंग खिलाड़ी सचिन चौधरी सोमवार को उप्र सरकार की नीतियों के खिलाफ कैलाश प्रकाश स्टेडियम में क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी को अपने पदक लौटाने पहुंचे। वह सोमवार सुबह 10 बजे अन्न त्यागकर धरने पर बैठ गए। सचिन ओलंपियन रह चुके हैं और कॉमनवेल्थ गेम्स व एशियन चैंपियनशिप में देश को पदक दिला चुके हैं।
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कंकरखेड़ा के ओम नगर निवासी 34 वर्षीय पैरा पावर लिफ्टिंग खिलाड़ी सचिन चौधरी करीब 16 साल की उम्र से दम दिखा रहे हैं। पिछले 18 सालों में वह 10 राष्ट्रीय और 11 अंतरराष्ट्रीय पदक जीत चुके हैं।
2006 मेलबर्न कॉमनवेल्थ गेम्स, 2010 दिल्ली कॉमनवेल्थ गेम्स, 2016 स्कॉटलैंड कॉमनवेल्थ गेम्स का हिस्सा रहे, जबकि 2018 में आस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ में कांस्य पदक जीता। 2012 में लंदन पैरा ओलंपिक का भी हिस्सा रहे। 88 किग्रा भार वर्ग के यह खिलाड़ी नेशनल में रिकॉर्ड होल्डर रहे।
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वर्ष 2018 में वर्ल्ड रैंकिंग में नंबर एक खिलाड़ी रह चुके हैं। सचिन चौधरी का कहना है कि दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान सहित अन्य प्रदेशों में पैरा खिलाड़ियों के लिये प्रोत्साहन राशि, सरकारी नौकरी सहित कई सुविधाएं प्रदान की जाती हैं। लेकिन उप्र में पैरा खिलाड़ियों के लिए कोई जगह नहीं है। मैं पूरे प्रदेश में पैरा खिलाड़ियों के लिए सम्मान और अधिकार चाहता हूं।