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अफसरों की साठगांठ, धडल्ले से अवैध खनन
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अफसरों की साठगांठ.. धड़ल्ले से अवैध खनन
मेरठ। खनन विभाग की साठगांठ और प्रशासनिक अफसरों की लापरवाही से जनपद में अवैध खनन धड़ल्ले से चल रहा है। हालात ये हैं कि इस समय जनपद में 20 से ज्यादा स्थानों पर अवैध रुप से खनन चल रहा है। जिसमें खनन विभाग की साठगांठ पूरी तरह नजर आ रही है।
यहां हो रहा अवैध खनन
जनपद में बागपत रोड स्थित गांव डालूहेड़ा, रवा, उकसिया, सलारपुर, टिमकिया, नेक, घाट, पीपलीखेड़ा, किठौली, रसूलपुर जाहिद, बिजौली, मुंडाली, गेसूपुर दतावली, तोफापुर छोटा मवाना, महल सैफी भट्टा, सकौती के पास कैली गांव, कुलंजन, मानपुरी, पचपेड़ा, मेदपुर और किठौर में अवैध खनन चल रहा है।
ये है खनन विभाग की साठगांठ
खनन विभाग द्वारा खाता संख्या 593 सुनील कुमार पुत्र रोहताश के खेत में खनन की अनुमति दी गई थी। लेकिन मिट्टी खाता संख्या 412 से शांति देवी पत्नी रोहताश के खेत से उठाई गई। खाता संख्या 571 भूषण पुत्र जगपाल के खेत में चार माह पहले खनन अनुमति की रिपोर्ट लगी थी, जिसकी आज तक स्वीकृति नहीं हुई है। लेकिन यहां पर मिट्टी खनन हो गया।
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दोबारा उठाई जा रही मिट्टी
खाता संख्या 587 जो कि ओमपाल पुत्र खजाना सिंह का खेत है। यहां पर 10 माह पहले अनुमति के बाद मिट्टी खनन हो गया था। लेकिन अब फिर से इसी खेत में बिना किसी अनुमति के मिट्टी खनन हो रहा है।
पुलिस भी कर रही खेल
दौराला पुलिस ने चार दिन पूर्व दो मिट्टी से भरे डंफर पकड़े। जिनकी रिपोर्ट भी अवैध खनन में तैयार की, लेकिन चालान सिर्फ एमवी एक्ट में कर दिया। अहम बात ये है कि खनन विभाग ने समाचार प्रकाशित होने के बाद भी इस पर कोई संज्ञान नहीं लिया।
सरकार को लगाया जा रहा चूना
खनन विभाग की साठगांठ से हो रहे अवैध खनन में पूरी तरह खेल हो रहा है। एक भी मामले में खनन विभाग द्वारा कार्रवाई तय कर जुर्माना वसूली की कार्रवाई नहीं की जा रही है। बल्कि अधिकारी और कर्मचारी अपनी जेबें भर रहे हैं।
प्रशासनिक अधिकारी बने हैं लापरवाह
खनन विभाग द्वारा प्रशासनिक अधिकारियों को अंधेरे में रखकर मिट्टी खनन की अनुमति दिलाई जा रही है। प्रशासनिक अधिकारी भी इस तरफ से पूरी तरह आंखें बंद किए बैठे हैं। एक भी अनुमति की आज तक किसी अधिकारी ने मौके पर जाकर जांच नहीं की।
सभी मामलों में होगी कार्रवाई
इन सभी मामलों की मौके पर जांच कराते हुए कड़ी कार्रवाई तय की जाएगी। यदि खनन विभाग के अधिकारी, कर्मचारी संलिप्त पाए गए तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। -अनिल ढींगरा, जिलाधिकारी
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मेरठ। खनन विभाग की साठगांठ और प्रशासनिक अफसरों की लापरवाही से जनपद में अवैध खनन धड़ल्ले से चल रहा है। हालात ये हैं कि इस समय जनपद में 20 से ज्यादा स्थानों पर अवैध रुप से खनन चल रहा है। जिसमें खनन विभाग की साठगांठ पूरी तरह नजर आ रही है।
यहां हो रहा अवैध खनन
जनपद में बागपत रोड स्थित गांव डालूहेड़ा, रवा, उकसिया, सलारपुर, टिमकिया, नेक, घाट, पीपलीखेड़ा, किठौली, रसूलपुर जाहिद, बिजौली, मुंडाली, गेसूपुर दतावली, तोफापुर छोटा मवाना, महल सैफी भट्टा, सकौती के पास कैली गांव, कुलंजन, मानपुरी, पचपेड़ा, मेदपुर और किठौर में अवैध खनन चल रहा है।
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ये है खनन विभाग की साठगांठ
खनन विभाग द्वारा खाता संख्या 593 सुनील कुमार पुत्र रोहताश के खेत में खनन की अनुमति दी गई थी। लेकिन मिट्टी खाता संख्या 412 से शांति देवी पत्नी रोहताश के खेत से उठाई गई। खाता संख्या 571 भूषण पुत्र जगपाल के खेत में चार माह पहले खनन अनुमति की रिपोर्ट लगी थी, जिसकी आज तक स्वीकृति नहीं हुई है। लेकिन यहां पर मिट्टी खनन हो गया।
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दोबारा उठाई जा रही मिट्टी
खाता संख्या 587 जो कि ओमपाल पुत्र खजाना सिंह का खेत है। यहां पर 10 माह पहले अनुमति के बाद मिट्टी खनन हो गया था। लेकिन अब फिर से इसी खेत में बिना किसी अनुमति के मिट्टी खनन हो रहा है।
पुलिस भी कर रही खेल
दौराला पुलिस ने चार दिन पूर्व दो मिट्टी से भरे डंफर पकड़े। जिनकी रिपोर्ट भी अवैध खनन में तैयार की, लेकिन चालान सिर्फ एमवी एक्ट में कर दिया। अहम बात ये है कि खनन विभाग ने समाचार प्रकाशित होने के बाद भी इस पर कोई संज्ञान नहीं लिया।
सरकार को लगाया जा रहा चूना
खनन विभाग की साठगांठ से हो रहे अवैध खनन में पूरी तरह खेल हो रहा है। एक भी मामले में खनन विभाग द्वारा कार्रवाई तय कर जुर्माना वसूली की कार्रवाई नहीं की जा रही है। बल्कि अधिकारी और कर्मचारी अपनी जेबें भर रहे हैं।
प्रशासनिक अधिकारी बने हैं लापरवाह
खनन विभाग द्वारा प्रशासनिक अधिकारियों को अंधेरे में रखकर मिट्टी खनन की अनुमति दिलाई जा रही है। प्रशासनिक अधिकारी भी इस तरफ से पूरी तरह आंखें बंद किए बैठे हैं। एक भी अनुमति की आज तक किसी अधिकारी ने मौके पर जाकर जांच नहीं की।
सभी मामलों में होगी कार्रवाई
इन सभी मामलों की मौके पर जांच कराते हुए कड़ी कार्रवाई तय की जाएगी। यदि खनन विभाग के अधिकारी, कर्मचारी संलिप्त पाए गए तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। -अनिल ढींगरा, जिलाधिकारी