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जिले के बार्डर पर कड़ा पहरा, कैमरे से निगरानी
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जिले के बॉर्डर पर कड़ा पहरा, तीसरी आंख की भी नजर
मेरठ। मुजफ्फरनगर किसान महापंचायत को लेकर मेरठ पुलिस ने भी अलर्ट जारी किया है। जिले के बॉर्डर पर कड़ा पहरा लगाया गया है। सीसीटीवी कैमरों से भी निगरानी करने की बात कही है। पुलिस का कहना है कि महापंचायत में लोगों की आवाजाही को देखते हुए सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस फोर्स लगा दी है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात रहेगी।
मेरठ में दो सुपर जोन और छह जोन बनाए है। जिनकी मॉनिटरिंग एसपी देहात और एसपी सिटी करेंगे। खासतौर पर जिले के बॉर्डर पर सुरक्षा के मद्देनजर सरधना, मवाना, किठौर, सीओ सदर देेहात पुलिस फोर्स के साथ लगाए हैं। वहीं, एसपी सिटी, सीओ ब्रह्मपुरी व सीओ दौराला को परतापुर व दौराला टोल प्लाजा पर तैनात किया गया है। 14 इंस्पेक्टर, 35 दरोगा, 31 महिला कांस्टेबल, 30 पुलिसकर्मी ट्रैफिक पुलिस, 30 होमगार्ड, 133 कांस्टेबल व एक कंपनी पीएसी को तैनात किया जाएगा।
महापंचायत में काफी संख्या में किसानों की आवाजाही मुरादाबाद, संभल, बुलंदशहर, हापुड़, मेरठ समेत कई जनपदों से जारी है। देर रात तक जिले के बॉर्डर पर पुलिस फोर्स मुस्तैद किया गया है, जिससे किसानों को कोई परेशानी न हो। बताया गया कि किसानों की सुरक्षा के मद्देनजर एसएसपी ने शनिवार रात में खुद ही बॉर्डर पर जाकर जांच की और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों से बात भी की। एसएसपी प्रभाकर चौधरी का कहना कि पुलिस का ज्यादा फोकस मुजफ्फरनगर जाने वाले मार्ग पर है। इसको देखते ही पुलिस की ड्यूटी लगाई है।
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यह फोर्स मुजफ्फरनगर में भेजी
मेरठ से एसपी क्राइम और सीओ दौराला, नौ इंस्पेक्टर 30 दरोगा व 150 कांस्टेबल की ड्यूटी मुजफ्फरनगर में लगी है। शनिवार शाम को पुलिस फोर्स रवाना हो गई है। वहीं, मुजफ्फरनगर के अलावा 20 सीओ, एक डीआईजी, सात एसपी (शामली, सहारनपुर, बागपत भी शामिल), आठ कंपनी पीएसी और दो कंपनी आरएएफ को अतिरिक्त फोर्स मेरठ जोन कार्यालय से लगाया गया है।
किसान महापंचायत को लेकर आबकारी अलर्ट
मेरठ। मुजफ्फरनगर की महापंचायत को लेकर आबकारी विभाग भी अलर्ट हो गया है। शासन से निर्देश मिलने के बाद शनिवार को जिला आबकारी अधिकारी आलोक कुमार की ओर से भी सभी लाइसेंसियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि सभी लाइसेंसी दुकानदारों को हिदायत दी गई है कि वह परिस्थिति को ध्यान में रखते हुए दुकान खोलें। कहीं किसी तरह की विपरीत स्थिति बनती है तो तत्काल दुकान बंद कर दें और वीडियोग्राफी कराएं। उन्होंने बताया कि विभागीय टीमों को भी सक्रिय कर दिया गया है। वह भी संभावित स्थानों पर वर्दी में मौजूद रहकर अपनी ड्यूटी निभाएंगे।
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भारतीय किसान आंदोलन भी लेगा महापंचायत में हिस्सा
मेरठ। भारतीय किसान आंदोलन भी मुजफ्फरनगर में होने वाली किसान-मजदूर महापंचायत में हिस्सा लेगा। यह जानकारी संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलदीप त्यागी ने दी। उन्होंने बताया कि तीन कृषि कानून और एमएसपी को लेकर देश के सभी किसान संगठन एकजुट है। सरकार किसानों में फूट दिखाकर मुट्ठी भर लोगों का आंदोलन दिखाना चाहती है। मुजफ्फरनगर में होने वाली किसान महापंचायत ऐतिहासिक होने जा रही है। उनका संगठन पूरे दलबल के साथ पंचायत में शिरकत करेगा। शनिवार को संगठन नेताओं और किसानों ने महापंचायत में चलने की तैयारी की। इससे पहले गांव-गांव जाकर किसानों से संपर्क किया गया।
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पंचायत में शामिल होने के लिए साइकिल से जा रहे किसान
मेरठ। पंचायत में शामिल होने का जुनून लोगों पर इस कदर है कि साइकिल से भी सैकड़ों किलोमीटर दूर किसान पंचायत में शामिल होने के लिए पहुंच रहे हैं। अंबाला के बड़ौदा गांव निवासी दरार सिंह पिछले एक साल से सिंघू बॉर्डर पर धरने पर हैं, वह किसान पंचायत में शामिल होने के लिए रात को साइकिल से ही मुजफ्फरनगर के लिए निकल पड़े। उनका कहना है या तो सरकार काले कानून वापस लें या हम यहीं पर शहीद हो जाएंगे। युवा किसानों का जोश इस बात से लगाया जा सकता है। मूल रूप से कैथल के पेडल गांव निवासी जय भगवान का पूरा परिवार कैलिफोर्निया में रहता है, लेकिन किसान आंदोलन शुरू होने के बाद से वह भारत में रहकर आंदोलन में शामिल हैं। जय भगवान भी सिंघू बॉर्डर से साइकिल पर मुजफ्फरनगर रैली के लिए जा रहे थे।
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मेरठ। मुजफ्फरनगर किसान महापंचायत को लेकर मेरठ पुलिस ने भी अलर्ट जारी किया है। जिले के बॉर्डर पर कड़ा पहरा लगाया गया है। सीसीटीवी कैमरों से भी निगरानी करने की बात कही है। पुलिस का कहना है कि महापंचायत में लोगों की आवाजाही को देखते हुए सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस फोर्स लगा दी है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात रहेगी।
मेरठ में दो सुपर जोन और छह जोन बनाए है। जिनकी मॉनिटरिंग एसपी देहात और एसपी सिटी करेंगे। खासतौर पर जिले के बॉर्डर पर सुरक्षा के मद्देनजर सरधना, मवाना, किठौर, सीओ सदर देेहात पुलिस फोर्स के साथ लगाए हैं। वहीं, एसपी सिटी, सीओ ब्रह्मपुरी व सीओ दौराला को परतापुर व दौराला टोल प्लाजा पर तैनात किया गया है। 14 इंस्पेक्टर, 35 दरोगा, 31 महिला कांस्टेबल, 30 पुलिसकर्मी ट्रैफिक पुलिस, 30 होमगार्ड, 133 कांस्टेबल व एक कंपनी पीएसी को तैनात किया जाएगा।
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महापंचायत में काफी संख्या में किसानों की आवाजाही मुरादाबाद, संभल, बुलंदशहर, हापुड़, मेरठ समेत कई जनपदों से जारी है। देर रात तक जिले के बॉर्डर पर पुलिस फोर्स मुस्तैद किया गया है, जिससे किसानों को कोई परेशानी न हो। बताया गया कि किसानों की सुरक्षा के मद्देनजर एसएसपी ने शनिवार रात में खुद ही बॉर्डर पर जाकर जांच की और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों से बात भी की। एसएसपी प्रभाकर चौधरी का कहना कि पुलिस का ज्यादा फोकस मुजफ्फरनगर जाने वाले मार्ग पर है। इसको देखते ही पुलिस की ड्यूटी लगाई है।
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यह फोर्स मुजफ्फरनगर में भेजी
मेरठ से एसपी क्राइम और सीओ दौराला, नौ इंस्पेक्टर 30 दरोगा व 150 कांस्टेबल की ड्यूटी मुजफ्फरनगर में लगी है। शनिवार शाम को पुलिस फोर्स रवाना हो गई है। वहीं, मुजफ्फरनगर के अलावा 20 सीओ, एक डीआईजी, सात एसपी (शामली, सहारनपुर, बागपत भी शामिल), आठ कंपनी पीएसी और दो कंपनी आरएएफ को अतिरिक्त फोर्स मेरठ जोन कार्यालय से लगाया गया है।
किसान महापंचायत को लेकर आबकारी अलर्ट
मेरठ। मुजफ्फरनगर की महापंचायत को लेकर आबकारी विभाग भी अलर्ट हो गया है। शासन से निर्देश मिलने के बाद शनिवार को जिला आबकारी अधिकारी आलोक कुमार की ओर से भी सभी लाइसेंसियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि सभी लाइसेंसी दुकानदारों को हिदायत दी गई है कि वह परिस्थिति को ध्यान में रखते हुए दुकान खोलें। कहीं किसी तरह की विपरीत स्थिति बनती है तो तत्काल दुकान बंद कर दें और वीडियोग्राफी कराएं। उन्होंने बताया कि विभागीय टीमों को भी सक्रिय कर दिया गया है। वह भी संभावित स्थानों पर वर्दी में मौजूद रहकर अपनी ड्यूटी निभाएंगे।
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भारतीय किसान आंदोलन भी लेगा महापंचायत में हिस्सा
मेरठ। भारतीय किसान आंदोलन भी मुजफ्फरनगर में होने वाली किसान-मजदूर महापंचायत में हिस्सा लेगा। यह जानकारी संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलदीप त्यागी ने दी। उन्होंने बताया कि तीन कृषि कानून और एमएसपी को लेकर देश के सभी किसान संगठन एकजुट है। सरकार किसानों में फूट दिखाकर मुट्ठी भर लोगों का आंदोलन दिखाना चाहती है। मुजफ्फरनगर में होने वाली किसान महापंचायत ऐतिहासिक होने जा रही है। उनका संगठन पूरे दलबल के साथ पंचायत में शिरकत करेगा। शनिवार को संगठन नेताओं और किसानों ने महापंचायत में चलने की तैयारी की। इससे पहले गांव-गांव जाकर किसानों से संपर्क किया गया।
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पंचायत में शामिल होने के लिए साइकिल से जा रहे किसान
मेरठ। पंचायत में शामिल होने का जुनून लोगों पर इस कदर है कि साइकिल से भी सैकड़ों किलोमीटर दूर किसान पंचायत में शामिल होने के लिए पहुंच रहे हैं। अंबाला के बड़ौदा गांव निवासी दरार सिंह पिछले एक साल से सिंघू बॉर्डर पर धरने पर हैं, वह किसान पंचायत में शामिल होने के लिए रात को साइकिल से ही मुजफ्फरनगर के लिए निकल पड़े। उनका कहना है या तो सरकार काले कानून वापस लें या हम यहीं पर शहीद हो जाएंगे। युवा किसानों का जोश इस बात से लगाया जा सकता है। मूल रूप से कैथल के पेडल गांव निवासी जय भगवान का पूरा परिवार कैलिफोर्निया में रहता है, लेकिन किसान आंदोलन शुरू होने के बाद से वह भारत में रहकर आंदोलन में शामिल हैं। जय भगवान भी सिंघू बॉर्डर से साइकिल पर मुजफ्फरनगर रैली के लिए जा रहे थे।