आउटर रिंग रोड : हापुड़ रोड से गढ़ रोड को जोड़ने की तैयारी शुरू, पढ़िए पूरा अपडेट
हापुड़ रोड से गढ़ रोड को जोड़ने की तैयारी शुरू कर दी गई है। वहीं कई गांवों में मुआवजे का वितरण भी शुरू हो गया है। पढ़िए पूरा अपडेट।
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उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर के चारों ओर इनर रिंग रोड, आउटर रिंग रोड, हाईवे और एक्सप्रेसवे की सुविधाएं सच साबित होते दिखने लगी हैं। हाईवे और एक्सप्रेसवे के बाद अब आउटर रिंग रोड की कवायद शुरू हो गई है। 31 किमी के आउटर रिंग रोड के छह किमी के हिस्से के लिए हापुड़ रोड से गढ़ रोड को जोड़ने के लिए पांच गांवों मुरलीपुर, जिठौली, जलालपुर, हाजीपुर और शाकरपुर के नाम तय हो गए हैं। इस चरण का निर्माण छह महीने में शुरू होना है।
एनएचएआई मुरादाबाद ने जिला प्रशासन से यहां जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू करने के लिए कहा है। कई गांवों में मुआवजे का वितरण भी शुरू हो गया है। आउट रिंग रोड गढ़ रोड स्थित ग्राम सिसौली (किलोमीटर 32 से) इसी स्थान पर मेरठ से गढ़ फोरलेन हाईवे 709-ए मिलेगा।
हाल ही में एनएचएआई ने मवाना रोड के सलारपुर गांव से रुड़की रोड को 13 किमी जोड़ने के लिए अधिसूचना जारी की थी। दूसरा नोटिफिकेशन होने के बाद इस चरण में आने वाली जमीन फाइनल की जाएगी। इसका निर्माण एनएचएआई मेरठ कर रहा है। अगले चरण में अब ये छह किमी की रिंग रोड ट्रैफिक के दबाव को कम कर देगी। बुलंदशहर, हापुड़ से आने वाला यातायात सीधा गढ़ रोड को चला जाएगा।
हापुड़ रोड से गढ़ रोड को जोड़ेंगे दो मार्ग
एक तरफ आउटर रिंग रोड के इस छह किमी के हिस्से को एनएचएआई मुरादाबाद बनाएगा। वहीं, इनर रिंग रोड के हिस्से में शामिल चार किमी का हिस्सा आवास विकास और एमडीए तैयार कर रहा है। आवास विकास ने कोरोना कर्फ्यू से पहले जागृति विहार एक्सटेंशन में रिंग रोड लगभग पूरा कर लिया है। कुछ किसानों से सहमति बन जाने के बाद ये मार्ग भी हापुड़ रोड से गढ़ रोड़ को जोड़ देगा। इनर रिंग रोड लोहिया नगर मंडी से शुरू होकर गढ़ रोड पर काली नदी से पहले निकलेगा।
ऐसे समझिए 31 किमी का आउटर रिंग रोड
पहला चरण: मवाना रोड से रुड़की रोड (13 किमी)
जिम्मेदारी: एनएचएआई, मेरठ
मौजूदा स्थिति: अधिसूचना जारी, दिसंबर-जनवरी में कार्य शुरू
दूसरा चरण: हापुड़ रोड से गढ़ रोड (छह किमी)
जिम्मेदारी - एनएचएआई, मुरादाबाद
मौजूदा स्थिति: गांवों के नाम तय, छह महीने में निर्माण कार्य प्रस्तावित
तीसरा चरण: मवाना रोड से किला रोड (12 किमी)
जिम्मेदारी: एनएचएआई, मेरठ
मौजूदा स्थिति: अभी फैसला नहीं