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सहारनपुर: 100 करोड़ की लागत से बनेगी 'कांच की मस्जिद’,11 हजार लेजर लाइटों से होगी जगमग
Mon, 25 Nov 2019 01:21 PM IST
Dimple Sirohi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
Published by: Dimple Sirohi
Updated Mon, 25 Nov 2019 01:21 PM IST
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दि इस्लामिक फाउंडेशन के अध्यक्ष पत्रकार वार्ता के दौरान
- फोटो : अमर उजाला
सहारनपुर में 100 करोड़ की लागत से कांच वाली मस्जिद तैयार की जाएगी, जिसका नाम अल्लाह रखा जाएगा। यह मस्जिद 11 हजार लेजर लाइटों से जगमगाएगी। एक साथ एक लाख लोगों के नमाज पढ़ने की व्यवस्था होगी। दि इस्लामिक फाउंडेशन ने इसके लिए खाका तैयार कर लिया है और जमीन की तलाश की जा रही है।
दि इस्लामिक फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहम्मद अली एडवोकेट ने पत्रकार वार्ता के दौरान बताया कि इस मस्जिद के चारों ओर एक हजार सुंदर भवनों का निर्माण किया जाएगा। मस्जिद पूरी तरह बुलेटप्रूफ और भूकंप रोधी होगी। मस्जिद को बनाने के लिए बेल्जियम से इंजीनियर व कारीगर आएंगे।
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दि इस्लामिक फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहम्मद अली एडवोकेट ने पत्रकार वार्ता के दौरान बताया कि इस मस्जिद के चारों ओर एक हजार सुंदर भवनों का निर्माण किया जाएगा। मस्जिद पूरी तरह बुलेटप्रूफ और भूकंप रोधी होगी। मस्जिद को बनाने के लिए बेल्जियम से इंजीनियर व कारीगर आएंगे।
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मस्जिद निर्माण में 90 प्रतिशत कांच का इस्तेमाल किया जाएगा। 10 प्रतिशत कार्य प्लाई, स्टील, सोने व चांदी से होगा। उन्होंने बताया कि भारत में 10 करोड़ मुस्लिम मतदाता हैं। इस्लामिक फाउंडेशन 10 रुपये का चंदा प्रत्येक मुस्लिम से लेगा और साथ में कांच की बोतल व गिलास भी एकत्र किया जाएगा। भविष्य में किसी भी विवाद से बचने के लिए आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया से अनापत्ति प्रमाण पत्र भी लिया जाएगा।
यह मस्जिद किसी शासक, राजा के बजाए आम लोगों के पैसे बनेगी। मस्जिद का निर्माण 2020 से शुरू किया जाएगा। इसके लिए सहारनपुर में जगह की तलाश की जा रही है। 2025 तक मस्जिद बनकर तैयार हो जाएगी। अगर गैर मुस्लिम भी मस्जिद निर्माण में दान देंगे तो उसका उपयोग शरीयत के हिसाब से किया जाएगा। यह मस्जिद पूरी दुनिया में सबसे अलग होगी।
फाउंडेशन के मंडल अध्यक्ष अब्दुल सलाम सहारनपुरी, जिलाध्यक्ष हाजी जलालुद्दीन सिद्दीकी ने बताया कि मस्जिद अल्लाह का निर्माण ट्रस्ट के अंतर्गत होगा, जिसमें प्रत्येक राज्य से एक या दो मुस्लिम धर्मगुरु सदस्य होंगे। इस दौरान हाजी जमील, सरफराज खान, आमित अंसारी, मोहम्मद अजीम, शादाब उमर, अब्दुल मलिक, हाजी आबाद, नूर हसन, नूर मोहम्मद, वलीउल्ला खां, अब्दुल वक्कार, एमए खान मौजूद रहे।
यह मस्जिद किसी शासक, राजा के बजाए आम लोगों के पैसे बनेगी। मस्जिद का निर्माण 2020 से शुरू किया जाएगा। इसके लिए सहारनपुर में जगह की तलाश की जा रही है। 2025 तक मस्जिद बनकर तैयार हो जाएगी। अगर गैर मुस्लिम भी मस्जिद निर्माण में दान देंगे तो उसका उपयोग शरीयत के हिसाब से किया जाएगा। यह मस्जिद पूरी दुनिया में सबसे अलग होगी।
फाउंडेशन के मंडल अध्यक्ष अब्दुल सलाम सहारनपुरी, जिलाध्यक्ष हाजी जलालुद्दीन सिद्दीकी ने बताया कि मस्जिद अल्लाह का निर्माण ट्रस्ट के अंतर्गत होगा, जिसमें प्रत्येक राज्य से एक या दो मुस्लिम धर्मगुरु सदस्य होंगे। इस दौरान हाजी जमील, सरफराज खान, आमित अंसारी, मोहम्मद अजीम, शादाब उमर, अब्दुल मलिक, हाजी आबाद, नूर हसन, नूर मोहम्मद, वलीउल्ला खां, अब्दुल वक्कार, एमए खान मौजूद रहे।