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पूर्व दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री ने एआरटीओ को दौड़ाया
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
Updated Mon, 03 Apr 2017 12:10 PM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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सपा सरकार में दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री रहे मुकेश सिद्धार्थ पर डग्गामार वाहनों की धरपकड़ कर रहे एआरटीओ प्रवर्तन दीपक शाह के साथ अभद्रता करने और टीम को दौड़ाने का आरोप लगा है। एआरटीओ मामले की शिकायत करने एसएसपी आवास पर पहुंचे, लेकिन छुट्टी होने के चलते उनसे मुलाकात नहीं हो सकी। एआरटीओ ने सोमवार को मामले की शिकायत एसएसपी से करने की बात कही है। वहीं मुकेश सिद्धार्थ ने आरोपों को बेबुनियाद बताया है।
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सपा सरकार में उत्तर प्रदेश राज्य अनुसूचित आयोग के उपाध्यक्ष (दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री) रहे मुकेश सिद्धार्थ का ट्रांसपोर्ट का पुराना व्यवसाय है। उन पर बिना परमिट के मेरठ से दिल्ली के लिए दर्जनों बसे डग्गामारी में चलाने के आरोप लगते रहे हैं। आरटीओ का प्रवर्तन दस्ता पिछले एक सप्ताह से डग्गामार वाहनों के खिलाफ अभियान चला रहा है। मवाना और किठौर रोड पर डग्गामार वाहनों का सफाया करने के बाद अब दिल्ली रूट की बारी है। एआरटीओ प्रवर्तन दीपक शाह ने बताया कि रविवार सुबह वे अपनी टीम के साथ दिल्ली रोड पर चलने वाली डग्गामार बसों को पकड़ रहे थे। इसकी सूचना पर वहां मुकेश सिद्धार्थ अपने दर्जनों साथियों और डग्गामार वाहन संचालकों के साथ पहुंचे और उन्हें किसी भी बस पर हाथ लगाने पर भुगत लेने की धमकी दी। उन्होंने सरकारी आदेश का हवाला दिया तो उन्होंने हंगामा कर दिया और मारपीट पर उतारू हो गए। वे वहां से जिधर भी चलते वे पीछे-पीछे वहीं चले आते। इस बीच उनकी सिद्धार्थ लिखी दो बसें निकल गईं।
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सपा सरकार में खूब चलीं डग्गामार बसें
पूर्ववर्ती सपा सरकार में डग्गामार बसें रोडवेज के समानांतर चलती रहीं। बस संचालकों ने अपनी बसों का रंग भी रोडवेज की अनुबंधित बसों के रंग के जैसा करा लिया और बसों पर उत्तर प्रदेश परिवहन की जगह उत्तर प्रदेश परिवार लिख लिया। अनुबंधित बसों की आड़ में ऑपरेटर अपनी डग्गामार बसों को भी चलाकर मोटी कमाई करते रहे। रोडवेज अधिकारी जिला प्रशासन से लेकर शासन तक शिकायत करते रहे, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
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नई सरकार के बाद चल रहा डंडा
प्रदेश में नई सरकार के आते ही आरटीओ का प्रवर्तन दल लगातार डग्गामार वाहनों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है। किठौर रूट पर चल रहे वाहनों को लगभग हटा दिया गया है। आरटीओ सिटी कमल गुप्ता का कहना है कि डग्गामार वाहनों पर कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
आरोप बेबुनियाद
इस संबंध में मुकेश सिद्धार्थ से बात की गई तो उन्होंने पूरे प्रकरण को बेबुनियाद बताया। कहा कि उनकी कोई बस डग्गामारी में नहीं चलती है। सिद्धार्थ लिखी एक बस उनके भाई की है जो मोदीनगर से दिल्ली के लिए चलती है। दीपक शाह ने उनके एक रिश्तेदार से ठेका दिलाने के नाम पर पैसा लिया है। इसकी शिकायत उन्होंने शनिवार को एआरटीओ प्रशासन रंजीत सिंह से की थी। इसके चलते ही वह उन पर इस तरह का आरोप लगा रहे हैं।