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10 के सिक्के लेने में बैंक भी करने लगे आनाकानी
अमर उजाला ब्यूरों
Updated Fri, 21 Oct 2016 02:27 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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10 रुपये के सिक्के लेने में दुकानदारों के अलावा बैंक भी आनाकानी करने लगे हैं। एक दूध व्यापारी ने ईव्ज चौराहा स्थित एक बैंक के खिलाफ 10 -10 रुपये के सिक्के ना लेने की शिकायत की है।
मोहनपुरी निवासी दूध व्यापारी संजीव मित्तल ने बताया कि उन्हें ग्राहक 10-10 रुपये के सिक्के देते हैं। उन्हें लेने से वह मना नहंी कर रहे। उनके पास पांच हजार रुपये के सिक्के जमा हो गए। वह उन्हें जमा करने के लिए ईव्ज चौराहा स्थित एक बैंक शाखा में गया। लेकिन बैंक अधिकारियों ने यह कहकर सिक्के लेने से मना कर दिया कि उनके पास सिक्के गिनने की मशीन नहीं है। व्यापारी का आरोप है कि रिजर्व बैंक ने भी 10 के सिक्के पर किसी तरह की रोक नहीं होने की बात कही है। ऐसे में बैंक इन्हें लेने से मना क्यों कर रहा है। व्यापारी अपनी शिकायत लेकर डीएम कार्यालय पहुंचा। लेकिन डीएम के न मिलने पर वह लौट गया।
इस संबंध में एलडीएम अविनाश तांती ने बताया कि व्यावहारिक तौर पर 10 रुपये के सिक्के गिनने में अधिक समय लगता है। ऐसे में हो सकता है कि काउंटर पर भीड़ होने की वजह से कैशियर ने ऐसा कह दिया हो। वैसे बैंक या कोई भी व्यक्ति इन्हें लेने से मना नहीं कर सकता। बैंक को अपने स्तर से ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए। इस मामले में वह जानकारी कराएंगे।
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मोहनपुरी निवासी दूध व्यापारी संजीव मित्तल ने बताया कि उन्हें ग्राहक 10-10 रुपये के सिक्के देते हैं। उन्हें लेने से वह मना नहंी कर रहे। उनके पास पांच हजार रुपये के सिक्के जमा हो गए। वह उन्हें जमा करने के लिए ईव्ज चौराहा स्थित एक बैंक शाखा में गया। लेकिन बैंक अधिकारियों ने यह कहकर सिक्के लेने से मना कर दिया कि उनके पास सिक्के गिनने की मशीन नहीं है। व्यापारी का आरोप है कि रिजर्व बैंक ने भी 10 के सिक्के पर किसी तरह की रोक नहीं होने की बात कही है। ऐसे में बैंक इन्हें लेने से मना क्यों कर रहा है। व्यापारी अपनी शिकायत लेकर डीएम कार्यालय पहुंचा। लेकिन डीएम के न मिलने पर वह लौट गया।
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इस संबंध में एलडीएम अविनाश तांती ने बताया कि व्यावहारिक तौर पर 10 रुपये के सिक्के गिनने में अधिक समय लगता है। ऐसे में हो सकता है कि काउंटर पर भीड़ होने की वजह से कैशियर ने ऐसा कह दिया हो। वैसे बैंक या कोई भी व्यक्ति इन्हें लेने से मना नहीं कर सकता। बैंक को अपने स्तर से ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए। इस मामले में वह जानकारी कराएंगे।
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