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विश्वविद्यालय के सहायक कुलसचिव डीएस यादव का नया घपला आया सामने

Fri, 30 Dec 2016 11:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ Updated Fri, 30 Dec 2016 11:06 AM IST
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Assistant Registrar of University's new DS Yadav came patchwork front
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

वेटनरी कॉलेज की मान्यता के मामले में 17 लाख के गबन में फंसे सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के सहायक कुलसचिव डीएस यादव का नया घपला सामने आया है। पुलिस और जांच कमेटी के अनुसार डीएस यादव ने दूरस्थ शिक्षा के नाम पर भी खेल किया है। कृषि विवि से हाईकोर्ट की फीस के नाम पर करीब 50 लाख रुपये तक एडवांस लिए। जिसके समायोजन की रसीदें भी फर्जी बताई जा रही हैं।

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विवि के वित्त विभाग ने जो सूची और रिपोर्ट तैयार की है, उसमें दूरस्थ शिक्षा के नाम पर लिए गए एडवांस की रसीदें फर्जी सामने आ रही है। इसके अनुसार डीएस यादव की नियुक्ति वर्ष 2003 में लीगल एडवाइजर के रूप में की गई थी। उस समय यह नियुक्ति दैनिक वेतन कर्मी के रुप में थी। जांच में सामने आया है कि वर्ष 2003-04 में विवि द्वारा एमबीए, कंप्यूटर साइंस आदि कई विषयों के करीब 100 सेंटर दूरस्थ शिक्षा के नाम पर बांटे गए थे। जिसमें छात्रों से मोटी फीस ली गई थी। फर्जीवाड़े की शिकायत पर इन सेंटरों पर रोक लगाते हुए उस समय के कुलपति पीपी सिंह को राजभवन ने सस्पेंड कर दिया था। अब यह आरोप सामने आए हैं कि डीएस यादव ने हाईकोर्ट में लगे इसके केस के नाम पर वर्ष 2003 से 2016 तक करीब 50 लाख रुपये तक एडवांस लिया। एडवांस के बाबत जो रसीदें लगाई गईं, वह भी सही नहीं हैं। जबकि राजभवन ने कृषि विवि को निर्देश दे रखे हैं कि एक से अधिक बार एडवांस लेने पर वह गबन की श्रेणी में आता है। इसके बावजूद भी डीएस यादव ने हाईकोर्ट इलाहाबाद और लखनऊ के नाम पर कई बार लाखों रुपये एडवांस लिए। खुलासा तब हुआ, जब सच संस्था के अध्यक्ष संदीप पहल ने हाईकोर्ट में पीआईएल दाखिल की थी। जांच में फर्जी रसीदें सामने आने पर डीएस यादव के खिलाफ थाना दौराला पर गबन और संबंधित धाराओं में नामजद केस दर्ज कराया गया था।
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डीएस यादव का सुराग नहीं
मूल रूप से मुरादनगर (गाजियाबाद) के गांव पुन्हैड़ा निवासी डीएस यादव का पुलिस सुराग नहीं लगा पाई है। एसएसआई दौराला बृजेश कुमार चौहान का कहना है कि डीएस यादव की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
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एडवांस में हुआ खेल
कृषि विवि के सहायक कुलसचिव ने विवि में हाईकोर्ट की फीस के नाम पर बड़ा गबन किया है। अभी विवि से और जानकारी मांगी गई हैं। हाईकोर्ट को पूरे मामले की जानकारी दी गई है।- संदीप पहल, अध्यक्ष सच संस्था


तथ्यों के आधार पर होगी कार्रवाई           
सहायक कुलसचिव के खिलाफ जांच में गबन का मामला सामने आ रहा है। अन्य बिलों में भी हेराफेरी की गई है। सभी पक्षों को नोटिस जारी कर दिए गए हैं, उनके भी बयान लिए जाएंगे। जो भी तथ्य सामने आएगा उसके आधार पर कार्यवाही की जाएगी।- बीके चौहान, आईओ/एसएसआई थाना दौराला

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