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देवबंदी उलमा ने किया केंद्र सरकार की याचिका का समर्थन, रामजन्मभूमि को लेकर मौलानाओं ने कही ऐसी बात
Wed, 30 Jan 2019 01:08 AM IST
राजेश सैनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देवबंद/सहारनपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देवबंद/सहारनपुर
Published by: राजेश सैनी
Updated Wed, 30 Jan 2019 01:08 AM IST
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देवबंद
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केंद्र सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या में विवादित भूमि को छोड़कर बाकी अधिग्रहीत जमीन रामजन्मभूमि न्यास को लौटाई जाने वाली याचिका दायर करने को लेकर दारुल उलूम का कहना है कि मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है इसलिए इस पर कुछ नहीं कहा जा सकता, जबकि देवबंदी उलमा ने इसका समर्थन करते हुए कहा कि जिस जमीन पर कोई विवाद ही नहीं वो जमीन जिसकी है उसको सौंप देनी चाहिए। जिससे वह अपनी जमीन का इस्तेमाल कर सकें।
अयोध्या में विवादित जमीन को छोड़कर बाकी अधिग्रहीत जमीन रामजन्भूमि न्याय को सौंपे जाने को लेकर केंद्र सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने को लेकर दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी बनारसी ने कहा कि अयोध्या का मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। इसलिए इस पर कुछ नहीं कहा जा सकता। इसपर जो फैसला होगा वो सुप्रीम कोर्ट ही करेगा। वैसे भी अभी उन्हें याचिका दायर करने की जानकारी नहीं है।
मदरसा जामिया शेखुल हिंद के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती असद कासमी का कहना है कि केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में जो याचिका दायर की है हम उसका समर्थन करते हैं। बाबरी मस्जिद और राम मंदिर के अलावा जो दूसरी जमीनें हैं जिसके ऊपर न हिंदुओं और न मुसलमानों का कोई विवाद है। ऐसी जमीनों को जिसकी है उन्हें सौंप देना चाहिए। उन्होंने कहा है कि जिसका हक है वो उन्हें मिल जाए ताकि वह उसका इस्तेमाल कर सकें।
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अयोध्या में विवादित जमीन को छोड़कर बाकी अधिग्रहीत जमीन रामजन्भूमि न्याय को सौंपे जाने को लेकर केंद्र सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने को लेकर दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी बनारसी ने कहा कि अयोध्या का मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। इसलिए इस पर कुछ नहीं कहा जा सकता। इसपर जो फैसला होगा वो सुप्रीम कोर्ट ही करेगा। वैसे भी अभी उन्हें याचिका दायर करने की जानकारी नहीं है।
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मदरसा जामिया शेखुल हिंद के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती असद कासमी का कहना है कि केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में जो याचिका दायर की है हम उसका समर्थन करते हैं। बाबरी मस्जिद और राम मंदिर के अलावा जो दूसरी जमीनें हैं जिसके ऊपर न हिंदुओं और न मुसलमानों का कोई विवाद है। ऐसी जमीनों को जिसकी है उन्हें सौंप देना चाहिए। उन्होंने कहा है कि जिसका हक है वो उन्हें मिल जाए ताकि वह उसका इस्तेमाल कर सकें।
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गरीबों की मदद के लिए आगे आएं आर्थिक रुप से संपन्न लोग : गोरा
ऑल इंडिया दावातुल मुसलीमीन के संरक्षक व प्रसिद्ध आमिल-ए-दीन कारी इस्हाक गोरा ने आर्थिक रूप से संपन्न लोगों से सर्दी के मौसम में फुटपाथ और गरीब इलाकों में रहने वाले लोगों को गर्म कंबल व कपड़े आदि का वितरण किए जाने की अपील की है।
कारी इस्हाक का कहना है कि सर्दी का मौसम सितम ढा रहा है। ऐसे में फुटपाथ पर रहने वाले और गरीबों के पास सर्दी से बचाव के लिए एक चादर तक नहीं है। कोई गत्ता तो कोई टाट ओढ़कर खुद को सर्दी से बचाने का प्रयास कर रहे हैं। जो बहुत अफसोस और फिक्र की बात है।
उन्होंने सभी दीनी इदारों और आर्थिक रूप से संपन्न लोगों से अपील करते हुए कहा कि वह गरीब और असहाय लोगों की मदद करने के लिए आगे आएं और ऐसे लोगों को चिह्नित करते उन्हें कंबल और कपड़े आदि की मदद करें। क्योंकि इंसानी जान बहुत कीमती होती है।
ऑल इंडिया दावातुल मुसलीमीन के संरक्षक व प्रसिद्ध आमिल-ए-दीन कारी इस्हाक गोरा ने आर्थिक रूप से संपन्न लोगों से सर्दी के मौसम में फुटपाथ और गरीब इलाकों में रहने वाले लोगों को गर्म कंबल व कपड़े आदि का वितरण किए जाने की अपील की है।
कारी इस्हाक का कहना है कि सर्दी का मौसम सितम ढा रहा है। ऐसे में फुटपाथ पर रहने वाले और गरीबों के पास सर्दी से बचाव के लिए एक चादर तक नहीं है। कोई गत्ता तो कोई टाट ओढ़कर खुद को सर्दी से बचाने का प्रयास कर रहे हैं। जो बहुत अफसोस और फिक्र की बात है।
उन्होंने सभी दीनी इदारों और आर्थिक रूप से संपन्न लोगों से अपील करते हुए कहा कि वह गरीब और असहाय लोगों की मदद करने के लिए आगे आएं और ऐसे लोगों को चिह्नित करते उन्हें कंबल और कपड़े आदि की मदद करें। क्योंकि इंसानी जान बहुत कीमती होती है।