फराह फैज के बयान पर भड़के देवबंदी उलेमा, सरकार से की कार्रवाई करने की मांग
सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता फराह फैज द्वारा देवबंद में आकर दारुल उलूम और मुस्लिम धर्मगुरुओं पर बयानबाजी को लेकर देवबंदी उलेमा ने सख्त नाराजगी का इजहार करते हुए कहा कि फराह को उलेमा से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने सरकार से फरहा फैज पर कार्रवाई किए जाने की मांग भी की है।
सुप्रीम कोर्ट में तीन तलाक, बहुविवाह और हलाला को लेकर मुस्लिम महिलाओं की लड़ाई लड़ रहीं फरहा फैज ने रविवार को बयान दिया था कि दारुल उलूम की विचारधारा के मदरसे आतंक की शिक्षा देते हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि अगर उलेमा की फतवों की दुकान बंद हो गई तो उनके पास कुछ नहीं बचेगा। फराह फैज की गलत बयानबाजी को लेकर मजलिस इत्तेहाद-ए-मिल्लत के प्रदेशाध्यक्ष मुफ्ती अहमद गौड ने कहा कि संविधान में मुसलमानों का पूरा विश्वास है और संविधान ने ही उन्हें धर्म के अनुसार जीवन गुजारने का अधिकार दिया हुआ है। हमें कोई भी गलत काम करने के लिए बाध्य नहीं कर सकता। कहा कि फरहा फैज वकील है वो केवल वकालत करें। मजहब में दखलअंदाजी न करें।
उन्हें इस्लाम धर्म का जरा भी ज्ञान नहीं है और वह देवबंद में आकर दारुल उलूम और मुस्लिम धर्मगुरुओं को लेकर गलत बयानबाजी कर रही हैं जिसके लिए उन्हें उलेमा से माफी मांगनी चाहिए। साथ ही मुफ्ती अहमद गौड़ ने कहा कि दारुल उलूम और उलमा का नाम लेकर सस्ती लोकप्रियता हासिल करने वाली फरहा फैज के बयान नफरत और घृणा पैदा करने वाले हैं जिनसे मुल्क का माहौल खराब हो सकता है। इसलिए सरकार को चाहिए कि वह फरहा फैज पर कार्रवाई करे।
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