देवबंदी उलमा बोले- योगी सरकार का यह फैसला सराहनीय, भीड़ हिंसा रोकने के लिए उठाया ये कदम
देश में बढ़ती भीड़ हिंसा की घटनाओं को लेकर प्रदेश की योगी सरकार ने सुरक्षात्मक कदम उठाने आरंभ कर दिए हैं। गाय को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने के लिए गौसेवा आयोग द्वारा प्रमाण पत्र जारी किए जाने के निर्णय का उलमा ने स्वागत किया है। कहा कि योगी सरकार का यह फैसला सराहनीय है। लेकिन इसमें यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि प्रमाण पत्र के बाद भी यदि कोई वारदात होती है तो दोषियों को सख्त सजा मिले।
मंगलवार को जमीयत दावतुल मुसलीमीन के संरक्षक व प्रसिद्ध आलिम-ए-दीन कारी इस्हाक गोरा ने कहा कि योगी सरकार ने गायों को सुरक्षा प्रदान करने की जो पहल की है वो सराहनीय है। हिंदुस्तान की पहचान है कि यहां एक दूसरे की आस्था का सम्मान किया जाता है और यह हम सबकी जिम्मेदारी बनती है।
उन्होंने कहा कि पूरे मुल्क में गाय के नाम पर जो कत्लेआम हो रहा है वो सरासर गलत है। सरकार का यह फैसला स्वागत योग्य है। हम भी यही चाहते हैं कि इस तरह का आयोग बने ताकि गाय के नाम पर किसी तरह की जुल्म ज्यादती न हो।
मदरसा दारुल उलूम निसवां के मोहतमिम मौलाना अब्दुल लतीफ कासमी ने कहा कि योगी सरकार के इस फैसला का स्वागत करते हैं। क्योंकि देश में भीड़ हिंसा के मामले बहुत बढ़ रहे हैं। उम्मीद है कि सरकार के इस फैसले के बाद ऐसी घटनाएं नहीं होंगी।
उन्होंने कहा कि प्रमाण पत्र होने के बावजूद भी यदि कोई घटना होती है तो सरकार को चाहिए कि वह सख्त कार्रवाई करे। हालांकि इसमें गारंटी नहीं ली गई है कि प्रमाण पत्र होते हुए भी कोई घटना घटित होती है तो हुकूमत क्या करेगी। सरकार का इसका खुलासा भी करना चाहिए।
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