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सीएमओ कार्यालय के चिकित्सा अधिकारी को डेंगू
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
Updated Fri, 25 Sep 2015 01:31 AM IST
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वायरल के बीच डेंगू के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं। सीएमओ कार्यालय में कंट्रोल रूम पर तैनात चिकित्सा अधिकारी डॉ. वीपी शर्मा डेंगू से पीड़ित हैं। लाला लाजपत राय मेमोरियल मेडिकल कॉलेज में कराए गए एलाइजा टेस्ट के बाद डेंगू की पुष्टि हुई है। वहीं स्वास्थ्य विभाग व्यापक स्तर पर डेंगू मच्छर से बचाव के लिए जागरूकता अभियान संचालित नहीं कर पा रहा है, जिस कारण स्थिति ज्यादा बिगड़ती हुई दिखाई दे रही है।
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डेंगू के चलते चिकित्सकों ने अपना ओपीडी टाइम घटाकर कम कर लिया है, क्योंकि क्लीनिक से ज्यादा मरीज अस्पतालों में भर्ती है। वहीं शहर के तमाम प्रमुख अस्पतालों में खाली बेड नहीं बचे हैं और हर कोई मरीज एक दो दिन बुखार रहने पर तत्काल भर्ती होना चाहता है। हालांकि कुछ अस्पताल भी मरीज को बुखार होते ही भर्ती होने की सलाह दे रहे हैं, जिस कारण से डेंगू के चलते ज्यादा खौफ दिखाई दे रहा है।
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जबकि स्वास्थ्य विभाग से लेकर मेडिकल कॉलेज के सीनियर चिकित्सक लगातार सलाह दे रहे हैं कि डेंगू से घबराने की जरूरत नहीं है। डेंगू से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग की तरफ से गाइड लाइन भी जारी की गई है, लेकिन विभाग की तरफ से प्रचार प्रसार का दायरा सीमित होने की वजह से आम जनता को उसकी जानकारी नहीं मिल पा रही है। ऐसे में अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीज और निजी पैथोलॉजी पर डेंगू की जांच कराने वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है।
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एडी स्वास्थ्य ने अस्पतालों पर कार्रवाई का दिया निर्देश
डेंगू के बीच एडी स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. मंजू वैश्य शर्मा ने मंडल के सभी जिलों के सीएमओ को पत्र लिखकर निर्देश दिया है कि डेंगू की प्रतिदिन शाम चार बजे तक एडी कार्यालय को स्टेट्स रिपोर्ट मुहैया कराई जाए। सभी सीएमओ तत्काल अपने यहां पर संचालित अस्पताल और नर्सिंग को निर्देश जारी करें कि अगर कोई मरीज बुखार में भर्ती होता है तो उसकी जिला चिकित्सालय के माध्यम से एलाइजा जांच कराई जाए। हर नर्सिंग होम और अस्पताल प्रतिदिन सीएमओ कार्यालय को लिखित में रिपोर्ट दे, जो भी ऐसा नहीं करता है उसका पंजीकरण निलंबित और निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाए।