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अब्दुल्लापुर में नगर निगम की टीम को दौड़ाया
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
Updated Fri, 18 Dec 2015 01:47 AM IST
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अब्दुल्लापुर के हंडिया मोहल्ले में बृहस्पतिवार को खसरा नंबर एक पर कब्जा करने गई थाना पुलिस और नगर निगम की टीम को लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। गुस्साए लोगों ने टीम को दौड़ा लिया और कहा कि निगम गरीबों की जमीन हड़पना चाहता है।
भावनपुर थाना क्षेत्र के अब्दुल्लापुर के हंडिया मोहल्ला स्थित खसरा नंबर 12 बीघा क्षेत्र है। उस पर अब्दुलगनी, हकीम और अखलाक का परिवार रहता है। इस जमीन को नगर निगम अधिकारी अपनी जमीन बता रहे हैं। इस पर अवैध कब्जा बताते हुए बृहस्पतिवार को संपत्ति अधिकारी राजेश सिंह, तहसीलदार महेंद्र बहादुर, लेखपाल गुलमेहर सिंह आदि बुलडोजर लेकर पुलिस के साथ कब्जा लेने पहुंचे।
लोगों ने टीम का विरोध करते हुए कहा कि निगम गरीबों की जमीन हड़पना चाहता है। लोगों का बढ़ता आक्रोश देख टीम के पसीने छूट गए। पुलिस भी मूक दर्शक बनकर खड़ी रही। निगम की टीम लौटने लगी तो लोगों ने उनकी गाड़ी को घेर लिया और हंगामा शुरू कर दिया।
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पुलिस ने किसी तरह लोगों को समझाते हुए टीम को वहां से निकाला। रालोद किसान प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष राममेहर सिंह भी वहां पहुंच गए। उन्होंने बताया कि 19 दिसंबर 2008 सिविल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में इस जमीन का वाद विचाराधीन है, अभी कोई फैसला नहीं आया है। बावजूद इसके नगर निगम की टीम जबरन कब्जा करना चाहती है।
निगम और अखलाक दोनों अपनी बता रहे जमीन
अखलाक का कहना है कि जमीन को उनके दादा ने खरीदा था। उस पर उन लोगों के परिवार रहते आए हैं। मामला कोर्ट में विचाराधीन है। उधर, निगम अधिकारियों का कहना है कि पर्याप्त पुलिस फोर्स न होने के कारण कब्जा नहीं मिल पाया। जमीन नगर निगम की है। एसओ भावनपुर मोहन सिंह ने कहा कि अगली बार टीम अपने साथ जमीन से सभी दस्तावेज लेकर कब्जा करने के लिए आएगी।
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भावनपुर थाना क्षेत्र के अब्दुल्लापुर के हंडिया मोहल्ला स्थित खसरा नंबर 12 बीघा क्षेत्र है। उस पर अब्दुलगनी, हकीम और अखलाक का परिवार रहता है। इस जमीन को नगर निगम अधिकारी अपनी जमीन बता रहे हैं। इस पर अवैध कब्जा बताते हुए बृहस्पतिवार को संपत्ति अधिकारी राजेश सिंह, तहसीलदार महेंद्र बहादुर, लेखपाल गुलमेहर सिंह आदि बुलडोजर लेकर पुलिस के साथ कब्जा लेने पहुंचे।
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लोगों ने टीम का विरोध करते हुए कहा कि निगम गरीबों की जमीन हड़पना चाहता है। लोगों का बढ़ता आक्रोश देख टीम के पसीने छूट गए। पुलिस भी मूक दर्शक बनकर खड़ी रही। निगम की टीम लौटने लगी तो लोगों ने उनकी गाड़ी को घेर लिया और हंगामा शुरू कर दिया।
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पुलिस ने किसी तरह लोगों को समझाते हुए टीम को वहां से निकाला। रालोद किसान प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष राममेहर सिंह भी वहां पहुंच गए। उन्होंने बताया कि 19 दिसंबर 2008 सिविल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में इस जमीन का वाद विचाराधीन है, अभी कोई फैसला नहीं आया है। बावजूद इसके नगर निगम की टीम जबरन कब्जा करना चाहती है।
निगम और अखलाक दोनों अपनी बता रहे जमीन
अखलाक का कहना है कि जमीन को उनके दादा ने खरीदा था। उस पर उन लोगों के परिवार रहते आए हैं। मामला कोर्ट में विचाराधीन है। उधर, निगम अधिकारियों का कहना है कि पर्याप्त पुलिस फोर्स न होने के कारण कब्जा नहीं मिल पाया। जमीन नगर निगम की है। एसओ भावनपुर मोहन सिंह ने कहा कि अगली बार टीम अपने साथ जमीन से सभी दस्तावेज लेकर कब्जा करने के लिए आएगी।