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मेरे पति पिंटू की मौत हादसा नहीं हत्या : शशि राणा

Fri, 14 Jul 2017 02:03 AM IST
Updated Fri, 14 Jul 2017 02:03 AM IST
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मेरे पति पिंटू की मौत हादसा नहीं हत्या : शशि राणा
मोदीपुरम/मेरठ। सपा नेता पिंटू राणा की विगत एक जुलाई को फिरोजाबाद में एक्सप्रेस वे पर हुई मौत के मामले में बृहस्पतिवार को पिंटू की पत्नी शशि राणा ने एसएसपी फिरोजाबाद अजय कुमार को प्रार्थनापत्र सौंपा। उन्होंने पिंटू के साथी प्रदीप गर्ग निवासी तेजपाल एंकलेव मेरठ, प्रदीप के चालक दिनेश सैनी निवासी शताब्दी नगर परतापुर सहित चार लोगों पर संगीन आरोप लगाते हुए कहा है कि उनके पति की साजिश के तहत हत्या की गई। एसएसपी ने एसपी फिरोजाबाद को जांच सौंपते हुए एक सप्ताह में रिपोर्ट मांगी है।
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अखिल भारतीय राजपूताना परिवार के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. जयचंद भदौरिया और अपने दोनों बेटों अनंत और अर्चित राणा तथा मधु चौधरी के साथ एसएसपी से मिलने पहुंचीं शशि ने प्रार्थनापत्र में उल्लेखित मुख्य बिंदुओं पर जांच की मांग की। शशि के अनुसार उनके पति राजनैतिक व्यक्ति थे। इस घटना के पीछे प्रॉपर्टी या पैसों का लेनदेन कारण हो सकता है। आरोप है कि उनके पति की सुनियोजित षड्यंत्र के तहत हत्या की गई और इसे हादसा दर्शाया गया।
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ये बताए जांच के बिंदु
- पिंटू अपने हनुमान एंकलेव मोदीपुरम स्थित घर से बैग लेकर गए थे, जिसमें कागजात थे। दो मोबाइल फोन, तीन अंगूठी, सोने की चेन, घड़ी थी। लखनऊ जाते और वहां से आते समय प्रदीप और दिनेश सैनी ही साथ थे। घटना के बाद प्रदीप का जानकार मेरठ निवासी मुकुल जैन व प्रदीप का भतीजा अचानक घटनास्थल पर कैसे पहुंच गए। मुकुल ने ही पिंटू का परिचय प्रदीप से कराया था। अब वह बयान बदल रहा है।
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- दुर्घटनाग्रस्त होने वाली फॉर्च्यूनर गाड़ी यूपी 16 एवी 8715 प्रदीप गर्ग की थी। पिंटू का शव गाड़ी से करीब 300 मीटर पहले पड़ा मिला था। गाड़ी से किसी तरह पिंटू भी बाहर निकल सकते थे। जबकि गाड़ी के लॉक ऑटोमैटिक थे। एक्सीडेंट होने के कारण खिड़कियां अंदर धंस चुकी थीं। पिंटू को कोई खुली चोट नहीं थी। गर्दन पर किसी चीज से वार करना प्रतीत हो रहा है। इससे दुर्घटना संदिग्ध लग रही है।
- पिंटू के दोनों मोबाइल फोन, हीरे की अंगूठियां, सोने की चेन तथा दोनों सूटकेस का न मिलना भी संदिग्धता पैदा करता है।
- घटना के बाद चालक दिनेश बार-बार बयान बदल रहा है। प्रदीप गर्ग ने आज तक कोई संपर्क नहीं किया है।
- घटनाक्रम की बाबत प्रदीप, मुकुल जैन, प्रदीप के भतीजे के मोबाइल फोन की सीडीआर और लोकेशन की जांच होनी चाहिए।
- लखनऊ में यह सब लोग किस-किस होटल में रुके, वहां की सीसीटीवी फुटेज की जांच कराई जाए।
- इस घटना में जब गाड़ी कई पलटियां खाने के बाद पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी तो चालक और प्रदीप गर्ग को अधिक चोट क्यों नहीं लगी। जबकि केवल पिंटू की ही मौत हुई।

डीजीपी, प्रमुख सचिव से मिलेंगे
डॉ. जयचंद भदौरिया पिंटू राणा की मौत के मामले में पहले ही सवाल उठा चुके हैं। उन्होंने इसे हादसा नहीं हत्या बताते हुए मेरठ में आंदोलन की चेतावनी भी दी थी। उनका कहना है कि जल्द ही प्रमुख सचिव गृह और डीजीपी से मिलकर निष्पक्ष जांच कराई जाएगी।
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