फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   रात भर कार में पड़ा रहा शव, कहां थी पुलिस

रात भर कार में पड़ा रहा शव, कहां थी पुलिस

Sun, 29 Oct 2017 02:46 AM IST
Updated Sun, 29 Oct 2017 02:46 AM IST
विज्ञापन
रात भर कार में पड़ा रहा शव, कहां थी पुलिस
मेरठ। नवजीत हत्याकांड में पुलिस की लापरवाही भी सामने आ रही है। नवजीत का खून से लथपथ शव रात भर सड़क पर खड़ी उसकी कार में ड्राइविंग सीट पर पड़ा रहा। लेकिन किसी की नजर इस पर क्यों नहीं गई। बड़ा सवाल है कि रात को गश्त का दम भरने वाली पुलिस को भी ये नजर क्यों नहीं आई।
विज्ञापन

पुलिस के मुताबिक नवजीत की हत्या मध्यरात्रि के आसपास हो चुकी थी। माना जा सकता है कि आम पब्लिक तो पुलिस के झमेेले की वजह से इन सब से बचना चाहती है। लेकिन रात को थाने की गाड़ी से लेकर फैंटम और यूपी 100 पुलिस भी गश्त करती है। ऐसा नहीं कि नवजीत के शव को कार में कहीं छिपाया गया। वह तो ड्राइविंग सीट पर ही पड़ा था, फिर भी किसी का ध्यान इस तरफ न जाना अपने आप में चौंकाने वाली बात है। ये घटना लोगों की संवेदनशीलता के साथ पुलिस की रात्रि गश्त की भी पोल खोल रही है। वहीं, सीओ का कहना है कि मोहल्ले में गोलियां चलने के बावजूद किसी ने थाने पर भी सूचना नहीं दी।
विज्ञापन

परिजनों ने उठाए सवाल
नवजीत की बहन शैल प्रीत ने भी सीओ ब्रह्मपुरी से मिलकर इस पर सवाल उठाया। कहा कि घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर एक व्यक्ति के सिर में चोट लग गई थी। फैंटम वाले घायल को इलाज कराने ले गए थे। लेकिन इसके बाद पूरी रात यहां से कोई पुलिस जीप या फैंटम की नजर कार पर क्यों नहीं गई, ये जांच का विषय है।
विज्ञापन
विज्ञापन

नवजीत ने 100 नंबर पर किया था फोन
शैलप्रीत ने दावा किया कि घटना के वक्त नवजीत ने अपने मोबाइल से 100 नंबर पर कॉल की थी। शैल के मुताबिक उन्होंने शनिवार को पुलिस से नवजीत का मोबाइल लिया है। उसे देखा तो उसके मोबाइल में 100 नंबर पर 22 सेकेंड की कॉल मिली है। यदि शैल का दावा सही है तो ये काफी चौंकाने वाला है।

पुलिस ने नहीं की सुनवाई
नवजीत के परिजनों का आरोप है कि मानव कई अवैध हथियार रखता था। वह नवजीत से मारपीट करता था। हथियार दिखाकर उसे जान से मारने की धमकी देता था। शैलप्रीत के अनुसार उन्होंने थाने में कई बार जाकर मानव के पास हथियार होने और नवजीत के उत्पीड़न की शिकायत की। कई बार तो आधी रात को थाने पहुंचकर दुखड़ा रोया। लेकिन पुलिस ने इसे कभी गंभीरता से नहीं लिया। उसके दर्ज मामलों में गिरफ्तारी के बजाय कागजी खानापूर्ति की गई।
- नवजीत हत्याकांड में खुली पुलिस की रात्रि गश्त की पोल
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed