टीकाकरण में लापरवाही: मेरठ में भाजपा नेता ने डोज लगवाई दो, लिख दी पांच, छठी की दे दी तारीख
मेरठ में स्वास्थ्य विभाग की एक बार फिर बड़ी लापरवाही सामने आई है। सरधना निवासी एक बुजुर्ग ने कोरोना की दो डोज लगवाईं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने प्रमाणपत्र में पांच डोज लिख दी। वहीं छठी डोज के लिए भी ऑनलाइन तिथि बुक कर दी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मेरठ से सटे सरधना के मोहल्ला धर्मपुरी निवासी रामपाल (73) ने कोरोना से बचाव के लिए दोनों टीके लगवा लिए हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही की हद यह है कि उनके नाम पर जो प्रमाणपत्र जारी किया गया है, उसमें तीन बार में पांच डोज लगना दर्शाया गया है। यही नहीं, छठी डोज की संभावित तिथि भी दे दी गई है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग पर अनदेखी का आरोप लगाया है।
नगर के ईकड़ी रोड मोहल्ला धर्मपुरी निवासी रामपाल हिंदू युवा वाहिनी में नगर संयोजक के साथ भाजपा के नगर के 79 बूथ अध्यक्ष हैं। उन्होंने बताया कि 16 मार्च को कोरोना से बचाव का पहला और आठ मई को दूसरा टीका लगवाया।
इसके बाद उन्हें प्रमाणपत्र की आवश्यकता हुई तो सीएचसी पर संपर्क साधा। भाजपा नेता का कहना था कि प्रमाणपत्र नेट पर उपलब्ध नहीं है। कुछ दिन बाद स्वास्थ्य विभाग की मांग पर उन्होंने दोबारा आईडी उपलब्ध करा दी। महीने भर तक वह प्रमाणपत्र के लिए घूमता रहा।
यह भी पढ़ें: बड़ा खुलासा: .32 पिस्तौल ने ली जुबैर और सालिम की जान, हत्या और आत्महत्या के बाद उठे कई सवाल
इसके बाद वह अपना ऑफलाइन टीकाकरण कार्ड लेकर कंप्यूटर सेंटर पर पहुंचा और कोरोना वैक्सीनेशन के पोर्टल से अपना ऑनलाइन प्रमाणपत्र चेक कराया। यहां उसे पता चला कि उसे दो बार नहीं, बल्कि पांच बार वैक्सीनेशन दर्शाया गया है। साथ ही छठा टीका आठ दिसंबर से जनवरी 2022 के बीच में लगवाने के लिए तिथि दी गई है। उसे पहली डोज 16 मार्च, दूसरी डोज आठ मई, तीसरी डोज 15 मई को दर्शायी गई है। चौथी व पांचवीं डोज एक ही दिन 15 सितंबर को दर्शायी गई है।
फरहा के टीकाकरण मामले की चल रही जांच
मोहल्ला सराय अफगनान निवासी फरहा की चार माह पूर्व मौत होने के बाद उसे कोरोना वैक्सीन का टीका लगाए जाने का संदेश छह सितंबर को परिजनों के मोबाइल पर पहुंच गया था। परिजनों ने सीएचसी पहुंचकर मामले की जांच कराई तो फरहा को टीका लगना दर्शाया गया, जबकि बीमारी के चलते चार माह पूर्व उसकी मौत हो चुकी थी। सीएमओ ने प्रकरण की जांच के लिए दो सदस्यीय टीम गठित की है।
मामले की कराएंगे जांच
मामला संज्ञान में नहीं है। यदि इस तरह का मामला है तो जांच में शामिल किया जाएगा।
- डॉ. अमित कुमार त्यागी, सीएचसी प्रभारी, सरधना