फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   constable run mobile of accused

थाने में जमा कराए गए मोबाइल को चलाता रहा सिपाही

Sun, 23 Jan 2022 01:24 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 23 Jan 2022 01:24 AM IST
विज्ञापन
constable run mobile of accused
थाने में जमा कराए गए मोबाइल को चलाता रहा सिपाही
विज्ञापन

मेरठ। छेड़छाड़ के आरोपी की गिरफ्तारी के समय थाने में जमा कराए गए मोबाइल को एक सिपाही चला रहा था। उसका डाटा भी फारमेट कर दिया गया और कवर तक बदला गया। इस मामले का खुलासा जमानत पर आरोपी के छूटने के बाद हुआ। आरोपी की बहन मोबाइल फोन के लिए पांच दिन तक थाने के चक्कर लगाती रही। जब पता चला कि एक सिपाही के पास मोबाइल है तो वह थाने में ही धरने पर बैठ गई। करीब आठ घंटे बाद सिपाही से मोबाइल दिलवाया गया।
मामला नौचंदी थाने से जुड़ा है। पुलिस ने 10 दिसंबर को छेड़छाड़ के एक आरोपी को गिरफ्तार किया था। आरोपी का मोबाइल फोन और बेल्ट थाने में जमा करा लिया गया। पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से जेल भेज दिया गया। 18 जनवरी को युवक जेल से छूटा तो परिजन थाने में जमा उसका सामान लेने आ गए। पता चला कि मोबाइल थाने से गायब है। कई दिन तक थाने का स्टाफ यह बात छिपाकर युवक के परिजनों को टरकाता रहा। शुक्रवार को युवक की बहन और मां दोबारा थाने आ गए। उन्होंने इंस्पेक्टर जितेंद्र कुमार सिंह से शिकायत की तो स्टाफ उनको भी भ्रमित करने लगा। पता चला थाने के सिपाही के पास मोबाइल है। यह सुनकर युवती वहीं परिसर में बैठ गई। उन्हें वापस भेजने की कोशिश की गई लेकिन युवती ने भाई का मोबाइल वापस लिए बिना जाने से मना कर दिया।
विज्ञापन

सुबह 11 बजे से शाम के चार बज गए। इंस्पेक्टर को पता जला तो उन्होंने सिपाही को बुला लिया। इसी दौरान एक व्यक्ति मोबाइल लेकर थाने आया। उसने बताया कि थाने से उनका मोबाइल गायब है, जिसके बदले में सिपाही ने यह फ़ोन उन्हें चलाने को दिया था। इंस्पेक्टर ने सिपाही को फटकार लगाई और युवती को मोबाइल लौटा दिया। बहन और अन्य परिजनों ने आपत्ति जताई कि किसी केस की प्रापर्टी को पुलिस कैसे इस्तेमाल कर सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

--
इनका कहना है---
- थाने में जमा मोबाइल किसी और मोबाइल के साथ बदल गया था। इसका पता चलते ही पुलिस ने तलाश कर उसे वापस मंगाते हुए वास्तविक मालिक को लौटा दिया। लापरवाही पर जवाब मांगा गया है। - जितेंद्र कुमार सिंह, थाना प्रभारी

--
- इस तरह थाने में जमा कराए गए समान को प्रयोग में नहीं लाया जा सकता है। ऐसा है तो मामला गंभीर है। पीड़ित परिवार उनसे शिकायत करे, वह इसकी जांच कराकर दोषियों पर कार्यवाही करेंगे। मोबाइल अगर बदला तो यह भी बड़ी लापरवाही है। - विनीत भटनागर, एसपी सिटी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed