फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   compititive business incresing lady power

चुनौतीपूर्ण उद्यम में बढ़ती नारी शक्ति

Sun, 02 Apr 2017 02:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Sun, 02 Apr 2017 02:20 AM IST
विज्ञापन
compititive business incresing lady power
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
रसोई के साथ शहर की महिलाएं बिजनेस में भी नाम कमा रही हैं। सिलाई, कढ़ाई, बुनाई, पापड़ और खिलौने बनाने के साथ ही मुश्किल उद्योगों को भी मेहनत के बल पर आसान कर रही हैं। जिले में महिला उद्यमियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। लिंगानुपात में इनकी संख्या भले ही घट रही है, जबकि व्यापार में ये सब पर भारी पड़ रही हैं। खुद पर भरोसा, आत्मनिर्भर बनने की चाहत और सरकार की ओर से मिलना वाला सस्ता कर्ज इनके सपनों को पंख लगा रहा है। ये केमिकल, रबड़, खेल उपकरण और बुक प्रिंटिंग इंडस्ट्री में धाक जमा रही हैं।
विज्ञापन

 
ट्रैक सूट बनाकर बनाई पहचान
कंकरखेड़ा निवासी दीपशिखा ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत जिला उद्योग केंद्र से ऋण लेकर अपना छोटा काम शुरू किया। वह कहती हैं आर्थिक संपन्नता और खुद को मजबूत बनाने के लिए मैंने अपना काम करने का मन बनाया। लेकिन पूंजी की परेशानी थी। मुझे योजना की जानकारी मिली और ऋण के लिए आवेदन किया। मैं खिलाड़ियों के लिए ट्रैक सूट बनाकर बेचती हूं। परिवार को मदद भी मिली है।
विज्ञापन


अपने उद्यम से दिया रोजगार
प्रह्लाद नगर निवासी शैला जबी ने प्रदेश सरकार की स्वरोजगार योजना के तहत 10 लाख का ऋण लेकर कूलर बॉडी, इलेक्ट्रानिक आइटम व स्टील अलमारी बनाने का काम शुरू किया। शैला कहती हैं 25 लाख की लागत से काम शुरू किया। 10 लाख का ऋण मिलने से काम और आसान हो गया। मेरे कारखाने पर 10 लोग काम करते हैं, इसमें महिलाएं भी हैं। इस काम से मुझे काफी सम्मान और आर्थिक संपन्नता मिल रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


केमिकल इंडस्ट्री से बनीं आत्मनिर्भर
कंकरखेड़ा निवासी हिना राजवंशी ने ऋण योजना के तहत उद्योग कार्यालय से ऋण लेकर केमिकल मेकिंग इंडस्ट्री स्थापित की है। वह कहती हैं काम हमेशा वो शुरू किया जाए जिसमें सफलता क ी उम्मीद ज्यादा और प्रतियोगिता कम हो। इसलिए मैंने केमिकल मेकिंग का काम शुरू किया। दिनभर केमिकल के बीच रहने के कारण ये काम चुनौती भरा है। दो साल से अपना काम चला रही हूं। मेहनत के बल पर काम बढ़ रहा है। महिलाओं के लिए आर्थिक संपन्नता भी बहुत जरूरी है।

इन उद्योगों के लिए महिलाएं ले रहीं ऋण
जिला उद्योग केंद्र से अपना उद्यम स्थापित करने के लिए महिलाएं फूड प्रिजरवेटर, बेकरी, मोबाइल रिपेयरिंग, साइबर कैफे, कंप्यूटर सर्विस सेंटर, ब्यूटी पार्लर, बुटीक, टेलरिंग, बल्ब फैक्ट्री, सॉफ्ट टाय इंडस्ट्री, रबर फैक्ट्री, केमिकल फैक्ट्री, एंब्रायडरी, वुडन वर्क, आयरन वर्क्स, मिल्क प्रोडक्ट्स, स्पोर्ट्स गुड्स, सेरेमिक डेंटल टीथ, ट्रैक सूट, बुक बाइंडिंग, फोटोस्टेट व स्टेशनरी शॉप, मोबाइल इलेक्ट्रॉनिक, कंप्यूटर असेंबलिंग, सिल्वर ज्वैलरी, वाटर प्यूरिफायर, मसाला चक्की, गारमेंट, बायो कंपोज्ड, आइसक्रीम फैक्ट्री, बेव डिजायनिंग, हेल्पकेयर सेंटर, क्रैच, खादी उद्योग व कपड़ा मेकिंग इंडस्ट्री लगाने के लिए ऋण ले रही हैं।

उद्यम ऋण में महिलाओं के आवेदन
योजना                                             2016     2015      2014   

प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना में आवेदन -   30        22          18
समाजवादी युवा स्वरोजगार योजना में आवेदन - 25       21         15

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed