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मंडलायुक्त ने पकड़ी पटाखों की अवैध फैक्ट्री, मालिक गिरफ्तार

Mon, 04 Sep 2017 09:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ Updated Mon, 04 Sep 2017 09:27 AM IST
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commissonor caught illegal firecrackers factory, owner arrested
फैक्टरी में जांच करते कमिश्नर। - फोटो : अमर उजाला

 जनता नगर में नाले की पटरी पर अवैध बिल्डिंग में चल रही पटाखों की अवैध फैक्ट्री मंडलायुक्त ने पकड़ ली। नाले की पटरी पर एक सिरेे से अवैध बिल्डिंगों में चल रही आठ फैक्ट्रियां देखकर मंडलायुक्त भड़क उठे। उन्होंने जहां नगर निगम के अधिकारियों को फटकार लगायी वहीं थाना नौचंदी इंस्पेक्टर की जमकर क्लास ली। इतना ही नहीं विरोध में आए व्यापारियों को भी आड़े हाथों लिया।  मंडलायुक्त के निर्देश पर पटाखा फैक्ट्री के मालिक को गिरफ्तार करके पुलिस ने फैक्ट्री सील करा दी। एमडीए ने भी सभी आठ फैक्ट्रियों पर भी ताले जड़ दिए। 

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रविवार सुबह लगभग साढ़े नौ बजे मंडलायुक्त डा. प्रभात कुमार नालों का निरीक्षण करने निकल पड़े। वह अपने साथ एमडीए वीसी सीताराम या नगरायुक्त मनोज कुमार, चीफ इंजीनियर कुलभूषण वार्ष्णेय, एडीएम सिटी मुकेश चंद्र, सिटी मजिस्ट्रेट एमपी सिंह, तहसीलदार एमडीए करनवीर सिंह को साथ लेकर कचहरी के पास से गुजर रहे आबूनाले का निरीक्षण करने पहुंचे। जैसे ही वह राजराजेश्वरी मंडप के पीछे जनता नगर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि नाले की पटरी पर अवैध निर्माण करके बहुमंजिली इमारत खड़ी कर ली गयी हैं। वह नाले की तरफ से एक बिल्डिंग में घुसे तो देखा कि अवैध पटाखों की फैक्ट्री चल रही थी। जिसमें हजारों फुलझड़ी रखी थी। कुछ मजदूर फुलझड़ी बनाने का कार्य कर रहे थे। कमिश्नर ने जब पूछताछ शुरू की तो फैक्ट्री मालिक विवेक सरधाना ने  मंडलायुक्त को लाइसेंस और अन्य अभिलेख दिखाते हुए गुमराह करने का प्रयास किया। इतना ही नहीं विवेक ने फैक्ट्री का एक गेट बंद कर दिया। जिस पर मंडलायुक्त का पारा चढ़ गया। बिल्डिंग के नक्शे आदि के कागजात मांगे तो नहीं मिले। उन्होंने तत्काल पुलिस को तलब किया। थाना नौचंदी पुलिस  मौके पर पहुंच गयी। कमिश्नर ने पटाखों की अवैध फैक्ट्री की जानकारी नहीं होने पर नौचंदी इंस्पेक्टर को जमकर लताड़ लगायी और फैक्ट्री मालिक को गिरफ्तार करा दिया। पुलिस ने तीन मजदूरों को भी हिरासत में लिया। हालांकि सामान को जब्त करने के उपरांत मजदूरों को छोड़ दिया। 
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इस दौरान व्यापारी विनोद अरोडा़ आदि व्यापारी इकटठा हो गए। व्यापारियों ने जैसे ही मंडलायुक्त के सामने तर्क देना शुरू किया तो मंडलायुक्त आग बबूला हो गए। उन्होंने बस इतना कहा कि शर्म करो गलत बोलते हुए। इतना सुनकर सभी लोग बगले झांकने लगे।
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पटरी पर कब्जे तो कैसे होंगे नाले साफ 
मेरठ। मंडलायुक्त ने महानगर के नालों की सफाई के लिए सात सितंबर से अभियान चलाने का निर्णय लिया हुआ है। उसी के लिए मंडलायुक्त नाले का निरीक्षण करने निकले थे। शहर के सभी नालों की पटरी पर बहुमुजिले भवन बना लिए गए हैं। यही कारण है कि शहर के नाले नियमित साफ नहीं हो पाते। प्रत्येक वर्ष बरसात में शहर टापू बनता है। हालांकि कमिश्नर ने फिलहाल आबूनाले की सफाई का प्लान तैयार कराया है। माना जा रहा है कि आबूनाला जहां साफ होगा वहीं पटरी भी खाली करायी जाएगी। 


तो पूर्व नगरायुक्त ने बेच दी सरकारी जमीन 
मेरठ। व्यापारियों का कहना था कि सभी फैक्ट्री मालिकों ने नगर निगम से भूमि खरीदी हुई है। जिसके कागज सभी फैक्ट्री मालिकों के पास हैं। नगर निगम में कई लोगों ने पूर्व में धन जमा किया तो कुछ का हाल में जमा किया गया है। व्यापारियों ने बताया कि पूर्व नगरायुक्त से भूमि खरीदी थी। उसी के आधार पर जमीन पर कब्जा किया हुआ है। कोई फैक्ट्री अवैध नहीं है। जब क्षेत्र में आवासीय कालोनी विकसित नहीं हुई थी तब से यहां फैक्ट्री हैं। हालांकि यह बात इसलिए हजम नहीं हो रही है क्योंकि नियमानुसार ऐसा संभव नहीं है। इस पर भी जांच की बात कही जा रही है।

  

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