महापौर समेत 70 पार्षदों को कमिश्नर ने दिलाई शपथ, बधाई देने वालों का लगा तांता
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सहारनपुर के गांधी पार्क मैदान में हुए शपथ ग्रहण समारोह में सहारनपुर के प्रथम महापौर और सभी 70 पार्षदों को शपथ दिलाई गई। शपथ के तुरंत बाद महापौर को बधाई देने वालों का तांता लग गया। महापौर शपथ लेने के तुरंत बाद नगर निगम स्थित अपने कार्यालय पहुंचे, जहां पार्टी कार्यकर्ताओं ने मालाएं पहनाकर उनका स्वागत किया।
शपथ ग्रहण समारोह के लिए गांधी पार्क मैदान में एक मुख्य मंच बनाया गया था, जिसपर महापौर और अधिकारियों को बैठना था। इसके अलावा बगल में एक और मंच बना था, जिसपर पार्षदों के बैठने की व्यवस्था की गई थी। सामने अन्य पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के बैठने की व्यवस्था थी। ठीक 11:37 मिनट पर कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने महापौर संजीव वालिया को शपथ दिलाई। इसके बाद संजीव वालिया ने सभी 70 पार्षदों को शपथ दिलाई। मंच पर राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार भूपेंद्र सिंह, सांसद राघव लखनपाल शर्मा, डीएम पीके पांडेय, विधायक देवेंद्र निम, विधायक प्रदीप चौधरी, भाजपा जिलाध्यक्ष बिजेंद्र कश्यप, विधायक संजय गर्ग, विजयपाल सिंह तोमर, पूर्व विधायक लाजकृष्ण गांधी, पूर्व विधायक राजीव गुंबर, पूर्व विधायक महावीर राणा, महानगर अध्यक्ष अमित गगनेजा आदि मौजूद रहे। इस दौरान राहुल लखनपाल शर्मा, डीसीडीएफ के चेयरमैन अभय चौधरी, महेंद्र सचदेवा, अमित वर्मा आदि मौजूद रहे। शपथ ग्रहण के बाद सभी अधिकारी और जनप्रतिनिधि वहां से निकल गए। नगर निगम कार्यालय में कुर्सी पर बैठने के दौरान समर्थकों ने जय श्रीराम के जयकारे लगाए।
कांग्रेस के विधायकों ने किया किनारा
शपथ ग्रहण समारोह के लिए सभी विधायकों को न्यौता भेजा गया था। शहर के सपा विधायक संजय गर्ग भी मंच पर मौजूद रहे। मगर कांग्रेस के दोनों विधायक मसूद अख्तर और नरेश सैनी कार्यक्रम में नहीं पहुंचे। इसके अलावा देवबंद विधायक ब्रिजेश सिंह और नकुड़ विधायक व राज्य मंत्री डॉ. धर्म सिंह सैनी भी कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए।
मंसूर बदर ने उर्दू में ली शपथ
सभी 70 पार्षदों में दस-दस पार्षदों को शपथ दिलाई। वार्ड संख्या 40 से 50 तक में निर्दलीय पार्षद मंसूर बदर भी शामिल थे। महापौर सभी को हिंदी में शपथ दिला रहे थे, मगर मंसूर बदर उर्दू में शपथ ले रहे थे। ऐसे में उनका शोर अलग ही सुनाई आ रहा था, जिसे लेकर थोड़ी अव्यवस्था महसूस हुई। शपथ के बाद सभी पार्षद जय हिंद बोल रहे थे तो मंसूर बदर ने हिंदुस्तान जिंदाबाद के नारे लगाए। मंसूर ने बताया कि शपथ में उनकी केवल भाषा अलग थी। कहा कि उर्दू भी हिंदुस्तान की पैदा हुई भाषा है, जिससे किसी को भी नफरत नहीं करनी चाहिए।
पार्षदों को पानी तक नहीं मिला
शपथ ग्रहण समारोह की पूरी व्यवस्था नगर निगम ने की थी। शपथ ग्रहण समारोह में मुख्य मंच पर बैठे महापौर, सांसद, विधायक और अधिकारियों के सामने नगर निगम ने नाश्ते की प्लेटें सजवाईं, जबकि दूसरे मंच पर बैठे 70 पार्षदों को पानी तक नहीं पूछा गया। इस बात पर पार्षदों ने समारोह के बाद नाराजगी भी व्यक्त की।
दो पूर्व विधायकों को कुर्सियों से उठाया
शपथ ग्रहण समारोह में नगर निगम की ओर से अनेक अव्यवस्थाएं नजर आईं। मंच बेहद छोटा बनाया गया था। नगर निगम के अधिकारियों का मानना था कि मंच पर महापौर, सांसद, मौजूदा विधायक, कमिश्नर और डीएम रहेंगे। शेष पूर्व विधायकों को बराबर में लगाए गए टेंट में बिठाया जाएगा। मगर कई पूर्व विधायक भी मुख्य मंच पर फ्रंट की कुर्सियों पर जा बैठे। नगरायुक्त ने मंच पर जगह बनाने के लिए पूर्व विधायक राजीव गुंबर और महावीर राणा को कुर्सियों से उठाकर पीछे खड़ा कर दिया। कुर्सी नहीं मिलने पर पूर्व विधायक लाजकृष्ण गांधी ने नाराजगी जताई। इसके बाद किसी तरह पूर्व विधायकों को मुख्य मंच पर अतिरिक्त कुर्सियां डालकर बिठाया गया। इसके अलावा सामने बैठे लोगों के लिए भी कुर्सियों की कमी रही।
सबका साथ और सबका विकास होगा: महापौर
कुर्सी पर बैठते ही महापौर संजीव वालिया ने कहा कि शहर का विकास कराना उनकी पहली प्राथमिकता रहेगी। उन्होंने एक बार फिर उन्हें चुनने के लिए जनता का आभार व्यक्त किया। वादा किया कि वह बिना किसी भेदभाव के शहर का विकास कराएंगे। जनता की सुनवाई के लिए वह 24 घंटे तैयार रहेंगे। मगर एक निर्धारित समय कार्यालय में आम जनता से मिलने का रखा जाएगा।
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