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कोचिंग सेंटरों पर आयकर विभाग का सर्वे
अमर उजाला ब्यूरों
Updated Thu, 25 Aug 2016 02:20 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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संयुक्त आयकर आयुक्त अर्केंद्र सिंह के निर्देशन में बुधवार दोपहर बेगमबाग और पीएल शर्मा रोड स्थित पांच कोचिंग सेंटरों पर सर्वे किया गया। गहनता से पड़ताल करते हुए कोचिंग सेंटरों से कंप्यूटर, लैपटॉप सहित तमाम रिकॉर्ड कब्जे में लिए गए हैं।
आयकर विभाग के अधिकारी युवराज मलिक, संजीव बिनसारिया, एनपी सिंह आदि समेत 37 अधिकारियों की टीम इस अभियान में लगी। जहां गुप्ता क्लॉसेज, परमवीर सिंघल, करमवीर सिंघल, आचार्य इंस्टीट्यूट और अन्वेषण क्लॉसेज का सर्वे किया गया। इस दौरान अधिकारियों की एक टीम कोचिंग सेंटरों पर पढ़ने आये बच्चों से फीस को लेकर बयान दर्ज करती रही। वहीं, दूसरी टीम कोचिंग सेंटर के कार्यालय में रखे कंप्यूटर और रजिस्टरों का निरीक्षण करती रही।
बयान और रिकार्ड में अंतर
आयकर विभाग के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि कोचिंग सेंटर संचालकों द्वारा छात्रों से जो फीस वसूली जाती है, उसका आधा भी रिकॉर्ड में दर्ज नहीं किया जाता है। ऐसे में बड़ी टैक्स चोरी इन कोचिंग संचालकों द्वारा हो रही है।
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रिकॉर्ड में भी दोहरेपन की आशंका
टीम को अंदेशा है कि कोचिंग सेंटर में पढ़ने आने वाले छात्रों की संख्या और रिकॉर्ड में दर्ज छात्रों की संख्या में भी बड़ा खेल किया गया है। क्योंकि सर्वे के दौरान जो बच्चे उपस्थित थे, उसके बाद के बैच में अधिकांश बच्चे कोचिंग नहीं आए, जिससे वास्तविकता का पता चल सके। लेकिन आयकर टीम ने कोचिंग सेंटरों से पूरा रिकॉर्ड कब्जे में ले लिया है। जिसमें दो प्रकार के रजिस्टर भी कई जगह मिले हैं। जिसमें छात्रों की संख्या अलग-अलग नजर आयी है।
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आयकर विभाग के अधिकारी युवराज मलिक, संजीव बिनसारिया, एनपी सिंह आदि समेत 37 अधिकारियों की टीम इस अभियान में लगी। जहां गुप्ता क्लॉसेज, परमवीर सिंघल, करमवीर सिंघल, आचार्य इंस्टीट्यूट और अन्वेषण क्लॉसेज का सर्वे किया गया। इस दौरान अधिकारियों की एक टीम कोचिंग सेंटरों पर पढ़ने आये बच्चों से फीस को लेकर बयान दर्ज करती रही। वहीं, दूसरी टीम कोचिंग सेंटर के कार्यालय में रखे कंप्यूटर और रजिस्टरों का निरीक्षण करती रही।
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बयान और रिकार्ड में अंतर
आयकर विभाग के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि कोचिंग सेंटर संचालकों द्वारा छात्रों से जो फीस वसूली जाती है, उसका आधा भी रिकॉर्ड में दर्ज नहीं किया जाता है। ऐसे में बड़ी टैक्स चोरी इन कोचिंग संचालकों द्वारा हो रही है।
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रिकॉर्ड में भी दोहरेपन की आशंका
टीम को अंदेशा है कि कोचिंग सेंटर में पढ़ने आने वाले छात्रों की संख्या और रिकॉर्ड में दर्ज छात्रों की संख्या में भी बड़ा खेल किया गया है। क्योंकि सर्वे के दौरान जो बच्चे उपस्थित थे, उसके बाद के बैच में अधिकांश बच्चे कोचिंग नहीं आए, जिससे वास्तविकता का पता चल सके। लेकिन आयकर टीम ने कोचिंग सेंटरों से पूरा रिकॉर्ड कब्जे में ले लिया है। जिसमें दो प्रकार के रजिस्टर भी कई जगह मिले हैं। जिसमें छात्रों की संख्या अलग-अलग नजर आयी है।