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सीएम ने पूछा, सुपर स्पेशयलिटी हॉस्पिटल है तो रेफर क्यों किए जाते हैं मरीज
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 10 May 2017 03:00 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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इमरजेंसी का ‘कायाकल्प’ करने केबाद भी अधिकारी सीएम केकई सवालों पर घिर गए। सीएम ने प्राचार्य डॉ. केके गुप्ता से पूछा कि यह स्पेशयलिटी हॉस्पिटल है तो मरीज रेफर क्यों किए जाते हैं? इस पर प्राचार्य ने कहा कि कई स्पेशलिस्ट डॉक्टरों समेत 86 मेडिकल स्टाफ कम है। सीएम का अगला सवाल था कि यहां डायलिसिस मुफ्त क्यों नहीं कराई जाती है। प्राचार्य बोले, यह मेडिकल शिक्षा के अंतर्गत आता है, इसलिए चार्ज लिया जाता है। सीएम ने कहा कि मेडिकल स्वास्थ्य और मेडिकल शिक्षा दोनों में ही डायलिसिस मुफ्त होनी चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि ये मंडल है, यहां आसपास केजिलों से भी मरीज आते होंगे, यहां तो व्यवस्था और बेहतर होनी चाहिए। इस पर प्राचार्य ने कहा, कुछ कमियां हैं, जिन्हें जल्द दूर कर लिया जाएगा। साथ ही उन्होंने दवाइयों के लिए बजट न आने और कम होने की बात भी सीएम से कही।
सीएम योगी आदित्यनाथ सुबह 10:21 बजे मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी पहुंचे। उनकेसाथ प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह भी थे। उन्होंने सबसे पहले मरीजों से हालचाल पूछा। मरीजों से सवाल किए कि क्या परेशानी है, कब भर्ती हुए, इलाज कैसा चल रहा है, दवाइयां मिल रही हैं या बाहर से मंगाते हैं और अब कैसी तबियत है। उनके तीमारदारों से भी बात की। इसके बाद ट्रॉमा सेंटर गए। वहां प्रथम तल पर बने आईसीयू वार्ड में भी मरीजों से बातचीत की। हालांकि किसी भी मरीज ने उनसे शिकायत नहीं की। इसके बाद सेफ हाउस देखकर वापस ग्राउंड फ्लोर पर आए। इस दौरान मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य, एसआईसी (प्रमुख अधीक्षक) आदि उनके सवालों केजवाब देते रहे। 21 मिनट बाद 10:42 बजे जब सीएम इमरजेंसी से रवाना हुए तो मेडिकल कालेज स्टाफ ने राहत की सांस ली। निरीक्षण केदौरान सीएम ने 10 मरीजों से हाल पूछा। मेडिकल कालेज प्राचार्य को कई हिदायतें दीं। इस दौरान मेडिकल कॉलेज के स्टाफ में अफरा-तफरी मची रही। सीएम के जाने केबाद उन्होंने राहत की सांस ली। इस मौके पर मेडिकल कॉलेज के पीआरओ दिनेश राणा, ईएमओ नितिन यादव, ईएमओ अजित चौधरी, विपिन त्यागी मौजूद रहे।
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एमएससी नर्सिंग शुरू करने को कहा
निरीक्षण केदौरान सीएम ने मेडिकल कालेज की इमरजेंसी में बेड की संख्या के बारे में पूछा। साथ ही सवाल किया कि नर्सिंग कोर्स कर चला रहा है या नहीं। जवाब में बीएससी नर्सिंग कोर्स चलाए जाने की बात पर कहा कि बीएससी नर्सिंग की सीटें बढ़ाई जानी चाहिए और एमएससी नर्सिंग भी शुरू कराया जाना चाहिए। इसकेलिए प्रस्ताव बनाकर भेजा जाए।
नहीं लिए गुलदस्ते
सीएम के लिए इमरजेंसी केगेट पर डॉक्टर गुलदस्ते लिए खड़े थे, मगर सीएम ने नमस्कार किया, गुलदस्ते नहीं लिए। इमरजेंसी से जाते समय एक व्यक्ति ने कार में बैठे सीएम को गुलदस्ता देने की कोशिश की, मगर उनकी सुरक्षा में लगे कमांडों ने उसे हटा दिया।
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उन्होंने आगे कहा कि ये मंडल है, यहां आसपास केजिलों से भी मरीज आते होंगे, यहां तो व्यवस्था और बेहतर होनी चाहिए। इस पर प्राचार्य ने कहा, कुछ कमियां हैं, जिन्हें जल्द दूर कर लिया जाएगा। साथ ही उन्होंने दवाइयों के लिए बजट न आने और कम होने की बात भी सीएम से कही।
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सीएम योगी आदित्यनाथ सुबह 10:21 बजे मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी पहुंचे। उनकेसाथ प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह भी थे। उन्होंने सबसे पहले मरीजों से हालचाल पूछा। मरीजों से सवाल किए कि क्या परेशानी है, कब भर्ती हुए, इलाज कैसा चल रहा है, दवाइयां मिल रही हैं या बाहर से मंगाते हैं और अब कैसी तबियत है। उनके तीमारदारों से भी बात की। इसके बाद ट्रॉमा सेंटर गए। वहां प्रथम तल पर बने आईसीयू वार्ड में भी मरीजों से बातचीत की। हालांकि किसी भी मरीज ने उनसे शिकायत नहीं की। इसके बाद सेफ हाउस देखकर वापस ग्राउंड फ्लोर पर आए। इस दौरान मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य, एसआईसी (प्रमुख अधीक्षक) आदि उनके सवालों केजवाब देते रहे। 21 मिनट बाद 10:42 बजे जब सीएम इमरजेंसी से रवाना हुए तो मेडिकल कालेज स्टाफ ने राहत की सांस ली। निरीक्षण केदौरान सीएम ने 10 मरीजों से हाल पूछा। मेडिकल कालेज प्राचार्य को कई हिदायतें दीं। इस दौरान मेडिकल कॉलेज के स्टाफ में अफरा-तफरी मची रही। सीएम के जाने केबाद उन्होंने राहत की सांस ली। इस मौके पर मेडिकल कॉलेज के पीआरओ दिनेश राणा, ईएमओ नितिन यादव, ईएमओ अजित चौधरी, विपिन त्यागी मौजूद रहे।
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एमएससी नर्सिंग शुरू करने को कहा
निरीक्षण केदौरान सीएम ने मेडिकल कालेज की इमरजेंसी में बेड की संख्या के बारे में पूछा। साथ ही सवाल किया कि नर्सिंग कोर्स कर चला रहा है या नहीं। जवाब में बीएससी नर्सिंग कोर्स चलाए जाने की बात पर कहा कि बीएससी नर्सिंग की सीटें बढ़ाई जानी चाहिए और एमएससी नर्सिंग भी शुरू कराया जाना चाहिए। इसकेलिए प्रस्ताव बनाकर भेजा जाए।
नहीं लिए गुलदस्ते
सीएम के लिए इमरजेंसी केगेट पर डॉक्टर गुलदस्ते लिए खड़े थे, मगर सीएम ने नमस्कार किया, गुलदस्ते नहीं लिए। इमरजेंसी से जाते समय एक व्यक्ति ने कार में बैठे सीएम को गुलदस्ता देने की कोशिश की, मगर उनकी सुरक्षा में लगे कमांडों ने उसे हटा दिया।