{"_id":"57153e3b4f1c1b36358b4570","slug":"clay-mining-in-meerut","type":"story","status":"publish","title_hn":"रात गहराते ही मिट्टी खनन कैमरे में कैद ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रात गहराते ही मिट्टी खनन कैमरे में कैद
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ
Updated Tue, 19 Apr 2016 02:15 AM IST
विज्ञापन
रात के अंधरे में मिट्टी खनन करते हुए।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सुप्रीम कोर्ट की रोक के बावजूद मेरठ में धड़ल्ले से मिट्टी खनन हो रहा है। जिसमें पूरी तरह पुलिस और प्रशासनिक अमले की साठगांठ साफ नजर आती है। ‘अमर उजाला’ ने रविवार देर रात भावनपुर थाना क्षेत्र के गांव मेदपुर के जंगल में पड़ताल की तो पूरा सच सामने आ गया। देर रात जनपद के कई थाना क्षेत्रों में खनन माफिया धरती का चीरहरण शुरू कर देते हैं।
विज्ञापन
ऐसी चली पड़ताल और हुआ खुलासा
ग्राम मेदपुर निवासी मंसूर पुत्र मंजूर का खेत ग्राम गांवड़ी से दतावली मार्ग के बीच में दायीं तरफ है। इस कच्चे रास्ते पर थोड़ा आगे जाने पर बायीं तरफ मुड़ने के बाद कुछ दूर चलने पर बायीं तरफ के खेत में मिट्टी खनन चल रहा है। अमर उजाला रिपोर्टर रात करीब 12 बजे जब यहां पहुंचा तो दतावली मार्ग पर मेदपुर मोड़ पर एक सफेद बुलेरो गाड़ी, जिस पर सपा का झंडा लगा था, खड़ी थी। सूत्र ने बताया कि इस गाड़ी में खनन माफिया मौजूद हैं और उसने खनन कर रहे लोगों को सूचित कर दिया है।
विज्ञापन
मौके पर पहुंचे तो सही निकली बात
खनन करने वाले मौके से फरार हो चुके थे, लेकिन उनके पास इतना समय नहीं था कि मौके से जेसीबी और मिट्टी से भरा डंपर हटा पाते। काफी बड़ा खेत कई दिन से लगातार खनन के चलते गहरे तालाब जैसा हो गया है। इस खेत में जेसीबी मशीन और उसके बराबर में मिट्टी से भरा डंपर यूपी 15 सीटी 0474 खड़ा हुआ था, लेकिन आसपास कोई नजर नहीं आ रहा था।
विज्ञापन
पुलिस भी पहुंची मार्ग पर
जिस समय यह रिपोर्टर अपनी गाड़ी से खेत से फोटो खींचकर दतावली मार्ग पर पहुंचा, वहां भावनपुर थाना पुलिस की जीप भी पहुंच गयी। जो अचानक उसी समय पहुंचने पर तमाम सवाल खड़े कर रही थी। सबसे बड़ा सवाल ये था कि उक्त जीप में सवार पुलिसकर्मियाें ने मार्ग के कोने पर संदिग्ध अवस्था में खड़ी बोलेरो गाड़ी में बैठे व्यक्ति से पूछताछ करने तक की कोशिश नहीं की। इससे साफ होता है कि पुलिस इसमें पूरी तरह शामिल है।
गाड़ी रुकी तो चालक भाग निकला
जैसे ही रिपोर्टर की गाड़ी उक्त बोलेरो गाड़ी के सामने रुकी, वैसे ही संदिग्ध बोलेरो गाड़ी का चालक भाग निकला। इस गाड़ी का नंबर भी रिपोर्टर ने नोट कर लिया। सूत्र ने बताया कि मिट्टी खनन माफिया गोकुलपुर निवासी है।
पुलिस ने नहीं की कार्रवाई
तीन दिन पूर्व फोन नंबर 9917237291 से 100 नंबर पर अवैध मिट्टी खनन की सूचना दी गयी थी। जिस पर 9690307551 नंबर से शिकायतकर्ता के नंबर पर फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को पुलिस से बताया, लेकिन जानकारी लेने के बाद कोई कार्रवाई नहीं हुई। जबकि उस दिन तीन जेसीबी और कई डंपर मिट्टी खनन में लगे हुए थे।
नहीं है खनन की स्वीकृति
खनन विभाग के प्रभारी लिपिक मुकेश कुमार के अनुसार उनके कार्यालय से सिर्फ सरकारी कार्यों के लिए मिट्टी खनन की अनुमति दी गयी है। मेदपुर के जंगल में मिट्टी खनन की कोई अनुमति नहीं है। मुकेश कुमार के अनुसार सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार प्राइवेट कार्य के लिए मिट्टी खनन की अनुमति नहीं दी जा रही है।
कुशावली में चल रहा है विवाद
सिर्फ मेदपुर में ही नहीं बल्कि इंचौली, दौराला, पल्लवपुरम, सरधना, कंकरखेड़ा, जानी, खरखौदा और मेडिकल थाना क्षेत्र में बड़ी मात्रा में खनन हो रहा है। सरधना थाना क्षेत्र के गांव कुशावली में तो खनन माफिया आपस में उलझे हुए हैं और जिला प्रशासन तक इसकी शिकायत आ चुकी है। बावजूद इसके पुलिस या तहसील प्रशासन रोकने का प्रयास नहीं कर रहा है।