यूपी : 63 जोड़ों ने सात फेरे लेकर साथ रहने की खाई कसम, 22 ने कहा- कुबूल
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मेरठ में लालकुर्ती स्थित एसजीएम गार्डन सामाजिक समरसता का साक्षी बना। जहां एक ही परिसर में फेरों की वेदियां सजी और निकाह भी पढ़ाया गया। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत जनपद की 85 गरीब कन्याओं का विवाह कराया गया। इस दौरान न केवल उन्हें भविष्य के लिए जरूरी सामान दिया गया, बल्कि आशीर्वाद देने के लिए जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और शहर के तमाम गणमान्य लोग मौजूद रहे।
समाज के सभी वर्गों की गरीब कन्याओं के हाथों में मेहंदी रचवाकर उन्हें खुशियों के साथ ससुराल विदा करने तथा उज्जवल भविष्य को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 85 बेटियों का अपने-अपने धार्मिक रिवाजों के साथ विवाह संपन्न कराया गया। नवयुगलों को सांसद राजेंद्र अग्रवाल, विधायक डॉ. सोमेंद्र तोमर, विधायक रफीक अंसारी, जिलाधिकारी अनिल ढींगरा व सीडीओ आर्यका अखौरी ने सुखी वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद दिया। सामूहिक विवाह समारोह में पूर्व एमएलसी डॉ. सरोजनी अग्रवाल, जिला पंचायत सदस्य डॉ. मीनाक्षी अग्रवाल, नायब शहर काजी जैनुर राशिदीन, आलोक आदि मौजूद रहे।
परिवार ने किए रिश्ते तय
सीडीओ आर्यका अखौरी ने बताया कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत यह कार्यक्रम संपन्न कराया गया। जिसमें परिजनों ने आपसी सहमति से रिश्ते तय किए थे। इसके बाद उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण सामूहिक विवाह योजना के तहत शादी कराई।
63 जोड़ों ने लिए फेरे, 22 ने पढ़ा निकाह
सामूहिक विवाह समारोह में सबसे पहले 63 वर वधू ने फेरे लिए। इस दौरान परिजनों ने विवाह समारोह में गाए जाने वाले लोकगीत भी गाए और नृत्य भी किया। उसके बाद 22 मुस्लिम गरीब कन्याओं का भी विवाह कराया गया। जिन्हें काजी ने एक-एक निकाह पढ़ाते हुए कबूल कराया।
एक दिव्यांग जोड़े ने भी पढ़ा निकाह
सामूहिक विवाह समारोह में दिव्यांग रेशमा का रिश्ता दिव्यांग साजिद के साथ तय हुआ। परिजन रेशमा को गोदी में उठाकर लाए और उसे निकाह पढ़ाया गया।
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