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बिन चिकित्सक सीएचसी बीमार, मरीज लाचार
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माछरा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कई साल से सर्जन एवं महिला चिकित्सक की तैनाती नहीं हो पाई है। सीएचसी में हड्डी रोग चिकित्सक भी नहीं है। इस कारण मरीजों को जिला अस्पताल या मेडिकल काॅलेज के लिए रेफर कर दिया जाता है। ऐसे हालात में सीएचसी स्वयं बीमार है।
चाैधरी शिवनाथ सिंह शांडिल्य पीजी काॅलेज माछरा के नजदीक ही सीएचसी स्थित है। यहां 42 गांवों से भी अधिक के करीब 400 मरीजों से भी अधिक मरीज रोजाना ओपीडी में पहुंचते हैं। स्वास्थ्य केंद्र पर अनेक वर्षों से महिला चिकित्सक नहीं है। महिलाओं की प्रसूति नर्सों द्वारा कराई जा रही है। हड्डी रोग विशेषज्ञ चिकित्सक भी नहीं है। इस कारण हादसों के पीड़ित मरीजों को समुचित इलाज नहीं मिल पाता है। अधिकांश मरीजों को निजी चिकित्सकों के यहां जाना पड़ता है। केंद्र पर रखी कई साल से रखी ईसीजी मशीन धूल फांक रही है। टेक्नीशियन नहीं होने के कारण हजारों कीमत की मशीन आज तक पैकिंग से बाहर नहीं निकल पाई है।
सीएचसी में इनका अभाव :
सर्जन, नाक कान गला रोग विशेषज्ञ, हड्डी रोग विशेषज्ञ और रेडियोलाॅजिस्ट, महिला चिकित्सक, बच्चों के चिकित्सक, नेत्र चिकित्सक और अल्ट्रासाउंड मशीन का अभाव है। इनकी तैनाती नहीं होने के कारण अस्पताल से काफी मरीजों को रेफर कर दिया जाता है या मरीज स्वयं ही निजी अस्पतालों में चले जाते हैं। ऐसे में सीएचसी माछरा की उपयोगिता शून्य के बराबर है।
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वर्जन....
सीएचसी में सर्जन न होने के कारण एक्सीडेंटल और अन्य मरीजों को जिला अस्पताल या मेडिकल काॅलेज के लिए रेफर किया जाता है। चिकित्सकों की कमी को पूरा करने के लिए विभागीय अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। -डाॅ. तरुण राजपूत, प्रभारी अधीक्षक, सीएचसी माछरा
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चाैधरी शिवनाथ सिंह शांडिल्य पीजी काॅलेज माछरा के नजदीक ही सीएचसी स्थित है। यहां 42 गांवों से भी अधिक के करीब 400 मरीजों से भी अधिक मरीज रोजाना ओपीडी में पहुंचते हैं। स्वास्थ्य केंद्र पर अनेक वर्षों से महिला चिकित्सक नहीं है। महिलाओं की प्रसूति नर्सों द्वारा कराई जा रही है। हड्डी रोग विशेषज्ञ चिकित्सक भी नहीं है। इस कारण हादसों के पीड़ित मरीजों को समुचित इलाज नहीं मिल पाता है। अधिकांश मरीजों को निजी चिकित्सकों के यहां जाना पड़ता है। केंद्र पर रखी कई साल से रखी ईसीजी मशीन धूल फांक रही है। टेक्नीशियन नहीं होने के कारण हजारों कीमत की मशीन आज तक पैकिंग से बाहर नहीं निकल पाई है।
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सीएचसी में इनका अभाव :
सर्जन, नाक कान गला रोग विशेषज्ञ, हड्डी रोग विशेषज्ञ और रेडियोलाॅजिस्ट, महिला चिकित्सक, बच्चों के चिकित्सक, नेत्र चिकित्सक और अल्ट्रासाउंड मशीन का अभाव है। इनकी तैनाती नहीं होने के कारण अस्पताल से काफी मरीजों को रेफर कर दिया जाता है या मरीज स्वयं ही निजी अस्पतालों में चले जाते हैं। ऐसे में सीएचसी माछरा की उपयोगिता शून्य के बराबर है।
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सीएचसी में सर्जन न होने के कारण एक्सीडेंटल और अन्य मरीजों को जिला अस्पताल या मेडिकल काॅलेज के लिए रेफर किया जाता है। चिकित्सकों की कमी को पूरा करने के लिए विभागीय अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। -डाॅ. तरुण राजपूत, प्रभारी अधीक्षक, सीएचसी माछरा