फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   chatravratti ke liye guruji

छात्रवृत्ति के लिए गुरुजी बन बैठे छात्र

Thu, 15 Sep 2016 03:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरों
अमर उजाला ब्यूरों Updated Thu, 15 Sep 2016 03:07 AM IST
विज्ञापन
chatravratti ke liye guruji
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
छात्रवृत्ति एवं प्रतिपूर्ति शुल्क हड़पने के लिए शिक्षक ही छात्र बन गए। यही नहीं, फर्जी जाति और आय प्रमाणपत्र लगाकर समाज कल्याण विभाग से छात्रवृत्ति एवं प्रतिपूर्ति शुल्क भी ले लिया। इस खेल में समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों की भी मिलीभगत रही। इस आरोप पर शासन ने जांच शुरू कर दी है।
विज्ञापन


एक शिक्षक का डबल गेम
आरोप है कि बलिया निवासी मिथिलेश कुमार पांडेय छह साल से कृष्णा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट मवाना रोड में शिक्षक हैं। उन्होंने इसी ग्रुप के एक कॉलेज में वर्ष-2013-2014 एमबीए में एडमिशन लिया और छात्रवृत्ति व प्रतिपूर्ति शुल्क के लिए आवेदन कर दिया। इस साल पैसा नहीं मिला, तो वर्ष-2014-2015 में फिर से आवेदन किया। नतीजा बैंक ऑफ इंडिया की बेगमपुल शाखा से उन्हें 50 हजार  रुपये शुल्क प्रतिपूर्ति और 66 सौ रुपये छात्रवृत्ति का भुगतान मिल गया। आरोप है कि सामान्य जाति का होने के बाद भी मिथिलेश ने एससी कैटेगरी से लखनऊ विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित बीएड प्रवेश परीक्षा में भी भाग लिया। आरोप है इन मामलों में फर्जी प्रमाणपत्र लगाए गए और समाज कल्याण विभाग के कर्मचारियों की मिलीभगत रही।
विज्ञापन


वर्ग बदलकर ले लिया पेमेंट
नजीबाबाद निवासी आलोक कुमार भी इसी इंस्टीट्यूट में बतौर शिक्षक तीन साल से काम कर रहे हैं। सामान्य वर्ग से होने के बावजूद उन्होंने एससी कैटेगरी से लखनऊ विवि की बीएड प्रवेश परीक्षा में हिस्सा लिया। फर्जी प्रवेश लिया और प्रतिपूर्ति शुल्क और छात्रवृत्ति के लिए आवेदन कर दिया। इस तरह उन्होंने भी पीएनबी शाखा राठौरपुर से 51250 रुपये शुल्क प्रतिपूर्ति और 53 सौ रुपये छात्रवृत्ति का भुगतान करा लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


शिकायतकर्ता ने भेजा पूरा ब्योरा
इस संबंध में मिली शिकायतों के बाद शासन ने जांच बैठा दी है। अहम बात यह है कि जांच में शिकायतकर्ता ने चेक नंबर, आवेदन नंबर तक सभी मुहैया कराए हैं। प्रमाणपत्रों का ब्योरा भी भेजा है। इस पर शासन ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर प्रकरण की जांच कराने को कहा है। कहा है कि ऐसी और भी शिकायत मिली हैं, जब शुल्क प्रतिपूर्ति एवं छात्रवृत्ति के नाम पर गड़बड़झाला हुआ है। शिकायत यह भी है कि ऐसे कॉलेजों को शुल्क प्रतिपूर्ति एवं छात्रवृत्ति जारी कर दी गई है, जो ब्लैक लिस्टेड हैं। शासन से जांच के आदेश आने के बाद अब विभाग में हड़कंप की स्थिति है। गौरतलब है कि समाज कल्याण विभाग में ऑनलाइन सिस्टम होने के बावजूद गड़बड़झाला थमने का नाम नहीं रहा है।


पुराना है फर्जी दाखिलों का खेल
छात्रवृत्ति एवं प्रतिपूर्ति शुल्क हड़पने के लिए फर्जी दाखिले लेने का खेल पुराना है। दो वर्ष पूर्व हुई जांच में यह सामने आया था कि इस शुल्क को हड़पने के लिए एक रैकेट काम कर रहा है। इसके सदस्य फर्जी ढंग से दाखिला लेते हैं, फिर अगली कक्षा छोड़कर फिर से उसी कक्षा में दूसरे विद्यालय में दाखिला ले लेते हैं। शासन ने ऐसे छात्रों की सूची मांगी थी, जिन्हाेंने पहले साल में ही पढ़ाई छोड़ दी। इस संबंध में अब फिर से जांच शुरू हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed