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लॉकडाउन में पूरे हुए सीसीएसयू के पेंडिंग पड़े काम
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लॉकडाउन में पूरे हुए सीसीएसयू के पेंडिंग पड़े काम
मेरठ। कोरोना महामारी से जहां सारे काम ठप हैं, वहीं लॉकडाउन में सीसीएसयू में सालों से पेंडिंग पड़े काम पूरे हो गए हैं। जिन कार्यों पर पिछले कई सालों में निर्णय नहीं लिया जा सका था, वह एक महीने के अंदर हो गए हैं। प्रोविजनल सर्टिफिकेट और माइग्रेशन के लिए ऑनलाइन आवेदन की शुरुआत हो चुकी है तो वहीं छात्रों को परीक्षा फार्म का प्रिंट कॉलेजों में जमा करने की छूट हो गई है। बैक के रिजल्ट में छात्रों को जहां मार्कशीट अपडेट कराने के लिए कैंपस में चक्कर काटना पड़ता था, उस झंझट से भी अब मुक्ति मिल गई है। आरटीआई में कॉपी देखने के लिए ऑनलाइन आवेदन और डिग्री-मार्कशीट के लिए ऑनलाइन आवेदन भी जून महीने में ही शुरू हो जाएगा।
सीसीएसयू में रोजाना चार सौ से पांच छात्र-छात्राएं मार्कशीट, डिग्री, प्रोविजनल सर्टिफिकेट और माइग्रेशन आदि प्रमाण पत्र बनवाने आते रहे हैं। यहां आकर पहले छात्रों को कैंपस के इलाहाबसद बैंक से फार्म लेकर उसे भरने के बाद छात्र समस्या निवारण केंद्र पर जमा करना होता है। इसके बाद डाक से प्रमाण पत्र घर भेजे जाते हैं। ऐसे में सहारनपुर, नोएडा, गाजियाबाद, बुलंदशहर समेत दूसरे जिलों और राज्यों से भी छात्रों को यहीं आना पड़ता है। कोरोना के कारण लॉकडान हुआ तो 69 हजार शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों को प्रमाण पत्र देने के लिए काउंटर खोला गया। दूर-दराज के छात्रों की परेशानी को देखते हुए तुरंत ही ऑनलाइन आवेदन की शुरुआत कराई गई। जिसके बाद प्रोविजनल सर्टिफिकेट और माइग्रेशन के लिए आवेदन ऑनलाइन शुरू हो गया। अब छात्र सीधे विवि की वेबसाइट पर आवेदन के साथ ऑनलाइन फीस जमा कर रहे हैं। विवि की तरफ से माइग्रेशन बनने के बाद उसको स्कैन करके उनकी ईमेल आईडी पर भेज दिया जा रहा है। रजिस्ट्रार धीरेंद्र कुमार वर्मा बताते हैं कि इन दोनों के अलावा डिग्री और मार्कशीट के लिए भी ऑनलाइन आवेदन इसी महीने में शुरू हो जाएगा।
काटने पड़ते थे मार्कशीट अपडेट कराने को चक्कर
छात्र-छात्राएं जो बैक फार्म भरते हैं, उसमें पास होने पर रिजल्ट तो ऑनलाइन आ जाता था लेकिन उसकी मार्कशीट को अपडेट कराने के लिए छात्रों को खुद चक्कर काटने पड़ते थे। विवि ने कोविड-19 को देखते हुए इस काम को भी पूरा करा दिया। अब जो रिजल्ट आ रहे हैं, उसमें नंबरों के साथ अपडेट मार्कशीट ऑनलाइन मिल रही है। इसका छात्र-छात्राएं प्रिंट ले सकते हैं। सेमेस्टर के अलावा वार्षिक कोर्सों में भी मार्कशीट ऑनलाइन ही मिलेगी।
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आरटीआई में कॉपी देखने नहीं आना पड़ेगा कैंपस
जिन छात्रों को लगता है कि कॉपियों का मूल्यांकन सही नहीं हुआ है तो वह आरटीआई में कॉपी देखते हैं। इसके लिए पहले आवेदन करने और फिर कॉपी लेने के लिए छात्रों को दो बार कैंपस आना पड़ता था। विवि ने ऑनलाइन कॉपी दिखाने का फैसला तो पहले ही ले लिया था लेकिन काम अब कोरोना महामारी के दौरान ही पूूरा हो रहा है। जून महीने में ही इसे शुरू कर दिया जाएगा। जिससे छात्रों को ऑनलाइन ही कॉपी स्कैन करके भेज दी जाएगी।
जल्द करें ऑनलाइन आवेदन
प्रोविजनल सर्टिफिकेट और माइग्रेशन की तरह डिग्री और मार्कशीट के लिए भी इसी महीने से ऑनलाइन आवेदन किया जा सकेगा। रजिस्ट्रार धीरेंद्र कुमार वर्मा बताते हैं कि कंपनी से बात फाइनल हो गई है। जल्द ही वेबसाइट पर इसके लिए आवेदन कर सकेंगे।
डिग्री घर पहुंचाने का टेंडर भी दो दिन में
अब तक छात्रों की डिग्री कॉलेजों में जाती है। छात्रों के वहां से डिग्री नहीं लेने के कारण वो वापस कैंपस में आ जाती है। ऐसे में विवि प्रशासन ने तय किया था कि डिग्री कोरियर के जरिए छात्रों के घर भेजी जाएंगी। इसके लिए टेंडर मांगे थे। दो दिन में इसका काम पूरा हो जाएगा। ऐसे में नए सत्र में छात्रों की डिग्री कोरियर से ही घर पहुंचेगी।
सीसीएसयू के कुलपति प्रो. एनके तनेजा का कहना है कि कोविड-19 ने पूरे विश्व को सोचने पर मजबूर कर दिया है। छात्र-छात्राओं को घर बैठे उनके प्रमाण पत्रों के साथ पढ़ाई होती रहे, इसको लेकर विवि प्रशासन जुटा हुआ है। लॉकडान में इन कार्यों के शुरू होने से छात्रों को बड़ा फायदा हुआ है। जून महीने में ही मार्कशीट-डिग्री और दूसरे कार्यों के लिए ऑनलाइन आवेदन के कार्य पूरे करा दिए जाएंगे।
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मेरठ। कोरोना महामारी से जहां सारे काम ठप हैं, वहीं लॉकडाउन में सीसीएसयू में सालों से पेंडिंग पड़े काम पूरे हो गए हैं। जिन कार्यों पर पिछले कई सालों में निर्णय नहीं लिया जा सका था, वह एक महीने के अंदर हो गए हैं। प्रोविजनल सर्टिफिकेट और माइग्रेशन के लिए ऑनलाइन आवेदन की शुरुआत हो चुकी है तो वहीं छात्रों को परीक्षा फार्म का प्रिंट कॉलेजों में जमा करने की छूट हो गई है। बैक के रिजल्ट में छात्रों को जहां मार्कशीट अपडेट कराने के लिए कैंपस में चक्कर काटना पड़ता था, उस झंझट से भी अब मुक्ति मिल गई है। आरटीआई में कॉपी देखने के लिए ऑनलाइन आवेदन और डिग्री-मार्कशीट के लिए ऑनलाइन आवेदन भी जून महीने में ही शुरू हो जाएगा।
सीसीएसयू में रोजाना चार सौ से पांच छात्र-छात्राएं मार्कशीट, डिग्री, प्रोविजनल सर्टिफिकेट और माइग्रेशन आदि प्रमाण पत्र बनवाने आते रहे हैं। यहां आकर पहले छात्रों को कैंपस के इलाहाबसद बैंक से फार्म लेकर उसे भरने के बाद छात्र समस्या निवारण केंद्र पर जमा करना होता है। इसके बाद डाक से प्रमाण पत्र घर भेजे जाते हैं। ऐसे में सहारनपुर, नोएडा, गाजियाबाद, बुलंदशहर समेत दूसरे जिलों और राज्यों से भी छात्रों को यहीं आना पड़ता है। कोरोना के कारण लॉकडान हुआ तो 69 हजार शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों को प्रमाण पत्र देने के लिए काउंटर खोला गया। दूर-दराज के छात्रों की परेशानी को देखते हुए तुरंत ही ऑनलाइन आवेदन की शुरुआत कराई गई। जिसके बाद प्रोविजनल सर्टिफिकेट और माइग्रेशन के लिए आवेदन ऑनलाइन शुरू हो गया। अब छात्र सीधे विवि की वेबसाइट पर आवेदन के साथ ऑनलाइन फीस जमा कर रहे हैं। विवि की तरफ से माइग्रेशन बनने के बाद उसको स्कैन करके उनकी ईमेल आईडी पर भेज दिया जा रहा है। रजिस्ट्रार धीरेंद्र कुमार वर्मा बताते हैं कि इन दोनों के अलावा डिग्री और मार्कशीट के लिए भी ऑनलाइन आवेदन इसी महीने में शुरू हो जाएगा।
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काटने पड़ते थे मार्कशीट अपडेट कराने को चक्कर
छात्र-छात्राएं जो बैक फार्म भरते हैं, उसमें पास होने पर रिजल्ट तो ऑनलाइन आ जाता था लेकिन उसकी मार्कशीट को अपडेट कराने के लिए छात्रों को खुद चक्कर काटने पड़ते थे। विवि ने कोविड-19 को देखते हुए इस काम को भी पूरा करा दिया। अब जो रिजल्ट आ रहे हैं, उसमें नंबरों के साथ अपडेट मार्कशीट ऑनलाइन मिल रही है। इसका छात्र-छात्राएं प्रिंट ले सकते हैं। सेमेस्टर के अलावा वार्षिक कोर्सों में भी मार्कशीट ऑनलाइन ही मिलेगी।
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आरटीआई में कॉपी देखने नहीं आना पड़ेगा कैंपस
जिन छात्रों को लगता है कि कॉपियों का मूल्यांकन सही नहीं हुआ है तो वह आरटीआई में कॉपी देखते हैं। इसके लिए पहले आवेदन करने और फिर कॉपी लेने के लिए छात्रों को दो बार कैंपस आना पड़ता था। विवि ने ऑनलाइन कॉपी दिखाने का फैसला तो पहले ही ले लिया था लेकिन काम अब कोरोना महामारी के दौरान ही पूूरा हो रहा है। जून महीने में ही इसे शुरू कर दिया जाएगा। जिससे छात्रों को ऑनलाइन ही कॉपी स्कैन करके भेज दी जाएगी।
जल्द करें ऑनलाइन आवेदन
प्रोविजनल सर्टिफिकेट और माइग्रेशन की तरह डिग्री और मार्कशीट के लिए भी इसी महीने से ऑनलाइन आवेदन किया जा सकेगा। रजिस्ट्रार धीरेंद्र कुमार वर्मा बताते हैं कि कंपनी से बात फाइनल हो गई है। जल्द ही वेबसाइट पर इसके लिए आवेदन कर सकेंगे।
डिग्री घर पहुंचाने का टेंडर भी दो दिन में
अब तक छात्रों की डिग्री कॉलेजों में जाती है। छात्रों के वहां से डिग्री नहीं लेने के कारण वो वापस कैंपस में आ जाती है। ऐसे में विवि प्रशासन ने तय किया था कि डिग्री कोरियर के जरिए छात्रों के घर भेजी जाएंगी। इसके लिए टेंडर मांगे थे। दो दिन में इसका काम पूरा हो जाएगा। ऐसे में नए सत्र में छात्रों की डिग्री कोरियर से ही घर पहुंचेगी।
सीसीएसयू के कुलपति प्रो. एनके तनेजा का कहना है कि कोविड-19 ने पूरे विश्व को सोचने पर मजबूर कर दिया है। छात्र-छात्राओं को घर बैठे उनके प्रमाण पत्रों के साथ पढ़ाई होती रहे, इसको लेकर विवि प्रशासन जुटा हुआ है। लॉकडान में इन कार्यों के शुरू होने से छात्रों को बड़ा फायदा हुआ है। जून महीने में ही मार्कशीट-डिग्री और दूसरे कार्यों के लिए ऑनलाइन आवेदन के कार्य पूरे करा दिए जाएंगे।