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लड़कों के हॉस्टल का टेंडर खुला, लड़कियों का कैंसिल
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
Updated Fri, 04 Sep 2015 01:54 AM IST
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सीसीएसयू के आठ हॉस्टलों के बंद पड़े मेस का मामला बृहस्पतिवार को फिर से गरमा गया। छात्रों ने कुलपति का घेराव किया। हंगामे के बाद छह ब्वॉयज हॉस्टल के टेंडर खुल गए। पैसे कम होने के कारण गर्ल्स हॉस्टल के टेंडर कैंसिल कर दिए गए हैं। वहीं छात्रों ने वाई-फाई, बीटेक, एमबीए और एमसीए एडमिशन में योग्यता 60 प्रतिशत से घटाकर 55 प्रतिशत करने की मांग की।
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छात्रों ने बृहस्पतिवार को आदेश प्रधान और मनीष सिंह के नेतृत्व में कुलपति प्रो. एनके तनेजा का घेराव किया। हॉस्टल के मेस नहीं चलने, वाई-ठप रहने और एमबीए, एमसीए और बीटेक में एडमिशन की योग्यता 60 प्रतिशत से घटाकर 55 प्रतिशत करने की मांग की। कुलपति ने वाई-फाई बंद रहने की समस्या पर कंपनी को बुलाकर शिकायत दूर करने का आश्वासन दिया।
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एडमिशन की योग्यता में परसेंटेज में छूट देने की मांग पर विचार करने को कहा। विवि ने ब्वॉयज हॉस्टल के टेंडर फाइनल कर दिए हैं। 70 रुपये डाइट पर टेंडर छूटा है। लड़कियों की लिए 54.80 रुपये पर टेंडर डला था। इसे विवि ने कम बताकर खारिज कर दिया। विवि का कहना है इसका असर खाने की गुणवत्ता पर पड़ेगा। पिछले साल लड़कियों के मेस का टेंडर 59.50 डाइट पर छूटा था। लड़कियों के हॉस्टलों की टेंडर प्रक्रिया दोबारा पूरी होने में करीब 15 दिन और लगेंगे।
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क्योंकि लड़कियां कम खाती हैं
लड़कियों के हॉस्टल का टेंडर कम पर छूटता है। अधिकारियों का मानना है कि लड़कियां कम खाती हैं। वैसे इसकी वजह और भी हैं। गर्ल्स हॉस्टल में खाना बर्बाद नहीं होता। नेतागिरी में मेस संचालक को मुफ्त में खाना खिलाना नहीं पड़ता। पंगे भी कम होते हैं।