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बिना वाहन संख्या के ईवे बिल अमान्य होगा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 28 Jan 2018 12:04 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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एक फरवरी से ईवे बिल लागू होने वाला है, जिसकी तैयारियां शुरू हो गई हैं। शनिवार को वाणिज्य कर विभाग ने इसकी गाइड लाइंस जारी की है। बिना वाहन संख्या के ईवे बिल अमान्य होगा। इसके अलावा 29 जनवरी को दोपहर 12 बजे से वाणिज्य कर विभाग ईवे बिल का प्रशिक्षण भी देगा।
वाणिज्य कर के एडिशनल कमिश्नर वीएन सिन्हा ने बताया कि एक फरवरी से राज्य में पूर्व में प्रचलित ईवे बिल टीडीएफ और अपंजीकृत व्यापारियों केलिए डाउनलोड की जाने वाली ईवे बिल व्यवस्था स्वत: ही समाप्त हो जाएगी। 50 हजार से अधिक के माल का परिवहन करने के लिए परिवहन कर्ता को ईवे लि डाउनलोड करना अनिवार्य है। ईवे बिल जीएसटी के कॉमन पोर्टल ईवेबिल डॉट निक डॉट इन से पंजीकृत आपूर्तिकर्ता, प्राप्तकर्ता व्यापारी और ट्रांसपोर्टर द्वारा डाउनलोड किया जा सकता है। ईवे बिल जनरेट होने पर व्यापारी को उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर या ईमेल पर सूचना दी जाएगी।
प्रत्येक ईवे बिल के होंगे दो भाग
भाग ए में आपूर्तिकर्ता व्यापारी, प्राप्तकर्ता व्यापारी, संबंधित ट्रांसपोर्टर के विवरण को अंकित किया जाएगा। जीएसटीएन अंकित करने पर पिन कोड सहित पूरा विवरण डेटाबेस से उपलब्ध हो जाएगा। पंजीकृत व्यापारियों को अलग से पिन कोड अंकित करने की आवश्यकता नहीं होगी। अंपजीकृत आपूर्तिकर्ता या प्राप्तकर्ता के ममले में पिन कोड का अंकन अनिवार्य होगा। भाग बी में संबंधित वाहन को अंकित किया जाएगा।
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वाणिज्य कर के एडिशनल कमिश्नर वीएन सिन्हा ने बताया कि एक फरवरी से राज्य में पूर्व में प्रचलित ईवे बिल टीडीएफ और अपंजीकृत व्यापारियों केलिए डाउनलोड की जाने वाली ईवे बिल व्यवस्था स्वत: ही समाप्त हो जाएगी। 50 हजार से अधिक के माल का परिवहन करने के लिए परिवहन कर्ता को ईवे लि डाउनलोड करना अनिवार्य है। ईवे बिल जीएसटी के कॉमन पोर्टल ईवेबिल डॉट निक डॉट इन से पंजीकृत आपूर्तिकर्ता, प्राप्तकर्ता व्यापारी और ट्रांसपोर्टर द्वारा डाउनलोड किया जा सकता है। ईवे बिल जनरेट होने पर व्यापारी को उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर या ईमेल पर सूचना दी जाएगी।
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प्रत्येक ईवे बिल के होंगे दो भाग
भाग ए में आपूर्तिकर्ता व्यापारी, प्राप्तकर्ता व्यापारी, संबंधित ट्रांसपोर्टर के विवरण को अंकित किया जाएगा। जीएसटीएन अंकित करने पर पिन कोड सहित पूरा विवरण डेटाबेस से उपलब्ध हो जाएगा। पंजीकृत व्यापारियों को अलग से पिन कोड अंकित करने की आवश्यकता नहीं होगी। अंपजीकृत आपूर्तिकर्ता या प्राप्तकर्ता के ममले में पिन कोड का अंकन अनिवार्य होगा। भाग बी में संबंधित वाहन को अंकित किया जाएगा।
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