भाकियू ने ऊर्जा भवन पर जड़ा ताला, अधिकारियों को बनाया बंधक
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मेरठ में ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कनेक्शन की दरों में 350 प्रतिशत और नलकूप की दरों में 60 प्रतिशत की वृद्धि सहित किसानों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को लेकर भाकियू ने पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम का घेराव किया। किसानों ने अधिकारियों और कर्मचारियों को बाहर निकालकर ऊर्जा भवन में तोड़फोड़ कर ताला जड़ दिया। वहीं दो अधिकारियों को बंधक बना लिया। देर शाम पीवीवीएनएल एमडी ने किसानों की मांगों को शासन स्तर पर भेजने को कुछ को खुद अपने स्तर से पूरा करने का आश्वासन दिया।
भाकियू राष्ट्रीय प्रवक्ता चौ. राकेश टिकैत के नेतृत्व में बुधवार को पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लि. से जुड़े जनपद मेरठ, गाजियाबाद, बुलंदशहर, गौतमबुद्धनगर, हापुड़, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, मुरादाबाद, रामपुर, संभल, बिजनौर, शामली, बागपत आदि जनपदों के किसान बस, ट्रैक्टर ट्रालियों में सवार होकर विवि रोड स्थित ऊर्जा भवन पहुंचे। भाकियू कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए परिसर में तंबू गाड़ दिया। कार्यकर्ताओं ने ऊर्जा भवन से अधिकारियों को बाहर निकालकर ताला जड़ दिया। इसके बाद किसानों ने विद्युत विभाग यतीश वत्स, निदेशक कार्मिक और एसीएम को बंधक बना लिया। देर शाम ऊर्जा भवन पहुंचे पीवीवीएनएल के एमडी के साथ किसान नेताओं की वार्ता हुई। जिनमें से कुछ मांगों को शासन स्तर की बताते हुए शासन को भेजने का आश्वासन दिया। साथ ही कुछ को अपने स्तर से पूरी करने का आश्वासन दिया। देर रात्रि तक किसानों की वार्ता चलती रही। इस दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा। वहीं भाकियू नेता राकेश टिकैत ने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा के संकल्प पत्र में बिजली दरों में 50 प्रतिशत की कमी का वादा किया था, लेकिन अब विभाग ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू कनेक्शन की दरों में 350 प्रतिशत और नलकूप की दरों में 60 प्रतिशत वृद्धि करना का प्रस्तावित किए हुए है। जिससे सीधे सीधे किसान की कमर तोड़ने की तैयारी है।
यह थीं मांगें
डार्क जोन के किसानों को बिजली कनेक्शन जारी किए जाएं। 72 घंटे में फुंके ट्रांसफार्मर बदले जाएं। किसानों पर दबाव बनाकर पावर में वृद्धि न की जाए। किसानों पर लगाए जाने वाले सभी सरचार्ज माफ किए जाएं। ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे बिजली दी जाए। बिजली बिल के दस हजार बकाया होने पर रिपोर्ट दर्ज न हो। उपभोक्ताओं को पास बुक जारी की जाए। ग्रामीणों को डाकघर में बिल जमा करने की सुविधा दी जाए।
रात नौ बजे तक चली वार्ता
किसान नेता अपनी मांगों को लेकर दिनभर धरना देते रहे। मौके बंधक बनाए गए अधिकारियों पर दबाव बनाते हुए एमडी अभिषेक प्रकाश को किसानों की बीच आने की मांग करते रहे। राकेश टिकैत की शाम साढ़े चार बजे एमडी से फोन पर वार्ता होने के बाद जहां किसानों ने ऊर्जा भवन के ताले खोले। वहीं दोनों अधिकारियों को बंधन मुक्त किया। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं की गयी तो ऊर्जा भवन में पशु बांधे जाएंगे। शाम साढ़े छह बजे पीवीवीएनएल एमडी ऊर्जा भवन पहुंचे। उन्होंने किसान नेताओं के साथ सभागार में वार्ता की। रात्रि लगभग नौ बजे तक चली वार्ता में किसान कुछ बिंदुओं पर संतुष्ट हुए तो कुछ पर असंतुष्ट रहे। हालांकि बाद में भाकियू नेताओं ने धरना समाप्त करने का निर्णय ले लिया। इस अवसर पर भाकियू प्रदेश अध्यक्ष राजवीर सिंह, देशपाल सिंह, विनय कुमार, डा. नौसिंह, बिजेंद्र यादव, उम्मेद सिंह, आनंद कुमार, ओमपाल मलिक, मांगेराम त्यागी, चरण सिंह, राजू अहलावत, जावेद तोमर, दिगंबर सिंह, महेंद्र सिंह, डूंगर सिंह, शंकर सिंह यादव, गुड्डू प्रधान, बिजेंद्र सिंह, प्रताप चौधरी, अजयपाल शर्मा, धनवीर शास्त्री, हसीब अहमद, गजेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
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