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बेंच की मांग पर वकीलों ने कराया तीन घंटे टोल फ्री
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 08 Dec 2016 01:58 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के क्रम में बुधवार को केंद्रीय संघर्ष समिति ने दोपहर 12 बजे से तीन बजे तक सिवाया टोल प्लाजा फ्री करा दिया। टोल प्रबंधन के विरोध करने पर उनकी वकीलों से तीखी नोकझोंक हो गई। तीन बजे से पहले टोल चलाने पर बूथों के बूम तोड़ दिए गए। जिससे टकराव होते बचा।
पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार केंद्रीय संघर्ष समिति के पदाधिकारी और काफी संख्या में वकील टोल प्लाजा पर दोपहर 12 बजे से पहले ही पहुंच गए थे। उन्होंने टोल की सभी लेनों पर हाईकोर्ट बेंच की मांग से संबंधित स्टीकर लगाते हुए टोल टैक्स नहीं लेने दिया। साथ ही वाहनों में सवार यात्रियों से बेंच आंदोलन में समर्थन देने की अपील की। इस दौरान वकीलों ने टोल पर ही धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।
समिति के चेयरमैन गजेंद्र पाल सिंह एडवोकेट एवं संयोजक अजय कुमार शर्मा ने कहा कि पिछले 40 साल से वेस्ट यूपी में बेंच की मांग के लिए वकील संघर्ष कर रहे है। लेकिन अभी तक बेंच नहीं दी गई है। जबकि यह मांग जनहित से जुड़ी है। इलाहाबाद हाईकोर्ट में लंबित मुकदमों की समय से सुनवाई नहीं हो पा रही है। यदि वेस्ट यूपी में बेंच बनेगी तो अपने मुकदमों की पैरवी के लिए लोगों को समय और पैसों दोनों की बचत होगी। प्रदर्शन में मेरठ, बागपत, शामली, गाजियाबाद, कैराना, मुजफ्फरनगर, हापुड़, अमरोहा आदि कचहरी के वकील शामिल थे।
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इस बीच दोपहर तीन बजे से पांच मिनट पहले जब टोल वसूली शुरू की गई तो वकील भड़क गए और कई बूथों के बूम तोड़कर टोल फिर फ्री करा दिया। इस प्रदर्शन को भारतीय किसान आंदोलन ने समर्थन दिया। इस दौरान मुजफ्फरनगर जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रमोद त्यागी, सचिव सुरेंद्र मलिक, पूर्व अध्यक्ष ठा. अनूप सिंह, राजपाल सिंह चाहल, सिविल बार एसोसिएशन मुजफ्फरनगर के महामंत्री बिजेंद्र सिंह मलिक, बार एसोसिएशन सरधना के कुंवर लियाकत अली खान, जिला बार एसोसिएशन बिजनौर के अध्यक्ष राजीव चौहान, महामंत्री अजीत पंवार, मेरठ बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अजय त्यागी, गजेंद्र सिंह धामा, धीरेंद्र दत्त शर्मा, पूर्व महामंत्री पंकज शर्मा, राजेंद्र सिंह जानी, जितेंद्र सिंह बना, तरुण ढाका, मुकेश वालिया, सुधीर पंवार, संजय शर्मा, वरिष्ठ अधिवक्ता केके पाहवा, अब्दुल जब्बार खां, सुनील मलिक, पीतांबर सिंह त्यागी, चरण सिंह त्यागी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष कौसर नदीम, पूनम वशिष्ठ, शाहीन परवीन, निर्मला भारद्वाज, ओमकार सिंह तोमर, कुमारी शबनम, बीरेंद्र कुमार, राजकरण सिंह, राकेश शर्मा, अजय पाठक, ममता तिवारी, फजल हसनैन जैदी, संतोष कुमार सिंह, कुंवर विनय सिहं, शिमला सागर, यशोदा यादव, कुलदीप त्यागी, अजय भराला, आशीष गुर्जर, शिवकुमार शर्मा, मदन प्रधान, विपिन, राजीव, सौरभ, अंकुर मुखिया आदि मौजूद रहे। बेंच की आगामी रणनीति बनाने के लिए 14 दिसंबर को बागपत में केंद्रीय संघर्ष समिति की बैठक होगी।
टोलवे कंपनी को लगा फटका
तीन घंटे टोल फ्री कराने पर टोलवे कंपनी को करीब सात लाख रुपये की क्षति हुई है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) के निर्देश पर टोल प्रबंधन ने इस प्रदर्शन की वीडियोग्राफी कराई है।
इससे क्या बेंच मिल जाएगी
टोल प्लाजा पर वकीलों का यह प्रदर्शन अवैधानिक था। इसके बारे में पहले से कोई सूचना नहीं दी गई थी। वकीलों को टोल फ्री करने से क्या हाईकोर्ट बेंच मिल जाएगी। टोल प्राईवेट कंपनी से जुड़ा हुआ है। वकीलों का यह रवैया ठीक नहीं है। इस पूरे मामले की रिपोर्ट एनएचएआई और कंपनी को भेज दी गई है।- जीवी रंगासाई, टोल डायरेक्टर
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पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार केंद्रीय संघर्ष समिति के पदाधिकारी और काफी संख्या में वकील टोल प्लाजा पर दोपहर 12 बजे से पहले ही पहुंच गए थे। उन्होंने टोल की सभी लेनों पर हाईकोर्ट बेंच की मांग से संबंधित स्टीकर लगाते हुए टोल टैक्स नहीं लेने दिया। साथ ही वाहनों में सवार यात्रियों से बेंच आंदोलन में समर्थन देने की अपील की। इस दौरान वकीलों ने टोल पर ही धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।
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समिति के चेयरमैन गजेंद्र पाल सिंह एडवोकेट एवं संयोजक अजय कुमार शर्मा ने कहा कि पिछले 40 साल से वेस्ट यूपी में बेंच की मांग के लिए वकील संघर्ष कर रहे है। लेकिन अभी तक बेंच नहीं दी गई है। जबकि यह मांग जनहित से जुड़ी है। इलाहाबाद हाईकोर्ट में लंबित मुकदमों की समय से सुनवाई नहीं हो पा रही है। यदि वेस्ट यूपी में बेंच बनेगी तो अपने मुकदमों की पैरवी के लिए लोगों को समय और पैसों दोनों की बचत होगी। प्रदर्शन में मेरठ, बागपत, शामली, गाजियाबाद, कैराना, मुजफ्फरनगर, हापुड़, अमरोहा आदि कचहरी के वकील शामिल थे।
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इस बीच दोपहर तीन बजे से पांच मिनट पहले जब टोल वसूली शुरू की गई तो वकील भड़क गए और कई बूथों के बूम तोड़कर टोल फिर फ्री करा दिया। इस प्रदर्शन को भारतीय किसान आंदोलन ने समर्थन दिया। इस दौरान मुजफ्फरनगर जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रमोद त्यागी, सचिव सुरेंद्र मलिक, पूर्व अध्यक्ष ठा. अनूप सिंह, राजपाल सिंह चाहल, सिविल बार एसोसिएशन मुजफ्फरनगर के महामंत्री बिजेंद्र सिंह मलिक, बार एसोसिएशन सरधना के कुंवर लियाकत अली खान, जिला बार एसोसिएशन बिजनौर के अध्यक्ष राजीव चौहान, महामंत्री अजीत पंवार, मेरठ बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अजय त्यागी, गजेंद्र सिंह धामा, धीरेंद्र दत्त शर्मा, पूर्व महामंत्री पंकज शर्मा, राजेंद्र सिंह जानी, जितेंद्र सिंह बना, तरुण ढाका, मुकेश वालिया, सुधीर पंवार, संजय शर्मा, वरिष्ठ अधिवक्ता केके पाहवा, अब्दुल जब्बार खां, सुनील मलिक, पीतांबर सिंह त्यागी, चरण सिंह त्यागी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष कौसर नदीम, पूनम वशिष्ठ, शाहीन परवीन, निर्मला भारद्वाज, ओमकार सिंह तोमर, कुमारी शबनम, बीरेंद्र कुमार, राजकरण सिंह, राकेश शर्मा, अजय पाठक, ममता तिवारी, फजल हसनैन जैदी, संतोष कुमार सिंह, कुंवर विनय सिहं, शिमला सागर, यशोदा यादव, कुलदीप त्यागी, अजय भराला, आशीष गुर्जर, शिवकुमार शर्मा, मदन प्रधान, विपिन, राजीव, सौरभ, अंकुर मुखिया आदि मौजूद रहे। बेंच की आगामी रणनीति बनाने के लिए 14 दिसंबर को बागपत में केंद्रीय संघर्ष समिति की बैठक होगी।
टोलवे कंपनी को लगा फटका
तीन घंटे टोल फ्री कराने पर टोलवे कंपनी को करीब सात लाख रुपये की क्षति हुई है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) के निर्देश पर टोल प्रबंधन ने इस प्रदर्शन की वीडियोग्राफी कराई है।
इससे क्या बेंच मिल जाएगी
टोल प्लाजा पर वकीलों का यह प्रदर्शन अवैधानिक था। इसके बारे में पहले से कोई सूचना नहीं दी गई थी। वकीलों को टोल फ्री करने से क्या हाईकोर्ट बेंच मिल जाएगी। टोल प्राईवेट कंपनी से जुड़ा हुआ है। वकीलों का यह रवैया ठीक नहीं है। इस पूरे मामले की रिपोर्ट एनएचएआई और कंपनी को भेज दी गई है।- जीवी रंगासाई, टोल डायरेक्टर