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बैंक में चार लाख से ऊपर जमा किया है तो घर पहुंचेगा इनकम टैक्स का नोटिस
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
Updated Fri, 24 Feb 2017 12:26 PM IST
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बैंकों में खाता धारकों का रिकार्ड अपडेट कर आयकर विभाग तक सीधे पहुंचाने के लिए प्रयोग किये गये साफ्टवेयर ने अपना काम कर दिया है। जिन लोगों ने नोट बंदी के बाद चार लाख रूपये से ज्यादा बैंक में रकम जमा की है, उन सभी के पास आटोमेटिक आनलाइन नोटिस पहुंच गये हैं। जिसका जवाब देने के लिए लोग अपने सीए और अधिवक्ताओं के साथ जुटे हुए हैं। अंतिम तिथि निकल जाने के बाद भी जवाब तैयार हो रहे हैं।
नोटबंदी से पहले ही आयकर विभाग ने सभी बैंकों के ग्राहकों का खाता आनलाइन कराकर अपने साथ जोड़ लिया था। इसके लिए सभी बैंकों ने कई सॉफ्टवेयर कंपनियों के साथ टाईअप किया था। नोटबंदी में लोगों ने अपने बैंक खातों में जमकर धन जमा किया। यह भी तय था कि यदि बैंक में ढाई लाख रूपये से ऊपर की धनराशि जमा की जायेगी तो आयकर विभाग ग्राहक से पूछ सकता है कि उनके पास यह पैसा कहां से आया? इसी के तहत जनपद में करीब 18 लाख नोटिस जारी हुए हैं।
सॉफ्टवेयर ने सीधे जारी किये नोटिस
ऐसे ग्राहक जिनके पास पेनकार्ड हैं और खाते में ज्यादा रकम जमा हुई है। साफ्टवेयर के जरिये उन लोगों को ऑनलाइन नोटिस जारी हो चुके हैं। जैसे ही पेनकार्ड धारक अपने पेन से लॉग इन करेगा, उसे तुरंत नोटिस नजर आयेगा। आयकर विभाग ने पहले नोटिस का जवाब देने की डेट 10 फरवरी तय की थी, जिसे बढ़ाकर बाद में 15 फरवरी कर दिया गया। लेकिन कुछ लोग अभी भी जवाब दे रहे हैं।
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जवाब संतोषजनक न होने पर दोबार जारी होगा नोटिस
आयकर विभाग प्राप्त हुए नोटिस के जवाब का परीक्षण करने में जुट गया है। सीए अभिषेक गोयल के अनुसार जिनके जवाब नहीं आये हैं या जो जवाब प्राप्त हुए हैं और विभाग उनसे संतुष्ट नहीं है तो उन्हें दोबारा नोटिस जारी किया जायेगा। इसमें सबसे अहम बात ये है कि किसी भी व्यक्ति को परेशानी न हो, इसके लिए आयकर विभाग ने मैनुअल नोटिस जारी न कर ऑनलाइन नोटिस और ऑनलाइन जवाब की प्रक्रिया अपनायी है। अभिषेक गोयल ने बताया कि आयकर विभाग ने बहुत ही सरल प्रक्रिया अपनायी है, जिससे लोगों को कोई परेशानी नोटिस का जवाब देने में नहीं आ रही है।
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नोटबंदी से पहले ही आयकर विभाग ने सभी बैंकों के ग्राहकों का खाता आनलाइन कराकर अपने साथ जोड़ लिया था। इसके लिए सभी बैंकों ने कई सॉफ्टवेयर कंपनियों के साथ टाईअप किया था। नोटबंदी में लोगों ने अपने बैंक खातों में जमकर धन जमा किया। यह भी तय था कि यदि बैंक में ढाई लाख रूपये से ऊपर की धनराशि जमा की जायेगी तो आयकर विभाग ग्राहक से पूछ सकता है कि उनके पास यह पैसा कहां से आया? इसी के तहत जनपद में करीब 18 लाख नोटिस जारी हुए हैं।
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सॉफ्टवेयर ने सीधे जारी किये नोटिस
ऐसे ग्राहक जिनके पास पेनकार्ड हैं और खाते में ज्यादा रकम जमा हुई है। साफ्टवेयर के जरिये उन लोगों को ऑनलाइन नोटिस जारी हो चुके हैं। जैसे ही पेनकार्ड धारक अपने पेन से लॉग इन करेगा, उसे तुरंत नोटिस नजर आयेगा। आयकर विभाग ने पहले नोटिस का जवाब देने की डेट 10 फरवरी तय की थी, जिसे बढ़ाकर बाद में 15 फरवरी कर दिया गया। लेकिन कुछ लोग अभी भी जवाब दे रहे हैं।
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जवाब संतोषजनक न होने पर दोबार जारी होगा नोटिस
आयकर विभाग प्राप्त हुए नोटिस के जवाब का परीक्षण करने में जुट गया है। सीए अभिषेक गोयल के अनुसार जिनके जवाब नहीं आये हैं या जो जवाब प्राप्त हुए हैं और विभाग उनसे संतुष्ट नहीं है तो उन्हें दोबारा नोटिस जारी किया जायेगा। इसमें सबसे अहम बात ये है कि किसी भी व्यक्ति को परेशानी न हो, इसके लिए आयकर विभाग ने मैनुअल नोटिस जारी न कर ऑनलाइन नोटिस और ऑनलाइन जवाब की प्रक्रिया अपनायी है। अभिषेक गोयल ने बताया कि आयकर विभाग ने बहुत ही सरल प्रक्रिया अपनायी है, जिससे लोगों को कोई परेशानी नोटिस का जवाब देने में नहीं आ रही है।