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विकास की राह में ठंडा पड़ा ‘आवास’
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 17 Jul 2016 02:00 AM IST
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बिल्डिंग की फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला
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मेरठ शहर के विकास को किसी जमाने में नई दिशा देने वाला आवास विकास परिषद इन दिनों ठंडा पड़ा है। आवास विकास की अर्से से ऐसी कोई योजना लांच नहीं हो पाई है, जिसे लोगों ने हाथाें हाथ लिया हो। हैरत की बात यह है कि जागृति विहार एक्सटेंशन में लाख मशक्कत के बावजूद 500 आवासों का रजिस्ट्रेशन ही नहीं हो पाया। इस बाबत अब नए सिरे से कवायद करने की बात कही जा रही है।
आवास विकास परिषद ने बसाया था नया शहर
आवास विकास परिषद का शहर के विकास में अहम योगदान रहा है। शास्त्रीनगर जैसी विशाल योजना डेवलप कर परिषद ने यहां विकास को एक नई दिशा दी थी। जागृति विहार भी सुपरहिट योजना रही। इसके अलावा ट्रांसपोर्ट नगर ने भी खूब नाम कमाया। माधवपुरम सबसे बाद की ऐसी योजना रहीं जिसमें आवास विकास परिषद को खूब मुनाफा हुआ।
विवादों में रही योजना
माधवुरम के बाद परिषद ने जागृति विहार एक्सटेंशन योजना को लांच किया। यह योजना शुरू में ही विवादों में फंस गई। किसानों ने यहां फ्लैटों का निर्माण रोक दिया। बाद में निर्माण हुआ और अब रजिस्ट्रेशन खोले गए तो भी 500 फ्लैट ऐसे बच गए हैं, जिनके लिए किसी ने रजिस्ट्रेशन किया ही नहीं।
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जागृति विहार एक्सटेंशन
पहले 1584 आवास थे, जिनमें 1100 बुक हो गए थे। बचे हुए आवासों के लिए बुकिंग खोली गई थी। बाद में अन्य फ्लैट भी बना गए और लगभग ढाई हजार फ्लैट का रजिस्ट्रेशन खोला गया। इनमें से अभी पांच सौ फ्लैट खाली रह गए हैं यानी उनका रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ है।
यह रही कीमत
कैटगरी - ग्राउंड प्लस तीन
64 मीटर का आवास - 19.5 लाख
57 मीटर का आवास - 16 लाख
32 मीटर का आवास - 9 लाख
सौ मीटर के आवास (दस मंजिला टॉवर में) - कीमत - 28 लाख
127 वर्ग मीटर आवास (दस मंजिला टॉवर में) - 33 लाख
अस्सी मीटर आवास (सुपर एमआईजी छह मंजिला) - तीस लाख
सिंग्लेक्स और डूप्लेक्स अभी सपना
इसी योजना में आवास विकास परिषद ने सिंग्लेक्स और डूप्लेक्स बनाने का भी प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा था। लेकिन यह प्रस्ताव अभी अटका है। यहां के अधिकारियाें का कहना है कि यहां सिंग्लेक्स और डूप्लेक्स बनेंगे तो फ्लैट भी बिक जाएंगे और योजना परवान चढ़ सकेगी। शासन ने इसे मंजूरी नहीं दी है। तर्क है कि जब फ्लैट ही नहीं बेचे जा सके हैं तो सिंग्लेक्स और डूप्लेक्स कैसे बेचे जा सकेंगे।
फिर रजिस्ट्रेशन खोलने की तैयारी
19 जुलाई को लखनऊ में परिषद की बैठक है। इसमें प्रस्ताव रखा जा रहा है कि एक बार और रजिस्ट्रेशन खोले जाएं। उम्मीद है कि इस बार शत प्रतिशत आवासों के रजिस्ट्रेशन हो जाएंगे। इस बाबत प्रस्ताव को अंतिम रूप दे दिया है, ताकि यहां मजबूती से पक्ष रखा जा सके।
बेहतर योजना के लिए जमीन नहीं मिल रही है। जागृति विहार एक्सटेंशन में रजिस्ट्रेशन एक बार और खोलने की कवायद की जा रही है। सिंग्लेक्स और डूप्लेक्स का प्रस्ताव शासन स्तर पर लंबित है। वहां से मंजूरी मिलते ही काम शुरू हो जाएग। - अरविंद कुमार, एसई, आवास विकास परिषद
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आवास विकास परिषद ने बसाया था नया शहर
आवास विकास परिषद का शहर के विकास में अहम योगदान रहा है। शास्त्रीनगर जैसी विशाल योजना डेवलप कर परिषद ने यहां विकास को एक नई दिशा दी थी। जागृति विहार भी सुपरहिट योजना रही। इसके अलावा ट्रांसपोर्ट नगर ने भी खूब नाम कमाया। माधवपुरम सबसे बाद की ऐसी योजना रहीं जिसमें आवास विकास परिषद को खूब मुनाफा हुआ।
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विवादों में रही योजना
माधवुरम के बाद परिषद ने जागृति विहार एक्सटेंशन योजना को लांच किया। यह योजना शुरू में ही विवादों में फंस गई। किसानों ने यहां फ्लैटों का निर्माण रोक दिया। बाद में निर्माण हुआ और अब रजिस्ट्रेशन खोले गए तो भी 500 फ्लैट ऐसे बच गए हैं, जिनके लिए किसी ने रजिस्ट्रेशन किया ही नहीं।
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जागृति विहार एक्सटेंशन
पहले 1584 आवास थे, जिनमें 1100 बुक हो गए थे। बचे हुए आवासों के लिए बुकिंग खोली गई थी। बाद में अन्य फ्लैट भी बना गए और लगभग ढाई हजार फ्लैट का रजिस्ट्रेशन खोला गया। इनमें से अभी पांच सौ फ्लैट खाली रह गए हैं यानी उनका रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ है।
यह रही कीमत
कैटगरी - ग्राउंड प्लस तीन
64 मीटर का आवास - 19.5 लाख
57 मीटर का आवास - 16 लाख
32 मीटर का आवास - 9 लाख
सौ मीटर के आवास (दस मंजिला टॉवर में) - कीमत - 28 लाख
127 वर्ग मीटर आवास (दस मंजिला टॉवर में) - 33 लाख
अस्सी मीटर आवास (सुपर एमआईजी छह मंजिला) - तीस लाख
सिंग्लेक्स और डूप्लेक्स अभी सपना
इसी योजना में आवास विकास परिषद ने सिंग्लेक्स और डूप्लेक्स बनाने का भी प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा था। लेकिन यह प्रस्ताव अभी अटका है। यहां के अधिकारियाें का कहना है कि यहां सिंग्लेक्स और डूप्लेक्स बनेंगे तो फ्लैट भी बिक जाएंगे और योजना परवान चढ़ सकेगी। शासन ने इसे मंजूरी नहीं दी है। तर्क है कि जब फ्लैट ही नहीं बेचे जा सके हैं तो सिंग्लेक्स और डूप्लेक्स कैसे बेचे जा सकेंगे।
फिर रजिस्ट्रेशन खोलने की तैयारी
19 जुलाई को लखनऊ में परिषद की बैठक है। इसमें प्रस्ताव रखा जा रहा है कि एक बार और रजिस्ट्रेशन खोले जाएं। उम्मीद है कि इस बार शत प्रतिशत आवासों के रजिस्ट्रेशन हो जाएंगे। इस बाबत प्रस्ताव को अंतिम रूप दे दिया है, ताकि यहां मजबूती से पक्ष रखा जा सके।
बेहतर योजना के लिए जमीन नहीं मिल रही है। जागृति विहार एक्सटेंशन में रजिस्ट्रेशन एक बार और खोलने की कवायद की जा रही है। सिंग्लेक्स और डूप्लेक्स का प्रस्ताव शासन स्तर पर लंबित है। वहां से मंजूरी मिलते ही काम शुरू हो जाएग। - अरविंद कुमार, एसई, आवास विकास परिषद